Gemini 4 Argon: Google DeepMind ने Gemini 4 Argon नाम का नया AI मॉडल पेश किया है। इसे लंबे और जटिल कामों के लिए बनाया गया है। इसका इस्तेमाल कोडिंग, कानूनी और वित्तीय काम, तस्वीरों के विश्लेषण और साइबर सुरक्षा में किया जा सकता है। फिलहाल, यह मॉडल आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं है। Google ने इसकी शुरुआत Fairwind Program से की है। पहले इसे भरोसेमंद साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों को दिया जा रहा है।
Google Gemini 4 Argon लॉन्च, बड़े Codebase और लंबे Tasks संभालेगा AI, जानिए खासियत, कीमत और भारत में कब मिलेगा
Gemini 4 Argon कितना खास है?
Argon को ऐसे कामों के लिए तैयार किया गया है, जिनमें कई चरण होते हैं और काफी समय लगता है। Google ने इसकी अधिकतम आउटपुट सीमा बढ़ाकर 10 लाख टोकन कर दी है। पुराने Gemini मॉडल में यह सीमा 64,000 टोकन थी। इससे मॉडल बड़े कोड, लंबे रिसर्च काम और कई दस्तावेजों को एक साथ संभाल सकता है। लंबे AI एजेंट वर्कफ्लो में भी इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। Google के इंजीनियर Argon का इस्तेमाल डिबगिंग, एल्गोरिदम बनाने और बड़े कोड माइग्रेशन में कर रहे हैं। कंपनी के अनुसार, Argon एजेंट ने C और C++ प्रोजेक्ट्स को Rust में बदलने में मदद की। इसमें Fuchsia के Zircon kernel से जुड़े 8 लाख से ज्यादा लाइनों के कोड का काम भी शामिल था। Google ने यह भी कहा कि Argon ने डेटा सेंटर की मेमोरी में ऐसे सुधार खोजे, जिससे आगे चलकर 500 TiB से 1 PiB तक की बचत हो सकती है।
Lots of discussion out there about our next model(!), so I wanted to give an early look as soon as possible. Introducing Gemini 4 Argon!
It shows frontier performance in complex workflows, cyber defense and software engineering. Teams are using it extensively at Google, from… pic.twitter.com/sv4VNmQ0YT
— Sundar Pichai (@sundarpichai) September 30, 2026
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कोडिंग में कैसा रहा प्रदर्शन?
Google के अपने टेस्ट में Argon ने DeepSWE v1.1 पर 77.9% स्कोर किया। यह टेस्ट लंबे और मुश्किल सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग काम को मापता है। Google ने वित्त, कानूनी रिसर्च, बिजनेस ऑटोमेशन और लंबे वीडियो को समझने वाले टेस्ट में भी अच्छे नतीजों का दावा किया है, लेकिन इन आंकड़ों को Google या उसके टेस्टिंग पार्टनर्स ने रिपोर्ट किया है। स्वतंत्र विशेषज्ञों ने अभी बड़े स्तर पर इसके प्रोडक्शन मॉडल की जांच नहीं की है। Ars Technica ने बताया कि Argon हर टेस्ट में सबसे आगे नहीं है। Reuters के अनुसार, कुछ कोडिंग कामों में यह दूसरे मॉडलों से पीछे भी है।
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साइबर सुरक्षा से शुरुआत क्यों?
Google के मुताबिक, Argon सॉफ्टवेयर की कमजोरियां खोज सकता है। यह उनकी जांच और उन्हें ठीक करने में भी मदद कर सकता है। इसी वजह से शुरुआत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों से की गई है। शुरुआती यूजर्स में Wiz भी शामिल है। Google का दावा है कि Argon ने हेल्थकेयर सॉफ्टवेयर में एक गंभीर खामी खोजी, जिसे दूसरे बड़े AI मॉडल नहीं पकड़ पाए। हालांकि, इसकी पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। Google ने गलत इस्तेमाल रोकने के लिए भी सुरक्षा बढ़ाई है। इसमें खतरनाक साइबर और बायोलॉजिकल अनुरोध, prompt-injection हमले और यूजर की मंशा से आगे जाने वाली गतिविधियों पर रोक शामिल है।
कीमत और भारत में कब मिलेगा?
Google API के लिए शुरुआती कीमत 2 डॉलर प्रति 10 लाख इनपुट टोकन और 10 डॉलर प्रति 10 लाख आउटपुट टोकन रखेगा। कैश्ड इनपुट पर 95% छूट मिलेगी। आगे पहले पेड API ग्राहकों और Google AI Ultra सब्सक्राइबर्स को एक्सेस मिलेगा। भारत में कीमत, उपलब्धता और लॉन्च की पक्की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।
