Meta और YouTube को 6 मिलियन का जुर्माना, किशोरों के नुकसान पर फैसला

Meta और YouTube को 6 मिलियन का जुर्माना, किशोरों के नुकसान पर फैसला

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March 26, 2026

Social Media Teen Case: अमेरिका में एक जूरी ने Meta प्लेटफॉर्म और YouTube के खिलाफ ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जूरी ने माना है कि इन कंपनियों की एप्लीकेशन डिजाइन की वजह से एक युवा यूजर को मानसिक स्वास्थ्य का नुकसान हुआ। यह मामला बच्चों पर सोशल मीडिया के प्रभाव के संबंध में एक बड़ा बदलाव ला सकता है क्योंकि यह कंटेंट मॉडरेशन के बजाय सीधे प्रोडक्ट डिजाइन पर केंद्रित है।

अमेरिका की जूरी ने Meta और YouTube को किशोरों को नुकसान पहुंचाने वाली ऐप डिजाइन के लिए दोषी पाया, 6 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया।

मामले की शिकायत करने वाली केली जी.एम. ने दावा किया है कि इन प्लेटफॉर्म्स का जल्दी इस्तेमाल करने से उसे चिंता, डिप्रेशन और बॉडी डिस्मॉर्फिया जैसी गंभीर मानसिक समस्याएं हुईं  है। जूरी ने दोनों कंपनियों को लापरवाही का दोषी पाया और 6 मिलियन डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया। इसमें जुर्माने के तौर पर एक अतिरिक्त राशि भी शामिल है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में ऐसी प्रथाओं की पुनरावृत्ति न हो।

फैसले का कानूनी महत्व

यह फैसला इसलिए खास है क्योंकि इसने संचार शालीनता अधिनियम की Section 230 की सुरक्षा को नजरअंदाज किया गया है। ये कानून आमतौर पर टेक कंपनियों को यूजर द्वारा बनाया गया कंटेंट के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराता, लेकिन इस केस में मामला प्लेटफॉर्म के यूजर को जोड़ने और लगातार एंगेज रखने वाले डिजाइन पर था, खासकर बच्चों के लिए।

कानूनी विशेषज्ञ इसे टर्निंग प्वाइंट मान रहे हैं। इस फैसले के बाद कैलिफोर्निया की कोर्ट में दर्ज हजारों ऐसे ही केसों में प्लेटफॉर्म डिजाइन को चुनौती दी जा सकती है। हालांकि, यह निर्णय कोई बाध्यकारी मिसाल कायम नहीं करता, लेकिन यह जूरी की सोच का स्पष्ट संकेत देता है।

केली की गवाही

सात हफ्तों तक चले इस ट्रायल में केली ने बताया कि उसने बहुत ही छोटी उम्र में सोशल मीडिया इस्तेमाल करना शुरू किया है। वह छह साल की उम्र में वीडियो देखने लगी और नौ साल की उम्र में Instagram इस्तेमाल करने लगी। रिपोर्ट के अनुसार, वह रोजाना 16 घंटे तक प्लेटफॉर्म पर समय बिताती थी। इसको लेकर उसकी टीम ने कहा कि यह डिजाइन संयोग नहीं बल्कि जानबूझकर बनाया गया था, ताकि युवा यूजर एडिक्टेड रहें। जूरी ने इसे सही माना और लगभग सभी बिंदुओं में सहमति जताई।

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कंपनियों की प्रतिक्रिया और अपील की योजना

Meta प्लेटफॉर्म और Google ने इस फैसले के खिलाफ अपील करने का ऐलान किया है। कंपनियों का कहना था कि टीनेजर्स की मानसिक सेहत जटिल है और इसे सिर्फ एक प्लेटफॉर्म से जोड़ना सही नहीं। मार्क जकरबर्ग और Instagram के प्रमुख एडम मोसेरी ने जूरी को बताया कि उनका मकसद सिर्फ उपयोगी सर्विस देना है, एडिक्शन पैदा करना नहीं। उन्होंने नए फीचर्स जैसे स्क्रीन टाइम लिमिट और यूजर सुरक्षा बढ़ाने वाली चीजें भी बताई।

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वैश्विक स्तर पर सोशल मीडिया की बढ़ती जांच

कोर्ट के द्वारा यह फैसला ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में सोशल मीडिया कंपनियों की कड़ी जांच हो रही है। इससे पहले न्यू मेक्सिको में Meta पर 375 मिलियन डॉलर का जुर्माना भी लगाया गया था क्योंकि उन्होंने युवा यूजर को ऑनलाइन नुकसान से बचाने में लापरवाही दिखाई थी। इस नए फैसले का असर आने वाले समय में कई अन्य मामलों और सेटलमेंट्स पर पड़ सकता है, क्योंकि अभी 3,000 से ज्यादा जुड़े हुए केस लंबित हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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