crypto scam

ED की जांच में करोड़ों क्रिप्टो स्कैम का खुलासा

8 mins read
583 views
January 1, 2026

India ED Crypto Scam: भारत में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी के खिलाफ ED ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया है। ED ने बताया कि फर्जी ऑनलाइन क्रिप्टो प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को लालच देकर भारी रकम ठगी गई।

ED की कार्रवाई में बड़ा क्रिप्टो घोटाला सामने आया है। फर्जी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों की ठगी, नकद, बैंक खाते और संपत्तियां जब्त की गईं।

हरियाणा और चंडीगढ़ में छापेमारी

ED की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, 24 दिसंबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम के तहत हरियाणा के अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और चंडीगढ़ में कुल 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया है। इस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल सबूत और 18 बैंक अकाउंट जब्त किए गए, जिनमें 22 लाख से ज्यादा की ठगी की रकम पाई गई। इसके अलावा 4 लाख नकद बरामद किए गए और करीब 3 करोड़ की अचल संपत्तियों की पहचान भी की गई।

Crypto World Trading Company के नाम पर ठगी

यह मामला हरियाणा पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है। इसमें विकास कालरा, तरुण तनेजा, कपिल कुमार और पवन कुमार को आरोपी बनाया गया है। इन चारों पर Crypto World Trading Company नाम से फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म चलाने का आरोप है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकली क्रिप्टो अकाउंट बनाकर निवेशकों से पैसे अपने निजी खातों में मंगवाए। बाद में इन पैसों को परिवार और दोस्तों के खातों में ट्रांसफर कर लेन-देन को छिपाने की कोशिश की गई। ठगी की गई रकम का कुछ हिस्सा परिवार के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदने में भी लगाया गया।

READ MORE: क्रिप्टो रेगुलेशन पर निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान

दिसंबर में सामने आए कई बड़े क्रिप्टो स्कैम

ED ने पिछले महीने देशभर में कई बड़े क्रिप्टो घोटालों का खुलासा किया है। 13 दिसंबर को हिमाचल प्रदेश और पंजाब में 2,300 करोड़ के पोंजी MLM क्रिप्टो स्कैम से जुड़े 8 ठिकानों पर छापे मारे गए थे। इस घोटाले का मास्टरमाइंड सुभाष शर्मा को बताया गया है, जो 2023 में भारत से फरार हो चुका है। इस नेटवर्क में Korvio, Voscrow, DGT, Hypenext और A Global जैसे फर्जी प्लेटफॉर्म शामिल थे। इन स्कैम्स में नए निवेशकों के पैसों से पुराने निवेशकों को भुगतान किया जाता था। साथ ही टोकन की कीमतों में हेरफेर और शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग की जाती थी।

फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया का इस्तेमाल

23 दिसंबर को ED ने एक और पैन इंडिया नेटवर्क का खुलासा किया, जो कम से कम 26 फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट चला रहा था। इनमें goldbooker.com , fincorp.com , wozur.com  और cryptobrite.com  शामिल है। ठगों ने मशहूर हस्तियों की तस्वीरों, AI से बने कंटेंट और शुरुआती छोटे मुनाफे का इस्तेमाल कर लोगों का भरोसा जीता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को फंसाया गया है।

READ MORE: AI बन रहा ब्लॉकचेन और क्रिप्टो के लिए नया खतरा

निवेशकों के लिए चेतावनी

ED की ये कार्रवाइयां साफ दिखाती हैं कि एजेंसी ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। निवेशकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म में निवेश करने से बचना चाहिए।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Apple
Previous Story

Apple के AR स्मार्ट ग्लासेस में एंट्री…Meta को मिलेगी टक्कर? जानें खूबियां

Google-Maps-की-छुट्टी-Mappls
Next Story

Google Maps की छुट्टी! Mappls में आया ऐसा फीचर जो बदल देगा सफर का तरीका

Latest from Cryptocurrency

𝗔𝟭𝟲𝗭 का बड़ा दावा, 𝗖𝗟𝗔𝗥𝗜𝗧𝗬 𝗔𝗰𝘁 से 𝗫𝗥𝗣 को मिलेगा फायदा

XRP Price Prediction: क्या अमेरिका में नए क्रिप्टो कानून से XRP और पूरे डिजिटल एसेट बाजार की तस्वीर बदल सकती है? A16Z के सरकारी मामलों के प्रमुख ने हाल ही में एक चर्चा में कहा कि CLARITY Act के लागू होने से क्रिप्टो बाजार में संस्थागत निवेश की बड़ी लहर आ सकती है। उनका मानना है कि स्पष्ट नियम निवेशकों को लंबे समय के लिए बाजार में उतरने का भरोसा देंगे।  CLARITY Act से क्यों बढ़ेगा बाजार का भरोसा?  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, नियामकीय स्पष्टता सिर्फ नियम तय नहीं करती। यह वित्तीय संस्थानों को यह संकेत भी देती है कि सरकार ने किसी क्षेत्र को लेकर लंबी अवधि की नीति तय कर ली है। उन्होंने GENIUS Act का उदाहरण दिया। इस कानून के बाद स्टेबलकॉइन सेक्टर में नए नियम और मानक स्पष्ट हुए। इसके बाद स्टार्टअप्स और पारंपरिक वित्तीय संस्थानों की स्टेबलकॉइन में दिलचस्पी बढ़ी। उनका कहना है कि बड़े संस्थागत निवेशक ऐसे बाजार से दूरी बनाते हैं, जहां कानून या नियम अचानक बदल सकते हैं। स्पष्ट कानून इस अनिश्चितता को कम कर सकता है।  XRP को कैसे मिल सकता है फायदा?  चर्चा में XRP भी खास फोकस में रहा। XRP को लेकर अमेरिकी नियामकीय स्थिति पहले से दूसरे कई डिजिटल एसेट्स की तुलना में स्पष्ट मानी जाती है। कार्यकारी के अनुसार, CLARITY Act पास होने पर इसकी स्थिति को संघीय स्तर पर और मजबूती मिल सकती है।   Digital Asset Investor ने कहा कि कानून बनने से बड़ी वित्तीय संस्थाओं के लिए XRP को एक अनुपालन योग्य और इस्तेमाल करने योग्य एसेट के रूप में देखना आसान हो सकता है। हालांकि, सिर्फ कानून पास होना पर्याप्त नहीं होगा। इसके बाद नियामकों को नए नियम और औपचारिक दिशानिर्देश तैयार करने होंगे। तभी कानून को व्यवहार में पूरी तरह लागू किया जा सकेगा।  संस्थागत निवेश में आ सकता है बड़ा उछाल  A16Z के कार्यकारी के मुताबिक, बड़ी पारंपरिक वित्तीय कंपनियां काफी समय से क्रिप्टो बाजार पर नजर रख रही हैं। लेकिन स्पष्ट संघीय नियमों की कमी के कारण उन्होंने बड़े स्तर पर पूंजी लगाने से परहेज किया है। GENIUS Act के बाद स्टेबलकॉइन बाजार में बढ़ी संस्थागत भागीदारी को वह एक उदाहरण मानते हैं। इसी तरह CLARITY Act लागू होने पर क्रिप्टो और ब्लॉकचेन सेक्टर में निवेश तेजी से बढ़ सकता है।  उन्होंने संभावित बदलाव को ‘Absolute

Don't Miss