अमेरिका सरकार ने Intel में खरीदी 10% हिस्सेदारी, जानें क्या आएंगी चुनौतियां

अमेरिका सरकार ने Intel में खरीदी 10% हिस्सेदारी, जानें क्या आएंगी चुनौतियां

6 mins read
1.2K views
August 25, 2025

इस सौदे में कुल 8.9 अरब डॉलर का निवेश किया गया है। इसमें से 5.7 अरब डॉलर चिप्स एंड साइंस एक्ट से और 3.2 अरब डॉलर सिक्योर एन्क्लेव कार्यक्रम से लिए गए हैं।

Intel: अमेरिका सरकार ने चिप बनाने वाली बड़ी कंपनी Intel में 10% हिस्सेदारी खरीद ली है। यह सौदा ट्रंप ने पिछले हफ्ते घोषित किया। अब सरकार Intel की सबसे बड़ी शेयर हॉल्डर में शामिल हो गई है। खास बात यह है कि इस सौदे के लिए नई रकम खर्च नहीं हुई बल्कि पहले से दिए गए ग्रांट्स को शेयर में बदलकर यह निवेश किया गया है। ट्रंप ने अपनी सोशल नेटवर्क साइट Truth Social पर कहा कि अमेरिका ने इन शेयरों के लिए कुछ नहीं चुकाया। यह देश और Intel दोनों के लिए शानदार डील है।

निवेश और सोर्स

इस सौदे में कुल 8.9 अरब डॉलर का निवेश किया गया है। इसमें से 5.7 अरब डॉलर चिप्स एंड साइंस एक्ट से और 3.2 अरब डॉलर सिक्योर एन्क्लेव कार्यक्रम से लिए गए हैं। ट्रंप ने पहले चिप्स एक्ट की आलोचना की थी और इसे खत्म करने की बात भी कही थी। इंटेल ने पहले कहा था कि उसे 2.2 अरब डॉलर मिले हैं और 85 करोड़ डॉलर की प्रतिपूर्ति की मांग लंबित है।

सीईओ पर रुख में बदलाव

Intel के सीईओ लिप-बू टैन पर ट्रंप ने पहले इस्तीफे की मांग की थी क्योंकि उनका चीन से जुड़ा निवेश इतिहास रहा है लेकिन मुलाकात के बाद ट्रंप ने उन्हें Highly Respected CEO कहा और डील का श्रेय भी दिया। टैन ने भी सरकार का भरोसा जताने पर धन्यवाद किया।

क्या है शर्तें और इसका असर

सरकार की हिस्सेदारी पर कोई बोर्ड सीट या संचालन अधिकार नहीं होगा। हालांकि, पांच साल का वारंट दिया गया है जिससे सरकार भविष्य में और 5% हिस्सेदारी ले सकती है अगर Intel अपनी फाउंड्री का 49% से ज्यादा बेचता है। सरकार ने शेयर 20.47 डॉलर प्रति शेयर पर खरीदे जबकि बाजार भाव ज्यादा था। खबर के बाद शेयर 5% से ऊपर चढ़ गए।

READ MORE: टिम कुक ने ट्रंप को क्यों दिया खास गिफ्ट, क्या है आपकी राय?

ट्रंप के चहेते बन गए हैं Jensen Huang, जानें क्यों फीकी पड़ी Musk और Cook की डिमांड

क्या आएंगी चुनौतियां

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि चिप्स अधिनियम अनुदान को इक्विटी में बदलने की अनुमति नहीं देता है, इसलिए इस सौदे को अदालत में चुनौती दी जा सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार का सहारा मदद करेगा लेकिन सिर्फ पैसा ही Intel की समस्याएं नहीं सुलझा पाएगा। कंपनी को अभी भी Nvidia और AMD से कड़ी टक्कर मिल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 में Intel को 18.8 अरब डॉलर का घाटा हुआ है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

