Humanity Protocol: क्या सिर्फ कीमत बढ़ने से किसी क्रिप्टो प्रोजेक्ट पर निवेशकों का भरोसा वापस आ जाता है? फिलहाल Humanity Protocol H Token को लेकर यही सवाल उठ रहा है। पिछले सप्ताह 36 मिलियन डॉलर की बड़ी हैकिंग का शिकार होने के बाद H टोकन में जोरदार गिरावट आई थी। अब ताज़ा कारोबार में यह टोकन करीब 43% उछल गया है, लेकिन बाजार के जानकार इसे स्थायी रिकवरी नहीं मान रहे हैं। शुक्रवार को H टोकन की कीमत करीब 0.217 डॉलर तक पहुंच गई। वहीं, 24 घंटे का ट्रेडिंग वॉल्यूम बढ़कर 104 मिलियन डॉलर के आसपास पहुंच गया। हालांकि, इस तेजी के पीछे कोई बड़ा सकारात्मक ऐलान नहीं दिख रहा है।
क्या H Token की रिकवरी टिक पाएगी? Humanity Protocol हैक के बाद 90% गिरावट से 43% उछाल तक की पूरी कहानी जानें।
हैक के बाद क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट?
Humanity Protocol को 8 और 9 जून के बीच बड़ा झटका लगा था। निजी कुंजी (Private Key) से जुड़ी सुरक्षा चूक के कारण हमलावरों ने सिस्टम में सेंध लगाई और 36 मिलियन डॉलर से ज्यादा की संपत्ति निकाल ली। इस घटना के बाद H टोकन की कीमत करीब 85% तक टूट गई। टोकन, जो पहले लगभग 0.73 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, गिरकर 0.05 से 0.08 डॉलर के बीच पहुंच गया। यह इस साल की सबसे बड़ी क्रिप्टो गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
43% की तेजी, लेकिन अभी भी कई खतरे बाकी
हालिया उछाल निवेशकों को राहत जरूर दे रहा है, लेकिन स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह तेजी मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स की खरीदारी का असर हो सकती है। सबसे बड़ी चिंता सप्लाई को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलावर के पास अभी भी करीब 111 मिलियन H टोकन मौजूद हैं, जिनकी मौजूदा कीमत लगभग 14 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। अगर ये टोकन बाजार में बिकते हैं तो कीमत पर दबाव बढ़ सकता है।
25 जून पर टिकी बाजार की नजर
Humanity Protocol के सामने एक और चुनौती जल्द आने वाली है। 25 जून को करीब 266 मिलियन H टोकन अनलॉक होने वाले हैं। इन टोकन की अनुमानित कीमत लगभग 28 मिलियन डॉलर बताई जा रही है। ये टोकन फाउंडेशन रिजर्व, रणनीतिक फंड और निवेशकों के लिए आवंटित हैं। इतनी बड़ी मात्रा में नई सप्लाई आने से बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है। विश्लेषक फिलहाल 0.20 डॉलर से 0.25 डॉलर के दायरे को महत्वपूर्ण मान रहे हैं। यदि टोकन इस स्तर पर टिकता है तो निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक लौट सकता है।
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क्या भरोसा वापस जीत पाएगा Humanity Protocol?
कीमत में तेजी के बावजूद सबसे बड़ा सवाल विश्वास का है। जांच में सामने आया कि एक कर्मचारी के लैपटॉप में कई निजी कुंजियां सुरक्षित थीं, जिससे हमलावरों को सिस्टम तक पहुंच मिली। कंपनी ने घटना के बाद अपना ब्रिज बंद कर दिया, 1 मिलियन डॉलर का बाउंटी प्रोग्राम शुरू किया और कहा कि बरामद फंड का उपयोग H टोकन वापस खरीदने में किया जाएगा। इसके बावजूद समुदाय के एक हिस्से में संदेह बना हुआ है।
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Humanity Protocol H Token में आई 43% की तेजी फिलहाल राहत जरूर देती है, लेकिन संकट पूरी तरह टला नहीं है। आने वाले दिनों में हैकर के वॉलेट, टोकन अनलॉक और कंपनी की रिकवरी योजना ही तय करेगी कि यह उछाल नई शुरुआत है या सिर्फ अस्थायी राहत।
