2,000 करोड़ के Crypto Scam मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने रिजेक्ट किया बेल

2,000 करोड़ के Crypto Scam मामले में हिमाचल हाईकोर्ट ने रिजेक्ट किया बेल

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August 11, 2025

कोर्ट ने आगे कहा कि शुरुआती जांच से साफ है कि अभिषेक मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा का करीबी था और धोखाधड़ी में शामिल था।

Himachal High Court: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने Cryptocurrency स्कैम में एक आरोपी अभिषेक शर्मा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान जस्टिस सुशील कुक्रेजा ने कहा कि किसी भी आर्थिक अपराध की गंभीरता और उसका समाज पर असर जमानत देने या न देने में अहम भूमिका निभाता है। कोर्ट ने आगे कहा कि शुरुआती जांच से साफ है कि अभिषेक मुख्य आरोपी सुभाष शर्मा का करीबी था और धोखाधड़ी में शामिल था। खास बात यह है कि सुभाष शर्मा पहले ही देश से फरार हो चुका है। 

2023 से जेल में है अभिषक 

कोर्ट ने कहा कि बचाव पक्ष अभी यह साबित नहीं कर पाया है कि पिछली बार जमानत खारिज होने के बाद परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव आया है या नहीं। बता दें कि अभिषेक 2023 से ही जेल में है। हालांकि, कोर्ट ने यह माना है कि सभी अंडरट्रायल कैदियों को तेज सुनवाई का अधिकार है, लेकिन सिर्फ लंबे समय से जेल में रहना या ट्रायल का जल्द खत्म न होना इतने बड़े आर्थिक अपराध में जमानत देने का कारण नहीं हो सकता। 

कैसे था पूरा मामला 

पुलिस के मुताबिक, यह स्कैम 2018 में शुरू हुई थी। दरअसल, 2023 में इन्वेस्टर अरुण सिंह गुलरिया ने इस मामले के खिलाफ पालेमपुर पुलिस थाने में केस दर्ज कराया था, जिसके बाद यह मामला सामने आया। शिकायत में कहा गया था कि आरोपी सुभाष, हेम राज, सुखदेव, अभिषेक और मिलन गर्ग ने Cryptocurrency में इन्वेस्टमेंट कर उसे पैसे दोगुना करने का झांसा दिया था 

इसके लिए आरोपियों ने www.voscrow.io जैसी वेबसाइट और Voscrow – Hypenext जैसे प्लेटफॉर्म का यूज किया था। यहां इन्वेस्टरों से पैसा लेकर उन्हें वर्चुअल करेंसी दी जाती थी। यह एक चेन सिस्टम था जिसमें पुराने इन्वेस्टरों को नए लोगों को जोड़ने के लिए कहा जाता था। 

जांच में हुए कई खुलासे 

जांच में पता चला कि अभिषेक ने इस प्लानिंग को फैलाने में बड़ी भूमिका निभाई। उसने मंडी, कुल्लू, बद्दी, चंडीगढ़, ऊना, हमीरपुर और पालेमपुर में इन्वेस्टरों के साथ मीटिंग कीं। मामले में SIT ने पाया कि आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाईं हैं, Cryptocurrency के दामों में हेरफेर किया है और इन्वेस्टरों के पैसे से हिमाचल, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी भी खरीदी है। कुछ पैसे लग्जरी गाड़ियों और महंगे सामान पर भी खर्च हुए हैं। 

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मुख्य आरोपी को छोड़ सभी हुए गिरफ्तार 

मुख्य आरोपी सुभाष को छोड़कर सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। कोर्ट ने कहा है कि आर्थिक अपराध देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाते हैं और इन्हें गंभीरता से लेना बेहद जरूरी है। मामला पीड़ितों की बड़ी संख्या, राज्यों के बीच पैसों का लेन-देन और डिजिटल करेंसी के कारण लंबा चल सकता है। फिलहाल, अभिषेक जेल में ही रहेगा। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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