SpaceX ने आखिरी मिनट पर क्यों रोका Starship का टेस्ट
Previous Story

SpaceX ने आखिरी मिनट पर क्यों रोका Starship का टेस्ट

Samsung का One UI अब स्मार्ट होम अप्लायंसेस में
Next Story

Samsung का One UI अब स्मार्ट होम अप्लायंसेस में

Latest from Latest news

𝗔𝟭𝟲𝗭 का बड़ा दावा, 𝗖𝗟𝗔𝗥𝗜𝗧𝗬 𝗔𝗰𝘁 से 𝗫𝗥𝗣 को मिलेगा फायदा

XRP Price Prediction: क्या अमेरिका में नए क्रिप्टो कानून से XRP और पूरे डिजिटल एसेट बाजार की तस्वीर बदल सकती है? A16Z के सरकारी मामलों के प्रमुख ने हाल ही में एक चर्चा में कहा कि CLARITY Act के लागू होने से क्रिप्टो बाजार में संस्थागत निवेश की बड़ी लहर आ सकती है। उनका मानना है कि स्पष्ट नियम निवेशकों को लंबे समय के लिए बाजार में उतरने का भरोसा देंगे।  CLARITY Act से क्यों बढ़ेगा बाजार का भरोसा?  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, नियामकीय स्पष्टता सिर्फ नियम तय नहीं करती। यह वित्तीय संस्थानों को यह संकेत भी देती है कि सरकार ने किसी क्षेत्र को लेकर लंबी अवधि की नीति तय कर ली है। उन्होंने GENIUS Act का उदाहरण दिया। इस कानून के बाद स्टेबलकॉइन सेक्टर में नए नियम और मानक स्पष्ट हुए। इसके बाद स्टार्टअप्स और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की स्टेबलकॉइन में दिलचस्पी बढ़ी। उनका कहना है कि बड़े संस्थागत निवेशक ऐसे बाजार से दूरी बनाते हैं, जहां कानून या नियम अचानक बदल सकते हैं। स्पष्ट कानून इस अनिश्चितता को कम कर सकता है।  XRP को कैसे मिल सकता है फायदा?  चर्चा में XRP भी खास फोकस में रहा। XRP को लेकर अमेरिकी नियामकीय स्थिति पहले से दूसरे कई डिजिटल एसेट्स की तुलना में स्पष्ट मानी जाती है। कार्यकारी के अनुसार, CLARITY Act पास होने पर इसकी स्थिति को संघीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।   Digital Asset Investor ने कहा कि कानून बनने से बड़ी वित्तीय संस्थाओं के लिए XRP को एक अनुपालन योग्य और इस्तेमाल करने योग्य एसेट के रूप में देखना आसान हो सकता है। हालांकि, सिर्फ कानून पास होना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बाद नियामकों को नए नियम और औपचारिक दिशानिर्देश तैयार करने होंगे। तभी कानून को व्यवहार में पूरी तरह लागू किया जा सकेगा।  संस्थागत निवेश में आ सकता है बड़ा उछाल  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, बड़ी पारंपरिक वित्तीय कंपनियां काफी समय से क्रिप्टो बाजार पर नजर रख रही हैं। लेकिन स्पष्ट संघीय नियमों की कमी के कारण उन्होंने बड़े स्तर पर पूंजी लगाने से परहेज किया है। GENIUS Act के बाद स्टेबलकॉइन बाजार में बढ़ी संस्थागत भागीदारी को वह एक उदाहरण मानते हैं। इसी तरह CLARITY Act लागू होने पर क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ सकता है।  उन्होंने संभावित बदलाव को ‘Absolute
आज लॉन्च होगा Lava Virat V1 5G, बजट में मिलेगा 5G

आज लॉन्च होगा Lava Virat V1 5G, बजट में मिलेगा 5G

15 हजार रुपये से कम कीमत में Lava Virat V1 5G लॉन्च, जानिए फोन के फीचर्स, कैमरा और  बैटरी की जानकारी।  Lava Virat V1 5G: क्या 15 हजार रुपये से कम में नया 5G फोन तलाश रहे हैं? Lava आज भारतीय बाजार में अपना नया Lava Virat V1 5G लॉन्च करने जा रही है। फोन का लॉन्च दोपहर 12 बजे होगा। लॉन्च के बाद इसकी बिक्री Flipkart के जरिए शुरू होने की उम्मीद है। माइक्रोसाइट पर फोन के कई फीचर्स पहले ही सामने आ चुके हैं।  Lava Virat V1 5G में मिलेंगे ये फीचर्स  Lava Virat V1 5G को दो कलर ऑप्शन में पेश किया जाएगा। फोन में Unisoc T8200 प्रोसेसर दिया गया है। मल्टीटास्किंग के लिए इसमें 4GB RAM के साथ 4GB वर्चुअल RAM मिलेगी। स्टोरेज के लिए 64GB इंटरनल मेमोरी दी गई है। फोन को धूल और पानी से बचाव के लिए IP64 रेटिंग मिली है। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.75 इंच HD+ स्क्रीन है। इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है, जिससे स्क्रॉलिंग और स्क्रीन पर कंटेंट देखना बेहतर अनुभव दे सकता है।  READ MORE: Samsung Galaxy Z