Cyber Attack News: क्या दुनिया की सबसे बड़ी दवा कंपनियों में से एक का संवेदनशील AI और रिसर्च डेटा हैक हो गया है? ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, Novo Nordisk Cyber Attack मामले ने वैश्विक फार्मा इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। साइबर अपराधी समूह FulcrumSec ने दावा किया है कि उसने कंपनी का 1.3 टेराबाइट डेटा चुरा लिया है और उसका कुछ हिस्सा ऑनलाइन लीक भी करना शुरू कर दिया है।
Novo Nordisk पर बड़े साइबर हमले का दावा सामने आया है। हैकर्स ने AI मॉडल, रिसर्च डेटा और क्लिनिकल ट्रायल जानकारी लीक करने का दावा किया है।
क्या-क्या डेटा चोरी होने का दावा?
FulcrumSec का कहना है कि उसके पास कंपनी के कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं। इसमें क्लिनिकल ट्रायल रिकॉर्ड, कर्मचारियों का डेटा, रिसर्च फाइलें और AI मॉडल शामिल हैं।
हैकर्स के अनुसार चोरी किए गए डेटा में 30 प्रशिक्षित AI मॉडल, 70 डेटा सेट, 494GB रिसर्च माइक्रोस्कोपी इमेज, क्लिनिकल ट्रायल और दवा विकास से जुड़ी जानकारी शामिल है। हालांकि, कंपनी ने इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की है।
Novo Nordisk ने क्या कहा?
Novo Nordisk ने हाल ही में स्वीकार किया था कि उसके कुछ आंतरिक आईटी सिस्टम साइबर हमले का शिकार हुए हैं। कंपनी ने कहा कि कुछ गैर-सरकारी और निजी जानकारी बिना अनुमति के सिस्टम से बाहर कॉपी की गई है। कंपनी का कहना है कि प्रभावित डेटा में मरीजों के नाम या सीधे पहचान बताने वाली जानकारी शामिल नहीं है। हालांकि इसमें मरीज आईडी, जन्म वर्ष, स्वास्थ्य डेटा, बॉडी मास इंडेक्स और जीवनशैली संबंधी जानकारी मौजूद हो सकती है। कंपनी ने कहा कि फिलहाल मरीजों के लिए कोई तत्काल खतरा नहीं दिख रहा, लेकिन सभी को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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AI डेटा लीक से क्यों बढ़ी चिंता?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हैकर्स के दावे सही साबित होते हैं तो यह केवल डेटा चोरी का मामला नहीं रहेगा। AI मॉडल और रिसर्च डेटा किसी भी दवा कंपनी की सबसे बड़ी संपत्ति माने जाते हैं। इन जानकारियों के जरिए प्रतिस्पर्धी कंपनियां या साइबर अपराधी भविष्य की दवा परियोजनाओं, रिसर्च रणनीतियों और कारोबारी योजनाओं तक पहुंच बना सकते हैं। यही वजह है कि इस साइबर हमले को सामान्य डेटा ब्रीच से कहीं ज्यादा गंभीर माना जा रहा है।
जांच जारी, अधिकारियों से संपर्क में कंपनी
Novo Nordisk ने कहा है कि वह संबंधित सरकारी एजेंसियों और जांच अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। कंपनी ने यह भी पुष्टि की कि उसके प्रमुख प्लेटफॉर्म और सेवाएं सामान्य रूप से काम कर रही हैं। हैकर्स ने दावा किया है कि उन्हें कंपनी के क्लाउड और कोड एक्सेस सिस्टम में कमजोरियां मिली थीं, लेकिन इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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Ozempic और Wegovy जैसी लोकप्रिय दवाओं के लिए मशहूर Novo Nordisk पर हुआ यह साइबर हमला फार्मा सेक्टर के लिए बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट साफ करेगी कि आखिर कितना डेटा लीक हुआ और इसका कंपनी पर कितना असर पड़ेगा।
