UK Crypto Tax: क्या अब क्रिप्टो लोन या DeFi प्लेटफॉर्म में कॉइन ट्रांसफर करने पर तुरंत टैक्स नहीं देना पड़ेगा? यूके सरकार ने Crypto Tax नियमों में बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। नए प्रस्ताव के तहत योग्य क्रिप्टो लेंडिंग और DeFi लिक्विडिटी पूल में डिजिटल एसेट ट्रांसफर को फिलहाल टैक्स योग्य लेनदेन नहीं माना जाएगा। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो नियम 6 अप्रैल 2027 से लागू होंगे।
यूके में क्रिप्टो टैक्स को आसान बनाने की तैयारी, नए प्रस्ताव के तहत योग्य DeFi और क्रिप्टो लेंडिंग ट्रांजैक्शन पर टैक्स बाद में देना होगा।
क्या है सरकार का नया प्रस्ताव?
यूके के HM Revenue & Customs (HMRC) ने सुझाव दिया है कि योग्य क्रिप्टो लोन और लिक्विडिटी पूल में किए गए ट्रांसफर को “No Gain, No Loss (NGNL)” माना जाए। इसका मतलब यह नहीं है कि टैक्स खत्म हो जाएगा। इसका मतलब सिर्फ इतना होगा कि निवेशक को उस समय Capital Gains Tax (CGT) नहीं देना होगा। टैक्स तभी लगेगा, जब वह भविष्य में अपनी क्रिप्टो संपत्ति को वास्तव में बेचेंगे या किसी टैक्स योग्य लेनदेन में इस्तेमाल करेंगे।
निवेशकों को कैसे मिलेगा फायदा?
HMRC का कहना है कि मौजूदा नियमों में कई बार सिर्फ क्रिप्टो ट्रांसफर को भी टैक्स योग्य माना जाता है, जबकि निवेशक अपनी संपत्ति पर आर्थिक रूप से नियंत्रण बनाए रखते हैं।
नए नियम लागू होने के बाद फायदा इन लोगों को मिलेगा:
- व्यक्तिगत निवेशक
- ट्रस्टी
- योग्य क्रिप्टो लेंडिंग और DeFi लिक्विडिटी पूल में भाग लेने वाले निवेशक
हालांकि, यह राहत हर क्रिप्टो ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगी। सिर्फ वही लेनदेन शामिल होंगे जो सरकार की तय शर्तों को पूरा करेंगे।
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अब आगे क्या होगा?
HMRC ने इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट कानून जारी कर तकनीकी सुझाव मांगे हैं। सभी प्रतिक्रियाओं की समीक्षा के बाद अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे। सरकार की योजना के मुताबिक नए टैक्स नियम 6 अप्रैल 2027 से लागू किए जा सकते हैं। यह कदम यूके की उस बड़ी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत क्रिप्टो और DeFi से जुड़े टैक्स नियमों को अधिक स्पष्ट और निवेशकों के लिए आसान बनाया जा रहा है।
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अगर यह प्रस्ताव कानून बनता है, तो यूके के क्रिप्टो निवेशकों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे DeFi और क्रिप्टो लेंडिंग में भाग लेने वाले निवेशकों पर तत्काल टैक्स का बोझ नहीं पड़ेगा और टैक्स केवल वास्तविक मुनाफा होने पर ही देना होगा।
