AI की रफ्तार से चिप्स की कमी, Intel और AMD के CPU की सप्लाई पर असर

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February 6, 2026

Intel-AMD: Artificial Intelligence की तेजी से बढ़ती मांग का असर अब GPU सर्वर पर ही नहीं में CPU पर भी इसका दिखने लगा है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक Intel और AMD ने चीन के ग्राहकों को सर्वर CPU की सप्लाई में देरी की सूचना दी है। जिससे टेक इंडस्ट्री में चिंता बढ़ गई है। तो आइए जानते हैं इससे आगे क्या प्रभाव पड़नेवाले हैं।

Intel और AMD के सर्वर प्रोसेसर की कमी से टेक इंडस्ट्री में चिंता बढ़ी। जानिए CPU सप्लाई संकट और इसके पीछे की वजहें।

लंबा इंतजार और बढ़ती कीमतें

सूत्रों के अनुसार, Intel के कुछ सर्वर प्रोसेसर की डिलीवरी में छह महीने तक का समय लग सकता है। सप्लाई कम होने की वजह से कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। जानकारी यह भी मिल रही है कि कुछ मामलों में सर्वर CPU की कीमतें 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं। जिसके बाद से टेक जगत में खलबली मच गई।

AI इंफ्रास्ट्रक्चर बना बड़ी वजह

दुनियाभर में AI डेटा सेंटर और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश हो रहा है। इससे केवल AI एक्सेलेरेटर चिप्स ही नहीं, बल्कि CPU, मेमोरी और अन्य हार्डवेयर की मांग भी तेजी से बढ़ी है। जिससे पूरी सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ गया है। Nvidia ने भी 2026 में GPU गेमिंग लॉन्च नहीं करने का निर्णय लिया है। इससे समझ सकते हैं कि चिप्स की कमी किस कदर बढ़ी हुई है।

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Intel और AMD दोनों पर असर

Intel के चौथी और पांचवीं पीढ़ी के Xeon प्रोसेसर की कमी सबसे ज्यादा बताई जा रही है। वहीं, AMD ने भी कुछ प्रोडक्ट्स की डिलीवरी में 8 से 10 हफ्तों तक की देरी की बात कही है। हालांकि AMD का कहना है कि उसने अपनी सप्लाई क्षमता बढ़ाने के कदम उठाए हैं। लेकिन इसमें अभी समय लग सकती है।

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उत्पादन और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियां

Intel को उत्पादन बढ़ाने में तकनीकी और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर AMD अपने चिप्स TSMC से बनवाती है, जहां बड़ी मात्रा में उत्पादन क्षमता AI चिप्स के लिए उपयोग की जा रही है। जिससे CPU के लिए सीमित क्षमता बच रही है। ऐसे में डिमांड को पूरा कर पाना मुश्किल हो रहा है।

बाजार में बदलता संतुलन

सर्वर CPU बाजार में Intel और AMD दोनों का दबदबा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में प्रतिस्पर्धा तेज हुई है। Intel की हिस्सेदारी लगातार कम हुई है। वहीं, AMD ने अपनी मौजूदगी मजबूत की है, जो इस बाजार में बदलते संतुलन की ओर इशारा करता है।

क्लाउड सर्विस पर भी पड सकता है असर

वहीं टेक जानकारों की माने तो इसका असर केवल AI कंपनियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि क्लाउड सर्विस, सर्वर निर्माता और कई अन्य टेक उद्योग भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। यदि मांग इसी तरह बढ़ती रही, तो आने वाले महीनों में सप्लाई पर दबाव और बढ़ सकता है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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