Mark Zuckerberg के इस फैसले के बाद लोग सर्च कर रहे ये चीजें

5 mins read
615 views
Mark Zuckerberg
January 16, 2025

मार्क जुकरबर्ग ने इस हफ्ते घोषणा की है कि Meta का फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम बंद कर दिया जाएगा। उनके इस फैसले से कई यूजर नाराज हैं।

Meta Fact Checking Program: मार्क जुकरबर्ग ने हाल ही में घोषणा की थी कि उनकी कंपनी Meta फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम को बंद कर रही है। जुकरबर्ग के इस फैसले क जमकर विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रांसपेरेंसी के हिमायती लोग Meta के इस कदम की काफी आलोचना कर रहे हैं। इसके अलावा यूजर्स भी जुकरबर्ग के इस फैसले से खुश नहीं हैं। जुकरबर्ग के इस ऐलान के बाद लोग Facebook-Instagram से फोटो और अकाउंट आदि डिलीट करने के तरीके तलाश रहे हैं।

Meta क्यों बंद कर रहा है फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम

इस फैसले की घोषणा करते हुए जुकरबर्ग ने कहा था कि फैक्ट-चेकर्स राजनीतिक रूप से पक्षपाती हो गए हैं और उन्होंने भरोसा हासिल करने की बजाय खो दिया है। Meta फैक्ट-चेकिंग की जगह X जैसे कम्युनिटी नोट्स लाने की तैयारी कर रहा है, जिसकी शुरुआत अमेरिका से होगी। जुकरबर्ग ने कहा कि यह कदम फ्री स्पीच को बहाल करने के लिए उठाया जा रहा है।

यूजर्स को सता रहा इसका डर

Meta के इस कदम के बाद यूजर्स के बीच इन प्लेटफॉर्म की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। कुछ यूजर्स ने Meta प्लेटफॉर्म्स के विकल्प तलाशने शुरू कर दिए हैं, जबकि कुछ अपने Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म अकाउंट को डिलीट कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें डर है कि फैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद करने से Meta प्लेटफॉर्म पर गलत और भ्रामक जानकारियां बढ़ेंगी।

लोग सर्च कर रहे ये चीजें

Mark Zuckerberg बता दें कि जुकरबर्ग के इस ऐलान के बाद लोगों ने Google पर Facebook और इंस्टाग्राम डिलीट करने के तरीके सर्च करना शुरू कर दिया है। Google Trends पर ‘Facebook को हमेशा के लिए कैसे डिलीट करें’ सर्च टर्म का स्कोर करीब 100 तक पहुंच गया है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग Google पर Facebook से सभी फोटो डिलीट करने के तरीके, Facebook के विकल्प, Facebook छोड़ने, थ्रेड अकाउंट डिलीट करने और बिना लॉग इन किए Instagram अकाउंट डिलीट करने जैसे तरीके भी सर्च कर रहे हैं। हाल ही के दिनों में इन सर्च में 5,000 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Elon Musk
Previous Story

Elon Musk का फैसला, X पर अब ऐसे अकाउंट की होगी लेबलिंग

Tim Cook networth
Next Story

2024 में बढ़ी Tim Cook की सैलरी, जानें कितना मिलता है पैसा

Latest from Latest news

Snapdragon को सीधी चुनौती

Snapdragon को सीधी चुनौती! MediaTek Dimensity 9500s ने मचाया तहलका!

MediaTek Dimensity 9500s: MediaTek ने अपने टॉप सेगमेंट को और मजबूती प्रदान करने की दिशा में कदम बढा दिया है। कंपनी ने Dimensity 9500s पेश किया है। यह चिप कंपनी के पहले से मौजूद Dimensity 9500 का अपग्रेड है। यह उन स्मार्टफोन्स ते लिए
NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ

NVIDIA-AMD पर ट्रंप का टैरिफ वार! AI चिप्स पर लगाया 25% टैक्स!

