Accenture में करियर ग्रोथ के लिए AI जरूरी

Accenture में करियर ग्रोथ के लिए AI जरूरी

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March 16, 2026

Accenture AI Policy: दुनिया की बड़ी कंसल्टिंग कंपनियों में शामिल Accenture में अब प्रमोशन पाने के लिए सिर्फ मेहनत ही नहीं बल्कि AI टूल्स की समझ भी जरूरी हो गई है। कंपनी की CEO जूली स्वीट ने साफ कहा है कि अगर कर्मचारियों को आगे बढ़ना है तो उन्हें कंपनी के AI टूल्स का सही तरीके से इस्तेमाल करना आना चाहिए। जूली स्वीट ने कहा कि आज Accenture में काम करने का तरीका बदल चुका है और AI अब कंपनी के रोजमर्रा के काम का अहम हिस्सा बन गया है इसलिए जो कर्मचारी प्रमोशन चाहते हैं, उन्हें इन नए टूल्स के साथ काम करना सीखना होगा।

Accenture ने AI पर बड़ा निवेश करते हुए कर्मचारियों को नई तकनीक में ट्रेनिंग देना शुरू किया है। CEO जूली स्वीट ने कहा कि भविष्य में कंपनी में आगे बढ़ने के लिए AI स्किल जरूरी होगी।

प्रमोशन के लिए AI स्किल जरूरी

जूली स्वीट के अनुसार, यह फैसला अचानक नहीं लिया गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी ने एक महीने में यह नियम लागू नहीं किया। पिछले तीन सालों से धीरे-धीरे कर्मचारियों को AI तकनीक से परिचित कराया जा रहा है। कंपनी ने पहले यह सुनिश्चित किया कि AI टूल्स इस्तेमाल करने में आसान हों और कर्मचारियों के लिए सही डिजिटल वर्कबेंच तैयार किया जाए। इसके बाद अब कंपनी साफ कह रही है कि यही Accenture में काम करने का नया तरीका है इसलिए अगर कोई कर्मचारी आगे बढ़ना चाहता है तो उसे इन टूल्स का इस्तेमाल करना आना चाहिए।

AI पर बड़ा निवेश

Accenture पिछले कुछ समय से अपने कामकाज में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रही है। 2025 में कंपनी ने बताया था कि उसने 6 महीने के बिजनेस ऑप्टिमाइजेशन प्रोग्राम में 865 मिलियन डॉलर से ज्यादा निवेश किया है। इस प्रोग्राम का मकसद कंपनी के काम करने के तरीके को बेहतर बनाना और कर्मचारियों को नई तकनीक के लिए तैयार करना था। इसके तहत हजारों कर्मचारियों को नई ट्रेनिंग दी गई। वहीं, जो कर्मचारी नई तकनीक के साथ खुद को ढालने के लिए तैयार नहीं थे, उन्हें कंपनी से बाहर भी किया गया।

3 बिलियन डॉलर का बड़ा प्लान

AI को कंपनी के कामकाज में पूरी तरह शामिल करने के लिए Accenture ने 2023 में तीन साल का 3 बिलियन डॉलर का प्लान शुरू किया था। इस योजना का लक्ष्य कंपनी में AI से जुड़े विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाना है। कंपनी का मकसद 80,000 AI प्रोफेशनल्स की टीम तैयार करना है। इसके लिए नई भर्तियां, दूसरी कंपनियों का अधिग्रहण और कर्मचारियों को ट्रेनिंग देने जैसे कई कदम उठाए जा रहे हैं। फिलहाल Accenture में दुनिया भर में 7,70,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं।

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पहले भी बदल चुका है काम करने का तरीका

जूली स्वीट ने AI को लेकर कर्मचारियों की झिझक को समझने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि पहले भी ऑफिस के काम करने का तरीका कई बार बदला है। उन्होंने उस समय भी यह बदलाव जरूरी था क्योंकि कंपनियों को काम करने के लिए नई तकनीक अपनानी पड़ रही थी। आज उसी तरह AI भी काम करने का अहम हिस्सा बन गया है।

कंपनियों के लिए बड़ा सबक

जूली स्वीट का मानना है कि कई कंपनियां AI अपनाने में इसलिए पीछे रह जाती हैं क्योंकि वे इसे सिर्फ एक अतिरिक्त टूल की तरह इस्तेमाल करती हैं। उन्होंने कहा कि अगर कंपनियों को AI का पूरा फायदा उठाना है तो उन्हें अपने काम करने के पूरे सिस्टम को बदलने के लिए तैयार रहना होगा। यानी सिर्फ AI जोड़ना काफी नहीं है, बल्कि पूरे वर्कफ्लो को उसके हिसाब से डिजाइन करना जरूरी है।

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बदलाव आसान नहीं था

जूली स्वीट ने यह भी माना कि कंपनी के कर्मचारियों और क्लाइंट्स के लिए यह बदलाव आसान नहीं था। नए टूल्स और काम करने के नए तरीके को अपनाने में समय लगा, लेकिन उनके अनुसार, किसी भी बड़ी तकनीकी बदलाव के लिए हिम्मत, धैर्य और नई चीजें सीखने की इच्छा जरूरी होती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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