Bitcoin Fed Rate Hike : क्या अमेरिकी फेड की दर बढ़ोतरी और CLARITY Act की नाकामी भी Bitcoin को ज्यादा देर नहीं रोक पाई? ताजा कारोबार में Bitcoin 86,000 डॉलर के पार पहुंच गया है। BitGo Research का कहना है कि एक ही हफ्ते में आए दो बड़े नकारात्मक संकेत भी लंबी बिकवाली नहीं करा सके। Bitcoin ने यह मजबूती ऐसे समय दिखाई है, जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने 16 सितंबर को ब्याज दर 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाई। इसके एक दिन पहले अमेरिकी सीनेट में Digital Asset Market Clarity Act आगे बढ़ाने की कोशिश भी नाकाम रही थी। हालांकि, मौजूदा तेजी को किसी एक वजह से जोड़ना सही नहीं होगा। स्पॉट Bitcoin ETF में दोबारा मांग, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट, कच्चे तेल की नरमी और शॉर्ट पोजीशन की खरीदारी ने भी Bitcoin को सहारा दिया।
Bitcoin 86,000 डॉलर के पार पहुंचा, जानें Fed की दर बढ़ोतरी, CLARITY Act की नाकामी और ETF में बढ़ती मांग ने कीमत को कैसे सहारा दिया।
Bitcoin पर Fed की दर बढ़ोतरी का असर कितना हुआ?
अमेरिकी फेड ने 16 सितंबर को फेडरल फंड्स की लक्ष्य दर 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 3.75%-4.00% कर दी। यह जुलाई 2023 के बाद पहली दर बढ़ोतरी थी। फैसले के पक्ष में FOMC के सभी 12 वोटिंग सदस्य थे। दर बढ़ने की उम्मीद पहले से थी। असली सरप्राइज फेड के नए अनुमान में दिखा। सितंबर के Summary of Economic Projections में 2026 और 2027 की औसत दर का अनुमान 4.1% रहा। जून में यह अनुमान क्रमशः 3.8% और 3.6% था। 2028 का अनुमान भी 3.4% से बढ़कर 3.9% हो गया।
कुल 18 में से 16 सदस्यों ने 2026 के अंत की दर मौजूदा 3.75%-4.00% से ऊपर रहने का अनुमान लगाया। यानी उनके व्यक्तिगत अनुमानों में कम से कम एक और बढ़ोतरी की संभावना थी। BitGo Research के प्रमुख Greg Cipolaro के मुताबिक, 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी बाजार की उम्मीद में थी, लेकिन फेड का आगे दरें ऊंची रखने वाला संकेत पूरी तरह कीमत में शामिल नहीं था।
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Bitcoin और CLARITY Act: एक हफ्ते में दो झटके
फेड के फैसले से ठीक एक दिन पहले Bitcoin को अमेरिकी सीनेट से भी झटका लगा था। 15 सितंबर को सीनेट ने H.R. 3633 यानी Digital Asset Market Clarity Act पर आगे बढ़ने के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। वोट का नतीजा 49-50 रहा। प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए तीन-पांचवां बहुमत जरूरी था। यह कानून डिजिटल एसेट बाजार के लिए संघीय ढांचा बनाने और Securities and Exchange Commission तथा Commodity Futures Trading Commission के बीच निगरानी की भूमिका तय करने से जुड़ा है।
सीनेट रिकॉर्ड के मुताबिक, Senator Thom Tillis ने क्लॉचर के खिलाफ वोट किया, ताकि दोबारा विचार का प्रस्ताव रखा जा सके। 23 सितंबर तक सीनेट की आधिकारिक सूची में नया क्लॉचर वोट दर्ज नहीं हुआ था। इस घटनाक्रम के बाद Bitcoin करीब 75,350 डॉलर -75,500 डॉलर तक गया। 16 सितंबर को यह करीब 75,940 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। BitGo ने दोनों घटनाओं को करीब 24 घंटे के अंतर से आए दो अलग-अलग नकारात्मक संकेत माना। Cipolaro के मुताबिक, दोनों घटनाओं के बावजूद Bitcoin का ज्यादा देर तक नहीं गिरना बाजार की मौजूदा स्थिति का अहम संकेत है।
Bitcoin 86,000 डॉलर के पार कैसे पहुंचा?
