AI बढ़ते क्रेज के बीच Google ने Fiber कारोबार को किया री-स्ट्रक्चर

AI के बढ़ते क्रेज के बीच Google ने Fiber कारोबार को किया री-स्ट्रक्चर

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March 12, 2026

Google Fiber new venture:  Google ने अपने फाइबर इंटरनेट कारोबार में बड़ा परिवर्तन करने जा रही है। कंपनी की यूनिट GFiber अब Astound Broadband के साथ मिलकर एक नई अलग कंपनी बनाएगी। जिसमें Google अब मॉइनॉरिटी हिस्सेदार के रूप में शामिल रहेगा। तो आइए जानते हैं इस साझेदारी के बारें में विस्तार से।

AI और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती मांग के बीच Google Fiber नई कंपनी बनाएगी…Google भी हिस्सदार होगा…जानिए इस साझेदारी के पीछे की कहानी।

Stonepeak के पास होगी बहुमत हिस्सेदारी

नई कंपनी में अधिकतम हिस्सेदारी निवेश फर्म Stonepeak के पास होगी। वहीं कंपनी का संचालन वर्तमान GFiber की नेतृत्ववाली टीम ही संभालेगी। कंपनी के अनुसार यह टीम हाई-स्पीड फाइबर नेटवर्क के विस्तार और तकनीकी विकास पर काम करेगी। इस साझेदारी से नए निवेश का रास्ता खुलेगा। इससे फाइबर इंटरनेट नेटवर्क का विस्तार तेजी से होने का अनुमान लगाया जा रहा है। खासकर उन इलाकों में जहां हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग लगातार बढ़ रही है।

AI और क्लाउड सेवाओं से बढ़ी डिमांड

जानकारों की माने तो हाई-स्पीड नेटवर्क की जरूरत अब पहले से कहीं ज्यादा हो गई है। क्योंकि, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग सेवाओं के बढ़ते उपयोग ने इसकी डिंमांड बढ़ा दी है। इसलिए कंपनियां अब इंटरनेट कारोबार पर विशेष ध्यान देने लगी है। यही वजह है कि कंपनियां फाइबर नेटवर्क को अपना भविष्य का निवेश समझ रही है। जो आनेवाले दिनों उनके लिए फायदे का सौदा हो सकता है।

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2010 में शुरू हुआ था Google Fiber

बता दें कि Google ने 2010 में फाइबर इंटरनेट सेवा शुरू की थी। 2012 में Kansas City में गीगाबिट स्पीड इंटरनेट की शुरुआत हुई थी। जिसे अमेरिका में उस समय के सबसे तेज इंटरनेट कनेक्टिविटी देने वाला नेटवर्क में एक माना जाता था। इसकी स्पीट अन्य नेटवर्क की तुलना में कई गुणा तेज थी।

Other Bets का भी हिस्सा रहा GFiber

GFiber के सीईओ Dinni Jain का कहना है कि Astound और Stonepeak की यह साझेदारी दशकों पहले की तरह तेजगति से इंटरनेट सेवा देनेवाली कंपनी की तौर स्थापित करने की कोशिश करेगी। हमलोगं की पहली प्राथमिकता यूजर्स को तेज और सुलभ इंटरनेट उपलब्ध करवाना होगा। जानकारी के लिए बता दें कि GFiber, Google की मूल कंपनी Alphabet Inc. के Other Bets का भी हिस्सा रह चुका है।

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अमेरिका में फाइबर इंटरनेट के लिए बड़ा प्रयास

हालांकि कंपनी ने यहा स्पष्ट किया है कि सौदा इस साल की चौथी तिमाही तक पूरा होने की उम्मीद की जा रही है। अगर साथ आने के बाद कंपनी को तेजगति से इंटरनेट उपलब्ध करवा देती है तो यह अमेरिका में फाइबर इंटरनेट की दिशा में बड़ा प्रयास माना जाएगा।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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CEX.IO और OpenPayd की साझेदारी, पेमेंट सिस्टम होगा तेज 