US chip tariff 25 percent: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने उन्नत कंप्यूटिंग चिप्स पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है। बताया जा रहा है कि उन्होंने आधिकारिक आदेश
technology

भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा करने में आगे

India Open Source Platforms:  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वैश्विक संसदीय मंच पर भारत की टेक्नोलॉजी साझा करने की पहल को रेखांकित किया। दिल्ली में 28वें कॉन्फ्रेंस ऑफ स्पीकर्स एंड प्रेसाइडिंग ऑफिसर्स ऑफ कॉमनवेल्थ 2026 के उद्घाटन अवसर पर मोदी ने कहा कि भारत ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहा है, जिन्हें ग्लोबल साउथ के देश अपनाकर अपने सिस्टम में लागू कर सकते हैं।  भारत ग्लोबल साउथ देशों के लिए टेक्नोलॉजी साझा कर रहा है, प्रधानमंत्री मोदी ने CSPOC 2026 में ओपन सोर्स प्लेटफॉर्म और डिजिटल नवाचारों को साझा करने की पहल की जानकारी दी। भारत की ओपन सोर्स पहल  मोदी ने कहा कि अब भारत की टेक्नोलॉजी विकास रणनीति केवल देश के भीतर सीमित नहीं है। उनका उद्देश्य यह है कि भारत में बने नवाचार ग्लोबल साउथ के देशों के लिए भी उपयोगी हों। उन्होंने कहा कि हमारे नवाचार पूरे ग्लोबल साउथ और कॉमनवेल्थ देशों के लिए लाभकारी हों। इसके लिए हम ओपन सोर्स टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म बना रहे हैं, ताकि अन्य देश भी भारत जैसे सिस्टम विकसित कर सकें।  पिछले कुछ सालों में भारत ने पहचान, पेमेंट और प्रशासन के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर डिजिटल सिस्टम बनाए हैं। कई छोटे देशों के लिए यह व्यावहारिक साबित हो रहा है क्योंकि महंगे सॉफ़्टवेयर पर निर्भर होने की जरूरत नहीं है।  ग्लोबल साउथ पर जोर  प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ग्लोबल साउथ के देशों को अपना मार्ग खुद तय करना जरूरी है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगातार ग्लोबल साउथ की चिंताओं को उठाया है। G20 अध्यक्षता के दौरान भी ये मुद्दे मुख्य चर्चा में रहे। मोदी ने कहा कि वैश्विक विकास संतुलित तभी हो सकता है जब दुनिया के बड़े हिस्से पीछे न रहें।  READ MORE: Elon Musk ने मोदी सरकार को कोर्ट में दी चुनौती? जानें क्यों  लोकतंत्र और संसदीय शिक्षा  मोदी ने CSPOC सम्मेलन के व्यापक उद्देश्य पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य लक्ष्य विभिन्न देशों में संसदीय लोकतंत्र की जानकारी और समझ बढ़ाना है। मोदी ने भारत के लोकतंत्र की मजबूती और विविधता को इसकी ताकत बताया। उन्होंने इसे एक बड़े पेड़ की तरह बताया, जिसकी जड़ें गहरी हैं और शाखाएं बहस, संवाद और सामूहिक निर्णय लेने के लिए फैली हुई हैं।  READ MORE: X पर पीएम मोदी का दबदबा, भारत में सबसे ज्यादा पसंद किए गए पोस्ट  मोदी ने कहा कि भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी प्रदाता नहीं है, बल्कि प्रशासन, कानून निर्माण और डिजिटल सिस्टम के अनुभव साझा करने वाला साझेदार बनना चाहता है। इस सम्मेलन में यह संदेश भी गया कि भविष्य में टेक्नोलॉजी और लोकतंत्र को एक साथ विकसित करना जरूरी है, खासकर उन देशों के लिए जो अभी अपनी आधारभूत प्रणाली बना रहे हैं। 

Don't Miss