इसके बाद Bitcoin ने तेजी पकड़ ली। यह पहले 80,000 डॉलर के पार गया और 21 सितंबर को $85,000 से ऊपर पहुंच गया। CoinGecko के अनुसार 23 सितंबर को Bitcoin करीब 86,230 डॉलर पर था और सात दिनों में लगभग 13.3% ऊपर रहा। इस दौरान इसकी सात दिन की रेंज करीब 75,151 डॉलर से 87,330 डॉलर रही। स्पॉट Bitcoin ETF में भी तस्वीर बदली। 15 और 16 सितंबर को अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETF से करीब 746.3 मिलियन डॉलर की कुल निकासी हुई थी। इसके बाद 17 सितंबर को करीब 159.5 मिलियन डॉलर और अगले दिन करीब 433 मिलियन डॉलर का निवेश आया। 21 सितंबर को ETF में करीब 999 मिलियन डॉलर का नेट इनफ्लो आया। यह अक्टूबर 2025 के बाद सबसे बड़ा एक दिन का इनफ्लो था। इसमें BlackRock के IBIT में करीब 381 मिलियन डॉलर, ARK और 21Shares के ARKB में करीब 289 मिलियन डॉलर और Fidelity के FBTC में करीब 239 मिलियन डॉलर का निवेश आया।
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Bitcoin की तेजी टिकेगी या नहीं?
Bitcoin की मौजूदा तेजी में ETF मांग के साथ शॉर्ट पोजीशन बंद होने का भी असर दिखा। Nansen के वरिष्ठ रिसर्च एनालिस्ट Nicolai Sondergaard ने कहा कि तेजी में ETF खरीद और जबरन शॉर्ट लिक्विडेशन दोनों शामिल हो सकते हैं। हालांकि, एक्सचेंजों पर Bitcoin का आना जारी है। इसका मतलब है कि अगर तेजी कमजोर पड़ती है तो बाजार में अतिरिक्त बिक्री का दबाव बन सकता है। BitGo के मुताबिक, इस बार Bitcoin ने पिछली दर बढ़ोतरी वाली अवधियों जैसा व्यवहार नहीं किया। पहले वह जोखिम वाले एसेट की तरह शेयर बाजार के साथ कमजोर होता था। इस बार गिरावट के बाद तेजी से वापसी हुई।
अमेरिकी स्पॉट Bitcoin ETF ने संस्थागत और ब्रोकरेज निवेश के लिए नया रास्ता बनाया है। कंपनियों की बैलेंस शीट पर Bitcoin की मौजूदगी और बढ़ता डेरिवेटिव बाजार भी पहले से अलग माहौल बना रहे हैं। फिर भी इसे ब्याज दरों से पूरी तरह सुरक्षित मानना जल्दबाजी होगी। ऊंची ट्रेजरी यील्ड, मजबूत डॉलर और कड़ी वित्तीय परिस्थितियां अब भी क्रिप्टो पर दबाव डाल सकती हैं। अभी Bitcoin की तेजी को ETF इनफ्लो, कम होती ट्रेजरी यील्ड, नरम तेल कीमतों और शॉर्ट कवरिंग का समर्थन मिला है। फेड की अगली बैठक 27-28 अक्टूबर को होगी। 15-16 सितंबर की बैठक का मिनट्स 7 अक्टूबर को जारी होगा। अक्टूबर या दिसंबर में अगली दर बढ़ोतरी को लेकर फेड ने अभी कोई निश्चित फैसला नहीं किया है।
DISCLAIMER: यह जानकारी केवल सामान्य जानकारी और खबर के उद्देश्य से दी गई है। इसे Bitcoin या किसी अन्य क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने की सलाह न समझें। क्रिप्टो की कीमतों में तेजी से बदलाव हो सकता है और इसमें जोखिम रहता है। निवेश करने से पहले खुद पूरी जानकारी जांचें और जरूरत पड़ने पर किसी वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।