CEX.IO OpenPayd Partnership: OpenPayd और CEX.IO के बीच एक नई साझेदारी हुई है, जो डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टो मार्केट के लिए काफी अहम मानी जा रही है। इस समझौते के तहत OpenPayd अब CEX.IO के ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर फिएट पेमेंट और इंस्टीट्यूशनल सेटलमेंट को आसान और तेज बनाने का काम करेगा।  OpenPayd और CEX.IO की नई साझेदारी से अब FIAT पेमेंट और सेटलमेंट पहले से ज्यादा तेज और आसान हो जाएगा, जानिए इस डील से यूजर्स और निवेशकों को क्या फायदे मिलेंगे। साझेदारी का मकसद क्या है?  इस पार्टनरशिप का मुख्य लक्ष्य फंड ट्रांसफर की प्रक्रिया को सरल बनाना है। पहले CEX.IO को अलग–अलग बैंकों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे सिस्टम थोड़ा जटिल हो जाता था। अब OpenPayd की मदद से डिपॉजिट, विड्रॉल और कंपनी के अंदर होने वाले फंड ट्रांसफर एक ही प्लेटफॉर्म से किए जा सकेंगे। इससे न सिर्फ समय बचेगा, बल्कि ट्रांजैक्शन ज्यादा तेज और भरोसेमंद भी होंगे, खासकर बड़े निवेशकों के लिए।  CEX.IO के लिए क्यों जरूरी है?  CEX.IO के पास दुनियाभर में 15 मिलियन से ज्यादा यूजर्स हैं। इतने बड़े स्तर पर अलग–अलग देशों में पैसा मैनेज करना आसान नहीं होता। खासकर इंस्टीट्यूशनल निवेशकों के लिए सिर्फ ट्रेडिंग ही नहीं, बल्कि पैसे का सही समय पर और सुरक्षित तरीके से सेटल होना भी बहुत जरूरी होता है। OpenPayd के साथ जुड़कर CEX.IO अब इस काम को ज्यादा बेहतर तरीके से कर पाएगा।  यूजर्स को क्या नए फायदे मिलेंगे?  इस साझेदारी के बाद CEX.IO ने EUR, GBP और USD में मल्टी–करेंसी अकाउंट की सुविधा शुरू की है। इसके साथ ही FX फीचर भी जोड़ा गया है, जिससे अलग–अलग करेंसी में पैसे मैनेज करना आसान हो गया है। EUR पेमेंट के लिए SEPA और SEPA Instant का सपोर्ट मिलेगा, जिससे ट्रांजैक्शन लगभग तुरंत पूरे हो सकेंगे। इससे ट्रेजरी मैनेजमेंट बेहतर होगा और फंड मूवमेंट में तेजी आएगी।  READ MORE: क्रिप्टो चोरी के बाद रिकवरी कैसे होती है? जानें दो तरीके  OpenPayd क्या करता है?  OpenPayd की शुरुआत 2018 में डॉ. ओजान ओजर्क ने की थी। कंपनी का मकसद डिजिटल इकोनॉमी के लिए एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है, जहां से कंपनियां आसानी से पैसे भेज और मैनेज कर सकें। इसका सिस्टम एक API के जरिए काम करता है, जिससे फिएट और डिजिटल दोनों तरह के पैसों को एक जगह से संभाला जा सकता है। OpenPayd हर साल 180 बिलियन डॉलर से ज्यादा ट्रांजैक्शन प्रोसेस करता है और 1000 से ज्यादा कंपनियों के साथ काम करता है। इसके बड़े क्लाइंट्स में eToro, Kraken, OKX और B2C2 शामिल हैं।  READ MORE: US-ईरान संकट में भी बाजार मजबूत, GIFT Nifty से तेजी के संकेत  क्रिप्टो कंपनियां ज्यादा मजबूत  CEX.IO और OpenPayd की यह साझेदारी दिखाती है कि क्रिप्टो कंपनियां अब ज्यादा मजबूत और तेज पेमेंट सिस्टम की ओर बढ़ रही हैं। जैसे–जैसे बड़े निवेशक इस मार्केट में आ रहे हैं, वैसे–वैसे तेज, सुरक्षित और रेगुलेटेड ट्रांजैक्शन की जरूरत बढ़ रही है। यह कदम आने वाले समय में डिजिटल और पारंपरिक फाइनेंस के बीच की दूरी को और कम कर सकता है। 

