क्या ब्लॉकचेन से सुलझेगा भारत का भूमि विवाद संकट?

क्या ब्लॉकचेन से सुलझेगा भारत का भूमि विवाद संकट?

8 mins read
398 views
February 11, 2026

India Land Disputes: संघीय बजट 2026-27 पर राज्यसभा में बोलते हुए AAP के सांसद राघव चड्ढा ने भारत के अव्यवस्थित भूमि और संपत्ति रिकॉर्ड सिस्टम में सुधार के लिए ब्लॉकचेन तकनीक अपनाने की सिफारिश की। उन्होंने कहा कि नेशनल ब्लॉकचेन प्रॉपर्टी रजिस्ट्री लागू करने से विवाद, धोखाधड़ी और नौकरशाही की परेशानियों में कमी आ सकती है।

भारत में भूमि और संपत्ति रिकॉर्ड की समस्याओं को हल करने के लिए ब्लॉकचेन रजिस्ट्री जरूरी है। राघव चड्ढा ने नेशनल ब्लॉकचेन प्रॉपर्टी रजिस्ट्री लागू करने की सिफारिश की।

भूमि रिकॉर्ड की वर्तमान स्थिति

चड्ढा ने कहा कि भारत में भूमि रिकॉर्ड पूरी तरह से अव्यवस्थित हैं। उन्होंने बताया कि आम नागरिक रजिस्टार कार्यालयों में चक्कर काटते हैं, जहां दलालों की दखल आम है। सर्कल रेट्स के कारण नकद लेन-देन बढ़ते हैं, संपत्ति कर में चूक होती है और नकली दस्तावेज से अनंत विवाद पैदा होते हैं। आंकड़ों के अनुसार, 66% नागरिक विवाद भूमि से जुड़े हैं, 45% संपत्तियों के स्पष्ट टाइटल नहीं हैं और 48% पहले से विवादों में हैं।

भारत 190 देशों में संपत्ति पंजीकरण दक्षता में 133वें स्थान पर है। साधारण बिक्री में 2 से 6 महीने लगते हैं, अदालत में मामलों का औसत समाधान 7 साल में होता है और 6.2 करोड़ संपत्ति दस्तावेज अभी भी डिजिटाइज नहीं हैं।

READ MORE: Base ब्लॉकचेन पर धोखा, हैकर्स ने किया वॉलेट खाली

ब्लॉकचेन क्या है और क्यों जरूरी है?

ब्लॉकचेन एक डिजिटल और विकेंद्रीकृत तकनीक है, जो डेटा को नेटवर्क के कई नोड्स में रखती है। इससे रिकॉर्ड बदलना या धोखाधड़ी करना मुश्किल हो जाता है। हर लेन-देन टाइम स्टैम्प के साथ सुरक्षित रहता है और मालिकाना हक की जांच आसानी से की जा सकती है। स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स से भुगतान होने पर स्वचालित रूप से मालिकाना हक ट्रांसफर किया जा सकता है, जिससे नोटरी और अन्य मध्यस्थों की जरूरत कम हो जाती है।

स्वीडन, जॉर्जिया और UAE

  • स्वीडन: 2016 से स्वीडन के लैंड अथॉरिटी ने ब्लॉकचेन लागू किया। डिजिटल सिग्नेचर और वितरित स्टोरेज से डेटा सुरक्षित रहता है और सालाना 100 मिलियन यूरो की बचत होती है।
  • जॉर्जिया: 2016 में Bitfury के साथ साझेदारी कर जॉर्जिया ने 3 लाख से अधिक टाइटल्स ब्लॉकचेन पर रजिस्टर किए और भ्रष्टाचार कम किया। 2025 में Hedera के साथ समझौते के बाद, जॉर्जिया अपने सभी रियल एस्टेट रिकॉर्ड ऑन-चेन ले जाने की योजना बना रहा है।
  • UAE: दुबई ने 2017 से ब्लॉकचेन अपनाया। दुबई लैंड डिपार्टमेंट ने 9 फरवरी को रियल एस्टेट टोकनाइजेशन प्रोजेक्ट का दूसरा चरण शुरू किया, जिससे डिजिटल संपत्ति टोकन का रीसेल संभव होगा। 2024 के पायलट में लाखों संपत्तियों को टोकन किया गया था।

READ MORE: 2026 में Solana की दमदार एंट्री, रियल-वर्ल्ड एसेट्स में तेज बढ़त

भारत के लिए महत्व और आगे की राह

भारत में शहरी विकास और डिजिटल बदलाव को देखते हुए ब्लॉकचेन रजिस्ट्री पुराने टाइटल विवादों को हल कर सकती है, वित्तीय समावेशन बढ़ा सकती है और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट जैसे कानूनों के साथ मिल सकती है। हालांकि, डिजिटल सिग्नेचर और स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट्स को कानूनी मान्यता देने के लिए सुधार जरूरी हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Snapchat को टक्कर देने आ रहा Meta का Instants!
Previous Story

Snapchat को टक्कर देने आ रहा Meta का Instants!

airpode
Next Story

AI और कैमरा सेंसर से लैस हो सकता है Apple का AirPods Pro

Latest from Cryptocurrency

SpaceX शेयर गिरे, Hyperliquid पर ट्रेडर्स की दिलचस्पी क्यों कायम?

SpaceX शेयर गिरे, Hyperliquid पर ट्रेडर्स की दिलचस्पी क्यों कायम?

