White House Crypto Regulation: अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी इंडस्ट्री को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। White House अब डिजिटल एसेट्स के लिए साफ और मजबूत नियम बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि Digital Asset Market Clarity Act (CLARITY Act) को 4 जुलाई तक पूरी तरह पास करा लिया जाए। यह जानकारी Consensus Miami इवेंट में बुधवार को दी गई।
अमेरिकी अधिकारी विट (Witt) ने बताया कि सीनेट बैंकिंग कमेटी इस महीने बिल पर चर्चा शुरू कर सकती है। इसके बाद जून में सीनेट में वोटिंग कराई जाएगी, ताकि 4 जुलाई से पहले अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी House of Representatives भी इसे मंजूरी दे सके।
क्या अमेरिका 4 जुलाई तक क्रिप्टो को कानूनी दर्जा दे देगा? White House का बड़ा ऐलान हो गया है, जानें CLARITY Act की पूरी कहानी और इसका भारत पर क्या असर होगा।
Stablecoin विवाद पर बनी सहमति
क्रिप्टो बाजार में लंबे समय से Stablecoin yield को लेकर विवाद चल रहा था। अब इस मुद्दे पर दोनों पार्टियों के नेताओं के बीच समझौता हो गया है। रिपब्लिकन सीनेटर थॉमस रोलैंड टिलिस और डेमोक्रेट सीनेटर एंजेला डेनीस ऑल्सब्रूक्स ने मिलकर नया रास्ता निकाला है।
समझौते के अनुसार, Stablecoin पर बैंक डिपॉजिट जैसी ब्याज सुविधा नहीं मिलेगी, लेकिन Activity-Based Rewards जारी रहेंगे। इस फैसले से बैंक और क्रिप्टो कंपनियां दोनों पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं, लेकिन प्रशासन इसे संतुलित फैसला मान रहा है। विट ने कहा, क्रिप्टो इंडस्ट्री भी पूरी तरह खुश नहीं है और बैंक भी नहीं इसलिए लगता है कि सही समझौता हुआ है।
CLARITY Act क्या है?
CLARITY Act का मकसद अमेरिका में क्रिप्टो बाजार के लिए साफ नियम तय करना है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं था कि कौन-सी डिजिटल एसेट SEC के तहत आएगी और कौन-सी CFTC के नियंत्रण में होगी। नए बिल के तहत Bitcoin जैसी डिजिटल कमोडिटी को CFTC के दायरे में रखा जाएगा। वहीं, निवेश से जुड़ी डिजिटल एसेट्स पर SEC की निगरानी रहेगी। इसके अलावा बिल में Crypto Exchanges, Brokers और Dealers के लिए रजिस्ट्रेशन नियम भी तय किए जाएंगे। DeFi Developers और Validators को कुछ कानूनी सुरक्षा देने की भी तैयारी है।
4 जुलाई की तारीख क्यों अहम है?
अमेरिकी प्रशासन इस बिल को 4 जुलाई से पहले पास कराना चाहता है। यह समय अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ के आसपास का खास मौका माना जा रहा है। अगर यह बिल जुलाई तक पास नहीं हुआ, तो बाद में संसद का शेड्यूल काफी व्यस्त हो जाएगा। अगस्त के बाद बजट, सुरक्षा और दूसरे बड़े मुद्दों पर काम शुरू हो जाएगा, जिससे क्रिप्टो बिल को समय मिलना मुश्किल हो सकता है।
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अभी भी बाकी हैं दो बड़े मुद्दे
प्रशासन तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन अभी दो अहम मुद्दों पर बातचीत जारी है। पहला मुद्दा Section 1960 से जुड़ा है। इसमें यह तय होना बाकी है कि Non-Custodial Wallet Providers और Software Developers को Money Transmitter माना जाए या नहीं।
दूसरा बड़ा मुद्दा Ethics Rules का है। डेमोक्रेट सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड ने कहा है कि बिना Ethics Provision के वह इस बिल का समर्थन नहीं करेंगी।
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बाजार में दिखा असर
इस खबर के बाद क्रिप्टो बाजार में तेजी देखने को मिली। Bitcoin की कीमत 80,000 डॉलर के ऊपर पहुंच गई। वहीं, Spot Bitcoin ETF में भी भारी निवेश दर्ज किया गया। ब्रैड गार्लिंगहाउस ने इसे क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए बड़ा सकारात्मक बदलाव बताया। वहीं, सिंथिया मैरी लुमिस ने कहा कि CLARITY Act अब अमेरिकी कांग्रेस की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हो चुका है।