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निवेशकों के लिए खुशखबरी! HCL ने दिया शानदार डिविडेंड तोहफा  

HCL Dividend News: HCL Technologies ने मार्च तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। इस बार कंपनी का प्रदर्शन मिला–जुला रहा है। मुनाफे में हल्की बढ़त दिखी है, जबकि रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। इससे साफ है कि कंपनी का बिजनेस स्थिर बना हुआ है और धीरे–धीरे आगे बढ़ रहा है।  मार्च तिमाही में HCL Technologies का प्रदर्शन मिला-जुला रहा, जहां रेवेन्यू बढ़ा लेकिन मुनाफे की रफ्तार धीमी रही। कंपनी ने निवेशकों को 5 मई को 24 प्रति शेयर डिविडेंड देने की घोषणा की है।  मुनाफे में हल्की बढ़त  कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 4.2% बढ़कर 4,488 करोड़ हो गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह 4,307 करोड़ था। यानी कंपनी ने मुनाफा तो बढ़ाया है, लेकिन इसकी रफ्तार बहुत तेज नहीं रही।  कमाई में मजबूत ग्रोथ  कमाई के मामले में कंपनी ने बेहतर प्रदर्शन किया है। मार्च तिमाही में ऑपरेशंस से कुल आय 33,981 करोड़ रही, जो पिछले साल के 30,246 करोड़ के मुकाबले करीब 12% ज्यादा है। इससे पता चलता है कि कंपनी का कारोबार बढ़ रहा है, हालांकि तिमाही आधार पर ग्रोथ थोड़ी सीमित रही है।  निवेशकों को डिविडेंड का फायदा  कंपनी ने अपने निवेशकों को खुश करते हुए प्रति शेयर 24 का इंटरिम डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इसके लिए 25 अप्रैल को रिकॉर्ड डेट तय की गई है, जबकि डिविडेंड का भुगतान 5 मई को किया जाएगा। खास बात यह है कि कंपनी लगातार अपने निवेशकों के साथ मुनाफा साझा कर रही है। यह कंपनी का 93वां क्वॉर्टर डिविडेंड है, जो इसकी मजबूत और स्थिर वित्तीय स्थिति को दिखाता है।  READ MORE: AI सेक्टर में हलचल, US में चिप और IPO योजनाएं हुई तेज  AI पर बढ़ रहा फोकस  कंपनी अब भविष्य की ग्रोथ के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर ज्यादा ध्यान दे रही है। कंपनी की चेयरपर्सन रोशनी नाडर मल्होत्रा के अनुसार, आने वाले समय में AI कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ इंजन बन सकता है। कंपनी अपने सर्विस पोर्टफोलियो को AI के हिसाब से मजबूत कर रही है, ताकि आने वाले समय में इससे ज्यादा कमाई हो सके।  READ MORE एआई ने कैसे बदल दिया पूरा डिलीवरी मॉडल, 400 कॉल रोज़ खुद करता है एआई  HCL Technologies का प्रदर्शन इस तिमाही में संतुलित रहा है। मुनाफा धीरे–धीरे बढ़ रहा है, कमाई में अच्छी ग्रोथ है और निवेशकों को डिविडेंड का फायदा भी मिल रहा है। साथ ही AI पर फोकस यह दिखाता है कि कंपनी भविष्य के लिए मजबूत तैयारी कर रही है। 

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