OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.6-Cyber, खोजेगा Zero-Day बग्स

OpenAI ने लॉन्च किया GPT-5.6-Cyber, खोजेगा Zero-Day बग्स

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August 11, 2026

GPT-5.6-Cyber: OpenAI ने साइबर सुरक्षा रिसर्च के लिए नया GPT-5.6-Cyber मॉडल लॉन्च किया है। इसे अभी आम यूजर्स के लिए नहीं खोला गया है। मॉडल का इस्तेमाल केवल मंजूर सुरक्षा शोधकर्ताओं और अधिकृत संस्थाओं को Daybreak Red कार्यक्रम के तहत मिलेगा।

OpenAI ने GPT-5.6-Cyber किया लॉन्च, जानिए यह AI मॉडल साइबर खामियां खोजने में कैसे मदद करेगा।

GPT-5.6-Cyber क्या है?

GPT-5.6-Cyber को खास तौर पर एडवांस साइबर सुरक्षा रिसर्च के लिए तैयार किया गया है। यह पहले से अज्ञात सुरक्षा खामियां खोजने, एक्सप्लॉइट की जांच करने और कई कमजोरियों को जोड़कर टेस्ट करने जैसे काम कर सकता है। OpenAI ने Daybreak को दो स्तरों में बांटा है। Daybreak Blue में GPT-5.6 Sol का इस्तेमाल कोड रिव्यू, मैलवेयर जांच, घटना पर प्रतिक्रिया और पैच चेकिंग जैसे सामान्य सुरक्षा कामों में होता है। वहीं, Daybreak Red में GPT-5.6-Cyber मिलता है। इसमें ज्यादा संवेदनशील काम जैसे एडवांस्ड वल्नरेबिलिटी रिसर्च, एक्सप्लॉइट टेस्टिंग और अधिकृत पेनिट्रेशन टेस्टिंग शामिल हैं।

95% साइबर रिक्वेस्ट पूरी करने का दावा

OpenAI के मुताबिक, उसके आंतरिक Advanced Cybersecurity Completion Rate टेस्ट में GPT-5.6-Cyber ने 95% रिक्वेस्ट पूरी कीं। तुलना में GPT-5.6 Sol ने सामान्य सुरक्षा व्यवस्था में 1.5% और Daybreak Blue के जरिए 2% रिक्वेस्ट पूरी कीं। GPT-5.5-Cyber का आंकड़ा 57.3% रहा। यानी नया मॉडल एडवांस साइबर कामों को संभालने में काफी ज्यादा सक्षम बताया जा रहा है।

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Chrome की V8 में खोजीं नई खामियां

सबसे अहम बात मॉडल के वास्तविक इस्तेमाल को लेकर है। OpenAI के शोधकर्ताओं ने GPT-5.6-Cyber की मदद से Google Chrome में इस्तेमाल होने वाले V8 JavaScript इंजन की जांच की। कंपनी के मुताबिक, मॉडल ने 2 पहले से अज्ञात कमजोरियां खोजने में मदद की। इन्हें जोड़कर मेमोरी करप्शन और V8 के हीप सैंडबॉक्स से बाहर निकलने जैसी स्थिति पैदा हो सकती थी।

OpenAI ने इन खामियों की जानकारी Google को दी। इनमें से एक को CVE-2026-15903 के तौर पर ठीक किया गया है। कंपनी के मुताबिक, मॉडल ने एक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, डेटाबेस और ऑपरेटिंग सिस्टम कर्नेल में भी सुरक्षा समस्याएं पहचानने में मदद की है। कुछ मामलों में अभी जांच और पैचिंग जारी है।

आम लोगों को क्यों नहीं मिलेगा मॉडल?

GPT-5.6-Cyber की क्षमता सुरक्षा के साथ जोखिम भी बढ़ाती है। यही वजह है कि OpenAI ने इसकी पहुंच सीमित रखी है। कंपनी ने इसे अपने Preparedness Framework में साइबर सुरक्षा क्षमता के High स्तर पर रखा है। हालांकि, यह अभी Critical स्तर से नीचे है। Daybreak Red के यूजर्स को पहचान और अकाउंट जांच से गुजरना होगा। उन्हें तय नियम मानने होंगे और निगरानी के लिए सहमति देनी होगी। 1 सितंबर 2026 से व्यक्तिगत Daybreak अकाउंट के लिए हार्डवेयर सिक्योरिटी की भी जरूरत होगी।

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GPT-5.6-Cyber साइबर सुरक्षा में AI के बढ़ते इस्तेमाल की बड़ी मिसाल है। यह सुरक्षा खामियां जल्दी खोजने में मदद कर सकता है, लेकिन इसकी ताकत का गलत इस्तेमाल न हो, इसलिए OpenAI ने इसकी पहुंच कड़ी निगरानी के साथ सीमित रखी है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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