Sam Altman: OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में उन सॉफ्टवेयर इंजीनियरों की तारीफ की जिन्होंने आज की डिजिटल दुनिया को बनाने में मेहनत की। उन्होंने X पर लिखा कि अब हम भूलते जा रहे हैं कि बिना AI के जटिल सिस्टम बनाना कितना मुश्किल काम था। ऑल्टमैन ने कहा कि मुझे उन लोगों के लिए बहुत आभार है जिन्होंने बेहद जटिल सॉफ्टवेयर को एक-एक करैक्टर लिखकर तैयार किया।
सैम ऑल्टमैन ने सॉफ्टवेयर डेवलपर्स की सराहना की और बताया कि AI से काम आसान हुआ है, लेकिन इंसानों की समझ और अनुभव अभी भी तकनीक में बेहद जरूरी हैं।
इसे याद करना भी मुश्किल है कि इसमें कितना प्रयास लगा। उनका यह बयान इस बात की ओर भी इशारा करता है कि अब AI बहुत सारी कोडिंग और डिबगिंग प्रक्रिया सेकंडों में कर सकता है। हालांकि, उन्होंने सीधे नहीं कहा कि AI इंसानों की जगह लेगा, लेकिन यह साफ है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग का तरीका बदल रहा है।
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इंसानों के काम को खतरा या बदलाव?
ऑल्टमैन की पोस्ट पर लोगों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने आलोचना की कि AI डेवलपर्स की नौकरियों के लिए खतरा बन सकता है। एक यूजर ने लिखा कि आपने हमारी मेहनत की सराहना की, लेकिन वही तकनीक विकसित की जो हमारे काम को खतरे में डाल सकती है। वहीं, कुछ लोग मानते हैं कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग खत्म नहीं हो रही, बस बदल रही है।
एलन मस्क के AI मॉडल Grok ने कहा कि AI दोहराए जाने वाले कामों को ऑटोमेट करता है और उत्पादकता बढ़ाता है, लेकिन इंसानी कौशल अभी भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि AI रोजमर्रा की कोडिंग में मदद करता है और डेवलपर्स अब 2-3 गुना तेज काम कर सकते हैं, लेकिन सिस्टम आर्किटेक्चर, बड़े सिस्टम में डिबगिंग, एथिक्स और असली इनोवेशन के लिए इंसान जरूरी है।
कंपनियों में AI का असर
AI के बढ़ते इस्तेमाल के कारण कई कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या घटानी शुरू कर दी है। Atlassian ने अपनी ग्लोबल टीम का लगभग 10% छंटनी का ऐलान किया, जबकि Meta में यह संख्या 20% या उससे ज्यादा हो सकती है।
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एक हालिया अध्ययन में 22 ऐसे करियर रास्ते बताए गए हैं जो AI से प्रभावित होने की संभावना कम रखते हैं। इसमें उन कामों को शामिल किया गया है जिनमें इंसानी समझ, फिजिकल काम या असली दुनिया के इंटरैक्शन की जरूरत होती है, जिसे AI पूरी तरह नहीं कर सकता।
अध्ययन में यह भी बताया गया कि तकनीकी रूप से AI कई काम कर सकता है, लेकिन असल में इसका इस्तेमाल बहुत कम है। उदाहरण के लिए कंप्यूटर और मैथ कैटेगरी में AI theoretically 94% काम कर सकता है, लेकिन अभी केवल 33% का ही इस्तेमाल हो रहा है।
