FREE... FREE... FREE! बिना 1 रुपये दिए करवाते हैं घर की सफाई? देखें VIDEO

FREE… FREE… FREE! बिना 1 रुपये दिए करवाते हैं घर की सफाई? देखें VIDEO

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May 31, 2026

Free Home Cleaning Scam: अगर कोई आपसे कहे कि वह आपके घर आकर मुफ्त में सफाई करेगा, खाना बनाएगा या रिपेयरिंग का काम करेगा, तो पहली नजर में यह ऑफर किसी सपने जैसा लग सकता है, लेकिन आज के डिजिटल दौर में हर फ्री चीज सच में मुफ्त नहीं होती। कई बार इसकी कीमत पैसों से नहीं, बल्कि आपकी निजी जानकारी से चुकानी पड़ती है। अमेरिका से लेकर भारत तक अब ऐसे मॉडल सामने आ रहे हैं, जहां घरेलू सेवाएं मुफ्त दी जा रही हैं, लेकिन बदले में लोगों के घरों का डेटा इकट्ठा किया जा रहा है।

FREE घरेलू सेवाओं के पीछे छिपा है डेटा का खेल! जानें कैसे कुछ स्टार्टअप्स घरों की रिकॉर्डिंग से AI और रोबोट्स को ट्रेनिंग देने में जुटे हैं।

FREE सफाई के पीछे क्या है असली कहानी?

अमेरिका के न्यूयॉर्क में एक टेक स्टार्टअप ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस स्टार्टअप का नाम Shift है। कंपनी ने एक ऐसी सेवा शुरू की है, जिसमें लोग अपने घर की सफाई मुफ्त में बुक कर सकते हैं। सुनने में यह ऑफर शानदार लगता है, लेकिन इसमें एक बड़ा ट्विस्ट है। कंपनी का कर्मचारी जब आपके घर सफाई करने आता है, तो वह एक खास रिकॉर्डिंग डिवाइस पहनता है। सफाई के दौरान आपके घर के हिस्सों, सामान और काम करने के तरीकों की वीडियो रिकॉर्डिंग होती रहती है।

कंपनी का कहना है कि इन वीडियो का इस्तेमाल रोबोट और फिजिकल AI सिस्टम को ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इसका मकसद मशीनों को यह सिखाना है कि इंसान घर के रोजमर्रा के काम कैसे करते हैं। कंपनी यह भी दावा करती है कि रिकॉर्डिंग में मौजूद निजी जानकारियों को छिपा दिया जाएगा ताकि लोगों की पहचान सुरक्षित रहे।

भारत में भी बढ़ रही ऐसी सेवाएं

यह ट्रेंड सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में भी घरेलू सेवाओं से जुड़ा स्टार्टअप Pronto इसी तरह के मॉडल को लेकर चर्चा में रहा। बेंगलुरु में इसको लेकर विवाद भी सामने आया, जहां लोगों ने प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। लोगों का सवाल था कि अगर घर के अंदर की गतिविधियां रिकॉर्ड होंगी, तो आखिर उस डेटा का इस्तेमाल कैसे किया जाएगा और वह कितना सुरक्षित रहेगा।

आखिर कंपनियों को घर का डेटा क्यों चाहिए?

रोबोटिक्स और AI पर काम करने वाली कंपनियों के लिए घरों के अंदर की गतिविधियों का डेटा बेहद कीमती माना जाता है। जैसे बर्तन धोना, खाना बनाना, कपड़े प्रेस करना या घर व्यवस्थित करना। इन सभी कामों को देखकर AI सिस्टम सीखते हैं कि इंसानों की तरह काम कैसे किया जाए।

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प्राइवेसी को लेकर क्यों बढ़ रही चिंता?

विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया डेटा की तुलना में घर के अंदर की रिकॉर्डिंग कहीं ज्यादा संवेदनशील होती है। इन वीडियो में आपके घर का लेआउट, कीमती सामान, परिवार की आदतें और निजी जीवन की झलक भी शामिल हो सकती है।

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भारत में 2025 से डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) नियम लागू हो चुके हैं। इसके बावजूद ऐसे मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कंपनियां नियमों का पालन करने का दावा जरूर कर रही हैं, लेकिन कई यूजर्स को यह पूरी तरह समझ नहीं आता कि उनकी जानकारी आखिर किस हद तक इस्तेमाल की जा रही है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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