India Satellite Service: Starlink ने Airtel Africa के साथ हाथ मिलाया है। इसका मकसद दूर-दराज इलाकों में इंटरनेट और मोबाइल कॉलिंग सपोर्ट देना है, जहां नेटवर्क कवरेज नहीं है। यह उन जगहों पर बहुत मददगार साबित होगा जहां नेटवर्क काम नहीं करते। इस तकनीक से आप नेटवर्क न होने वाले इलाके में भी कॉल कर पाएंगे, मैसेज भेज पाएंगे और ऑनलाइन चैट कर पाएंगे। इसके लिए आपको कोई स्पेशल डिवाइस नहीं चाहिए।
Starlink और Airtel Africa मिलकर दूरदराज इलाकों में इंटरनेट और कॉलिंग की सुविधा लाने जा रहे हैं। ‘डेड जोन’ में भी स्मार्टफोन से कॉल और मैसेज होंगे संभव।
Direct-to-Cell तकनीक कैसे काम करेगी
Starlink की Direct-to-Cell तकनीक से आपका स्मार्टफोन सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट होगा वो भी बिना किसी खास सैटेलाइट फोन के। यह तकनीक स्टैंडर्ड रेडियो फ्रीक्वेंसी पर काम करती है। बता दें कि अमेरिका में पहले ही इस तरह के ट्रायल किए जा चुके हैं, जहां लोकल कैरियर्स के साथ काम किया गया।
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Starlink के भारत लॉन्च की योजना
Starlink भारत में सर्विस लॉन्च करने से पहले पूरी रेगुलेटरी मंजूरी का इंतजार कर रहा है। फिलहाल, इसे अस्थायी मंजूरी मिली है, लेकिन फाइनल ग्रीन सिग्नल और स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट की जरूरत है। इस बीच कंपनी देश में बेस स्टेशन और इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। अगर यह सेवा भारत में शुरू होती है, तो यह डेड जोन खत्म कर सकती है, ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों में कनेक्टिविटी बढ़ा सकती है और इमरजेंसी कम्युनिकेशन को बेहतर बना सकती है।
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