SBI Crypto Expansion: जापान की प्रमुख फाइनेंशियल कंपनी SBI Holdings ने क्रिप्टो सेक्टर में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने जापानी क्रिप्टो एक्सचेंज Bitbank को खरीदने के लिए बातचीत शुरू कर दी है। इसके लिए SBI ने लेटर ऑफ इंटेंट भेजा है और अब निवेश व साझेदारी को लेकर चर्चा जारी है। अगर यह डील पूरी होती है, तो Bitbank, SBI की सब्सिडियरी बन सकता है। हालांकि, इसके लिए जापान के रेगुलेटर्स की मंजूरी और जरूरी जांच पूरी होना जरूरी है।
जापान की SBI Holdings, Bitbank में निवेश और अधिग्रहण की योजना बना रही, सख्त नियमों के बीच कंपनी अपने डिजिटल एसेट बिजनेस को और बड़ा करने पर फोकस कर रही है।
क्रिप्टो बिजनेस को मजबूत करने की तैयारी
SBI Holdings का मकसद Bitbank को अपने मौजूदा क्रिप्टो बिजनेस में शामिल करना है। इससे कंपनी अपने सभी डिजिटल एसेट ऑपरेशन्स को ज्यादा बेहतर और संगठित तरीके से चला सकेगी। Bitbank जापान का एक भरोसेमंद क्रिप्टो एक्सचेंज माना जाता है क्योंकि इसके शुरू होने के बाद से अब तक कोई बड़ा सिक्योरिटी ब्रीच सामने नहीं आया है।
डील की टाइमलाइन और कीमत अभी साफ नहीं
कंपनी ने बताया है कि वह Bitbank के शेयर खरीदने की योजना बना रही है, लेकिन डील कब तक पूरी होगी और इसकी कीमत क्या होगी, इस पर अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। SBI पहले से ही अपने क्रिप्टो कारोबार को व्यवस्थित कर रही है। इसमें SBI VC Trade और Bitpoint Japan जैसे प्लेटफॉर्म्स को जोड़कर अपने डिजिटल एसेट बिजनेस को मजबूत बनाया जा रहा है।
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जापान में सख्त नियमों का असर
जापान में क्रिप्टो सेक्टर काफी सख्त नियमों के तहत काम करता है। यहां JPYC जैसे स्टेबलकॉइन को मनी ट्रांसफर नियमों में रखा गया है, जिससे उन पर कड़ी निगरानी रहती है। साथ ही, Financial Instruments and Exchange Act में बदलाव के बाद कंपनियों के लिए ज्यादा जानकारी देना और नियमों का पालन करना जरूरी हो गया है। नियम तोड़ने पर सख्त सजा भी दी जा सकती है।
क्रिप्टो अब फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट की तरह
जापान ने अब क्रिप्टो एसेट्स को वित्तीय साधनों के रूप में मानना शुरू कर दिया है। इससे इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक लगी है और बिना लाइसेंस के चल रहे ऑपरेशन्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। नतीजतन, एक्सचेंजों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, और पूरे सेक्टर में पारदर्शिता लाने के प्रयास चल रहे हैं।
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ग्लोबल विस्तार पर भी फोकस
SBI सिर्फ जापान तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी पहले ही सिंगापुर की क्रिप्टो कंपनी Coinhako में हिस्सेदारी लेने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी का मानना है कि टोकनाइज्ड एसेट्स और स्टेबलकॉइन के लिए मजबूत डिजिटल सिस्टम बनाना भविष्य के लिए जरूरी है।