SpaceX के शेयरों में गिरावट के बीच Hyperliquid पर ट्रेडिंग मजबूत, जानें कैसे 170 मिलियन डॉलर का Open Interest निवेशकों की दिलचस्पी दिखा रहा है।   Hyperliquid SpaceX Perpetuals: क्या SpaceX के शेयरों में गिरावट के बावजूद निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई है? ताजा आंकड़े कुछ और ही कहानी कहते हैं। Hyperliquid पर SpaceX से जुड़े perpetual futures contract में Open Interest करीब 170 मिलियन डॉलर बना हुआ है। यह दिखाता है कि Nasdaq पर लिस्टेड कंपनी के शेयर शुरुआती ऊंचाई से नीचे आने के बाद भी ट्रेडर्स synthetic exposure में लगातार रुचि दिखा रहे हैं।  SpaceX शेयर गिरा, लेकिन Hyperliquid पर ट्रेडिंग जारी  Hyperliquid का xyz contract असली SpaceX शेयर खरीदे बिना उसकी कीमत पर ट्रेडिंग का मौका देता है। SpaceX ने 12 जून 2026 को अपना IPO 135 डॉलर प्रति शेयर की कीमत पर पेश किया था। लिस्टिंग के पहले दिन शेयर करीब 161 डॉलर पर बंद हुआ। इसके बाद शेयर की कीमत में गिरावट आई। हाल में यह 110 डॉलर के मध्य में कारोबार करता दिखा, जबकि पोस्ट-IPO निचला स्तर करीब 111 डॉलर रहा। Hyperliquid पर synthetic perpetual contract भी करीब 116 डॉलर के आसपास दिखा। इसके बावजूद Open Interest करीब 170 मिलियन डॉलर पर बना हुआ है। IPO के आसपास कई प्लेटफॉर्म पर कुल Open Interest 250 मिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच गया था।  IPO से पहले ही शुरू हो गई थी SpaceX की जोरदार ट्रेडिंग  Hyperliquid पर SpaceX का Perpetual Market मई 2026 के मध्य में HIP-3 framework के तहत शुरू हुआ था। इसे Trade.xyz जैसे builders ने लॉन्च किया। इसका मकसद निवेशकों को SpaceX की कीमत पर लगातार 24/7 ट्रेडिंग का विकल्प देना था। IPO से पहले contract की कीमत कई बार IPO reference

𝗔𝟭𝟲𝗭 का बड़ा दावा, 𝗖𝗟𝗔𝗥𝗜𝗧𝗬 𝗔𝗰𝘁 से 𝗫𝗥𝗣 को मिलेगा फायदा

XRP Price Prediction: क्या अमेरिका में नए क्रिप्टो कानून से XRP और पूरे डिजिटल एसेट बाजार की तस्वीर बदल सकती है? A16Z के सरकारी मामलों के प्रमुख ने हाल ही में एक चर्चा में कहा कि CLARITY Act के लागू होने से क्रिप्टो बाजार में संस्थागत निवेश की बड़ी लहर आ सकती है। उनका मानना है कि स्पष्ट नियम निवेशकों को लंबे समय के लिए बाजार में उतरने का भरोसा देंगे।  CLARITY Act से क्यों बढ़ेगा बाजार का भरोसा?  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, नियामकीय स्पष्टता सिर्फ नियम तय नहीं करती। यह वित्तीय संस्थानों को यह संकेत भी देती है कि सरकार ने किसी क्षेत्र को लेकर लंबी अवधि की नीति तय कर ली है। उन्होंने GENIUS Act का उदाहरण दिया। इस कानून के बाद स्टेबलकॉइन सेक्टर में नए नियम और मानक स्पष्ट हुए। इसके बाद स्टार्टअप्स और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की स्टेबलकॉइन में दिलचस्पी बढ़ी। उनका कहना है कि बड़े संस्थागत निवेशक ऐसे बाजार से दूरी बनाते हैं, जहां कानून या नियम अचानक बदल सकते हैं। स्पष्ट कानून इस अनिश्चितता को कम कर सकता है।  XRP को कैसे मिल सकता है फायदा?  चर्चा में XRP भी खास फोकस में रहा। XRP को लेकर अमेरिकी नियामकीय स्थिति पहले से दूसरे कई डिजिटल एसेट्स की तुलना में स्पष्ट मानी जाती है। कार्यकारी के अनुसार, CLARITY Act पास होने पर इसकी स्थिति को संघीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।   Digital Asset Investor ने कहा कि कानून बनने से बड़ी वित्तीय संस्थाओं के लिए XRP को एक अनुपालन योग्य और इस्तेमाल करने योग्य एसेट के रूप में देखना आसान हो सकता है। हालांकि, सिर्फ कानून पास होना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बाद नियामकों को नए नियम और औपचारिक दिशानिर्देश तैयार करने होंगे। तभी कानून को व्यवहार में पूरी तरह लागू किया जा सकेगा।  संस्थागत निवेश में आ सकता है बड़ा उछाल  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, बड़ी पारंपरिक वित्तीय कंपनियां काफी समय से क्रिप्टो बाजार पर नजर रख रही हैं। लेकिन स्पष्ट संघीय नियमों की कमी के कारण उन्होंने बड़े स्तर पर पूंजी लगाने से परहेज किया है। GENIUS Act के बाद स्टेबलकॉइन बाजार में बढ़ी संस्थागत भागीदारी को वह एक उदाहरण मानते हैं। इसी तरह CLARITY Act लागू होने पर क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ सकता है।  उन्होंने संभावित बदलाव को ‘Absolute

Don't Miss