Pavel Durov Telegram: क्या कोई टेलीकॉम कंपनी आपकी पसंदीदा ऐप तक पहुंच रोक सकती है? अभी इसी सवाल को लेकर Telegram और Reliance के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। Telegram के संस्थापक पावेल ड्यूरोव ने आरोप लगाया है कि Reliance ने कथित तौर पर एक तकनीकी तरीके का इस्तेमाल कर भारत के बाहर भी लाखों यूजर्स के लिए Telegram की पहुंच प्रभावित की है। ड्यूरोव का दावा है कि यह मामला BGP Hijacking से जुड़ा है। हालांकि, Reliance की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है।
Telegram के फाउंडर पावेल डुरोव का बड़ा आरोप: Reliance पर BGP हाइजैकिंग के ज़रिए Telegram एक्सेस में रुकावट डालने का आरोप।
BGP Hijacking क्या है और कैसे करता है असर?
इंटरनेट पर किसी भी वेबसाइट या ऐप तक पहुंचने के लिए डेटा कई नेटवर्क से होकर गुजरता है। इस पूरी प्रक्रिया को दिशा देने का काम BGP (Border Gateway Protocol) करता है। अगर कोई नेटवर्क गलत तरीके से दावा करे कि ट्रैफिक उसी के पास भेजा जाए, तो डेटा गलत रास्ते पर जा सकता है। इसे ही BGP Hijacking कहा जाता है।
इसका असर कुछ ऐसा हो सकता है:
- ऐप खुलने में दिक्कत
- वेबसाइट का धीमा होना
- अचानक कनेक्शन टूटना
- कुछ मामलों में डेटा गलत नेटवर्क तक पहुंचना
आम यूजर को अक्सर पता भी नहीं चलता कि समस्या कहां से पैदा हुई है।
Wow. Reliance Communications has engaged in BGP hijacking of Telegram’s IP prefixes and is leaking it globally via FLAG Telecom (AS15412) and affecting traffic far beyond India. (Is this an accident?)
It is still live:
cc: @anurag_bhatia @Squeal @kingslyj @AroonDeep @Aditi_muses pic.twitter.com/gVf9ddmMFC— Pranesh Prakash (@pranesh) June 16, 2026
Telegram संस्थापक ने Reliance पर क्या आरोप लगाए?
पावेल ड्यूरोव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि Reliance कथित तौर पर Telegram की पहुंच को प्रभावित कर रही है। उन्होंने नेटवर्क ऑपरेटरों से कथित ‘अनधिकृत BGP घोषणाओं’ को अस्वीकार करने की भी अपील की। ड्यूरोव ने यह भी संकेत दिया कि मामला केवल तकनीकी नहीं बल्कि कारोबारी प्रतिस्पर्धा से भी जुड़ा हो सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई सार्वजनिक तकनीकी सबूत साझा नहीं किया।
Indian telecom Reliance is sabotaging access to Telegram for millions of users OUTSIDE India (including the UAE) via a rogue method called BGP hijacking.
The sabotage seems intentional, as Reliance has ignored multiple reports.
This may be part of a competitive war, as…
— Pavel Durov (@durov) June 16, 2026
क्या यह विवाद Telegram बैन मामले से जुड़ा है?
इस पूरे विवाद के बीच Telegram पहले से ही भारत में चर्चा में है। हाल ही में NEET UG 2026 परीक्षा से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामलों में Telegram चैनलों की भूमिका पर सवाल उठे थे। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आरोप लगाया था कि कुछ चैनलों का इस्तेमाल छात्रों और अभिभावकों को निशाना बनाने के लिए किया गया। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि NEET विवाद और BGP Hijacking आरोप दो अलग-अलग मुद्दे हैं। एक मामला परीक्षा सुरक्षा से जुड़ा है, जबकि दूसरा इंटरनेट नेटवर्किंग और डेटा रूटिंग से संबंधित है।
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यूजर्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
यह विवाद सिर्फ Telegram और Reliance तक सीमित नहीं है। इससे यह बड़ा सवाल सामने आता है कि इंटरनेट पर लोगों की पहुंच को कौन नियंत्रित करता है। अगर BGP जैसे सिस्टम का गलत इस्तेमाल होता है तो करोड़ों यूजर्स प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि अभी तकनीकी विशेषज्ञ और उद्योग जगत इस मामले पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
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फिलहाल Telegram के संस्थापक के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है और Reliance की प्रतिक्रिया का इंतजार है। लेकिन इस विवाद ने इंटरनेट सुरक्षा, डेटा नियंत्रण और डिजिटल स्वतंत्रता को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और खुलासे हो सकते हैं।
