Capital B ने खरीदे 126 नए bitcoins, कुल होल्डिंग 2,201 BTC

Capital B ने खरीदे 126 नए bitcoins, कुल होल्डिंग 2,201 BTC

4 mins read
1.2K views
August 11, 2025

पनी ने यह Bitcoin  औसतन 98,746 यूरो प्रति BTC की दर से खरीदे। इस खरीद के लिए हाल ही में जुटाई गई पूंजी का यूज किया गया है 

Capital B : फ्रांस की मशहूर लिस्टेड कंपनी Capital B ने हाल ही में 126 Bitcoin  खरीदे हैं जिनकी कुल कीमत करीब 12.4 मिलियन यूरो है। कंपनी ने X पर इस खरीद की जानकारी दी है। अब कैपिटल बी के पास कुल 2,201 बिटकॉइन हो चुके हैं। साल की शुरुआत से अब तक कंपनी का BTC रिटर्न रेट 1,519.5% तक पहुंच गया है। 

Bitcoin  की सुरक्षा Taurus को सौंपी गई 

कंपनी ने यह Bitcoin  औसतन 98,746 यूरो प्रति BTC की दर से खरीदे। इस खरीद के लिए हाल ही में जुटाई गई पूंजी का यूज किया गया है जिसमें Peak Hodl Ltd से 8.7 मिलियन यूरो और TOBAM BITCOIN ALPHA FUND से 5 मिलियन यूरो मिले हैं। Bitcoin खरीद में मदद Banque Delubac & Cie ने की है जो फ्रांस के AMF में रजिस्टर्ड है। इन Bitcoin  की सुरक्षा Taurus को सौंपी गई है। 

क्या है कंपनी का BTC नेट एसेट वैल्यू  

Capital B खुद को यूरोप की पहली Bitcoin  ट्रेजरी कंपनी के रूप में पेश कर रही है। इसका लक्ष्य है कि समय के साथ प्रति शेयर Bitcoin  की संख्या बढ़ाई जाए। फिलहाल, कंपनी का BTC नेट एसेट वैल्यू 217 मिलियन यूरो से ज्यादा हो चुका है। 

READ MORE: डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से गिरी Bitcoin की कीमत 

Strategy ने Crypto वर्ल्ड में मचाई हलचल, खरीदे 21,021 Bitcoin! 

इसके साथ कंपनी ने कुछ बड़े शेयर बदलने के सौदे भी पूरे किए हैं। TOBAM ने 15 लाख OCA A-02 को बदलकर 21 लाख शेयर बनाए जबकि Fulgur Ventures ने 47.6 लाख OCA B-01 को बदलकर 87.5 लाख शेयर ले लिए। अब कंपनी के कुल डायल्यूटेड शेयर 331.2 मिलियन हो गए हैं। शेयरों में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी अपने लक्ष्यों से आगे है। इस साल की शुरुआत से अब तक उसे 607.8 Bitcoin  का लाभ और 60 मिलियन यूरो से ज्यादा की कमाई हुई है। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Steve Wozniak का आरोप, YouTube पर बढ़ रहा Bitcoin स्कैम
Previous Story

Steve Wozniak का आरोप, YouTube पर बढ़ रहा Bitcoin स्कैम

ChatGPT बच्चों को सीखा रहा सुसाइड, नशा और खतरनाक डाइट के टिप्स
Next Story

ChatGPT बच्चों को सीखा रहा सुसाइड, नशा और खतरनाक डाइट के टिप्स

Latest from Tech News

iPhone क्यों है खास? जानिए इसके 5 सुरक्षा फीचर्स

iPhone क्यों है खास? जानिए इसके 5 सुरक्षा फीचर्स

iPhone Security: क्या आप आज नया iPhone खरीदने का सोच रहे हैं? अगर आपका ध्यान सिर्फ कैमरा, बैटरी और प्रोसेसर पर है, तो एक जरूरी बात शायद छूट रही है। iPhone Security Features ही वह वजह हैं, जिनकी वजह से Apple के स्मार्टफोन दुनिया के सबसे सुरक्षित डिवाइस माने जाते हैं। बैंकिंग ऐप, निजी फोटो, पासवर्ड और जरूरी दस्तावेज अब फोन में ही रहते हैं। ऐसे में मजबूत सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गई है।  iPhone Security Features: Face ID से लेकर Stolen Device Protection तक Apple ने iPhone में ऐसे फीचर्स दिए हैं जो सिर्फ फोन अनलॉक करने तक सीमित नहीं हैं। Face ID आपके चेहरे का 3D मैप तैयार करता है, जिससे किसी फोटो या वीडियो से इसे धोखा देना आसान नहीं होता। यही फीचर बैंकिंग ऐप, App Store पेमेंट और पासवर्ड ऑटो-फिल में भी काम आता है। वहीं Stolen Device Protection चोरी की स्थिति में बड़ा सुरक्षा कवच बनता है। अगर किसी के हाथ आपका अनलॉक iPhone भी लग जाए, तब भी Apple ID बदलने या Find My बंद करने जैसे संवेदनशील काम बिना Face ID के नहीं किए जा सकते। कुछ मामलों में सिस्टम अतिरिक्त समय भी देता है, ताकि यूजर अपना फोन सुरक्षित कर सके।  Find My और Privacy Controls बढ़ाते हैं सुरक्षा
जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

