साइबर अपराधियों ने बेचे करोड़ों ‘वर्ल्ड कप’ स्ट्रीमिंग अकाउंट्स

साइबर अपराधियों ने बेचे करोड़ों ‘वर्ल्ड कप’ स्ट्रीमिंग अकाउंट्स

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July 20, 2026

World Cup 2026: क्या आप भी सस्ते में FIFA World Cup 2026 देखने के लिए ऑनलाइन स्ट्रीमिंग अकाउंट खरीदने की सोच रहे हैं? ऐसा करना आपके लिए भारी पड़ सकता है। ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर अपराधी वर्ल्ड कप के नाम पर चोरी किए गए लाखों स्ट्रीमिंग अकाउंट डार्क वेब पर बेच रहे हैं। इससे दुनियाभर के करोड़ों दर्शकों की ऑनलाइन सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।

FIFA World Cup 2026 के दौरान साइबर अपराधियों ने 1.2 करोड़ से ज्यादा स्ट्रीमिंग अकाउंट चोरी कर डार्क वेब पर बेच दिए।

12 मिलियन से ज्यादा अकाउंट चोरी, करोड़ों का काला कारोबार

साइबर सुरक्षा कंपनी HUMAN Security की Satori Threat Intelligence टीम के अनुसार, 10 प्रमुख स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म के 1.2 करोड़ (12 मिलियन) से अधिक अकाउंट चोरी कर डार्क वेब पर बेचे जा रहे हैं। इस पूरे अवैध कारोबार की अनुमानित कीमत करीब 220 मिलियन डॉलर बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, 27 जून को सबसे ज्यादा 8.02 लाख चोरी किए गए अकाउंट ऑनलाइन बेचे गए। इनकी काला बाजारी कीमत लगभग 14.8 मिलियन डॉलर आंकी गई।

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सिर्फ 5 डॉलर में बिक रहे हैं चोरी के अकाउंट

हैरानी की बात यह है कि ये चोरी किए गए स्ट्रीमिंग अकाउंट सिर्फ 5 डॉलर में बेचे जा रहे हैं, जबकि इनकी असली सदस्यता 30 से 50 डॉलर तक की होती है। कुछ साइबर अपराधी इन अकाउंट के साथ जुड़े पेमेंट कार्ड, प्रीमियम सब्सक्रिप्शन, लॉयल्टी पॉइंट और एक्सेस खत्म होने पर रिप्लेसमेंट की गारंटी तक देने का दावा कर रहे हैं। वर्ल्ड कप के दौरान सस्ते विकल्प तलाशने वाले यूजर्स को ऐसे ऑफर तेजी से निशाना बना रहे हैं।

कैसे हो रही है अकाउंट की चोरी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, अधिकतर अकाउंट दो तरीकों से चोरी किए जा रहे हैं।

  • Credential Stuffing, जिसमें एक वेबसाइट से चोरी किए गए यूजरनेम और पासवर्ड दूसरी साइट पर आजमाए जाते हैं।
  • Info-Stealing Malware, जो संक्रमित डिवाइस से सेव किए गए लॉगिन और पासवर्ड चुरा लेता है।
  • स्ट्रीमिंग कंपनियां संदिग्ध लॉगिन पर लगातार नजर रख रही हैं। वहीं, कई देशों की एजेंसियां ऐसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई भी कर रही हैं।

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FIFA World Cup 2026 के दौरान सस्ते स्ट्रीमिंग ऑफर के लालच में आने से बचें। हमेशा आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल करें और अपने सभी ऑनलाइन अकाउंट के लिए मजबूत पासवर्ड व Two-Factor Authentication जैसी सुरक्षा सुविधाएं जरूर अपनाएं। थोड़ी सी सावधानी आपकी निजी जानकारी और बैंकिंग डेटा को सुरक्षित रख सकती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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