जुकरबर्ग का दावा, हर इंसान इस्तेमाल करेगा पर्सनल AI

 क्या आने वाला समय AI का होगा? मार्क जुकरबर्ग ने दावा किया है कि पर्सनल AI एजेंट्स जल्द ही लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन जाएंगे।  Mark Zuckerberg: क्या आने वाले 5 साल में हर व्यक्ति के पास अपना AI असिस्टेंट होगा? Meta AI Agents को लेकर कंपनी के CEO मार्क जुकरबर्ग ने बड़ा दावा किया है। आज तिमाही नतीजों के दौरान उन्होंने कहा कि अरबों लोग जल्द ही ऐसे AI एजेंट इस्तेमाल करेंगे, जो उनकी जरूरतों को समझेंगे और 24 घंटे उनकी मदद करेंगे।  Meta AI Agents बदलेंगे रोजमर्रा की जिंदगी  जुकरबर्ग के मुताबिक, AI एजेंट सिर्फ सवालों के जवाब देने तक सीमित नहीं रहेंगे। ये लोगों की फाइनेंस, हेल्थ, घरेलू काम और निजी रिश्तों को बेहतर तरीके से संभालने में भी मदद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि WhatsApp और Meta के दूसरे मैसेजिंग प्लेटफॉर्म AI एजेंट्स के इस्तेमाल का बड़ा माध्यम बनेंगे।  READ MORE: क्या Meta का नया AI आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा है?  AI की दौड़ में Meta का बड़ा निवेश 
Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतरा

Telegram के CEO पर रूस का शिकंजा, आतंक केस में बढ़ा खतर

Pavel Durov पर रूस का बड़ा एक्शन, FSB ने Telegram पर अवैध कंटेंट नहीं हटाने का आरोप लगाया। Telegram Ban Russia: रूस की Federal Security Service (FSB) ने Telegram के संस्थापक Pavel Durov पर आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करने का आरोप लगाया है। एजेंसी का कहना है कि Telegram ने ऐसे कंटेंट को हटाने में नाकामी दिखाई, जिसका इस्तेमाल रूस में कथित तौर पर तोड़फोड़, आतंकवादी गतिविधियों और साइबर धोखाधड़ी के लिए किया गया। FSB ने Durov के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरफ्तारी वारंट जारी होने की भी जानकारी दी है। अभी Telegram और Pavel Durov की ओर से इन आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  FSB ने Telegram पर क्या आरोप लगाए?  रूस की सुरक्षा एजेंसी के मुताबिक, Telegram पर मौजूद कुछ कंटेंट का इस्तेमाल कथित तौर पर यूक्रेनी विशेष सेवाओं और आतंकवादी व चरमपंथी संगठनों ने किया। FSB का आरोप है कि इनका इस्तेमाल तोड़फोड़, आतंकवादी घटनाओं, सामूहिक हत्याओं और साइबर फ्रॉड जैसी गतिविधियों के लिए किया गया। रूस का कहना है कि Telegram को ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए कदम उठाने चाहिए थे। FSB ने इसी कथित नाकामी को Durov के खिलाफ कार्रवाई की वजह बताया है।  Telegram की शुरुआत 2013 में Pavel Durov ने की थी। आज यह दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म में शामिल है और इसके एक अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन की वजह से इसका इस्तेमाल आम लोगों के साथ पत्रकारों और अधिकारियों ने भी किया है।  READ MORE: क्या आपका Telegram भी
Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic MCP अपडेट: AI टूल कनेक्शन अब होगा आसान

Anthropic ने MCP 2026-07-28 का नया अपडेट जारी किया, जानें Stateless Model, बेहतर Authorization और AI Tools कनेक्शन में हुए बड़े बदलाव।  AI Agents: क्या AI ऐप्स को बाहरी टूल और डेटा से जोड़ना अब पहले से आसान होगा? Anthropic ने अपने Model Context Protocol (MCP) के नए 2026-07-28 Specification के साथ इसका रास्ता साफ करने की कोशिश की है। कंपनी ने MCP के पांचवें Specification Release में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनसे AI टूल कनेक्शन को Deploy करना और बड़े स्तर पर चलाना आसान हो सकता है।  MCP एक Open Standard है। यह AI Applications को बाहरी Tools, Business Software और Data Sources से जोड़ता है। Anthropic के मुताबिक, MCP से जुड़े Software Development Kit यानी SDK के डाउनलोड अब हर महीने 400 मिलियन से ज्यादा हो चुके हैं। वहीं Claude की कनेक्शन डायरेक्टरी में 950 से ज्यादा MCP Servers Listed हैं।  MCP अब Stateless
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App

Don't Miss