claude

Claude के निर्माता का चेतावनी: AI कोडिंग हमेशा भरोसेमंद नहीं

5 mins read
403 views
December 17, 2025

AI Coding Warning: Anthropic के Claude Code के इंजीनियर बोरिस चेर्नी ने चेतावनी दी है कि AI सहायता वाली vibe coding सिर्फ प्रोटोटाइप बनाने के लिए सही है, लेकिन उत्पादन के लिए तैयार कोड के लिए भरोसेमंद नहीं। उन्होंने कहा कि यह तरीका हर समय इस्तेमाल करने के लिए सही नहीं है।

AI वाइब कोडिंग प्रोटोटाइप बनाने में मदद करती है, लेकिन उत्पादन कोड के लिए भरोसेमंद नहीं। उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार इंसानी निगरानी और अनुभव अभी भी अनिवार्य है।

बड़ी कंपनियों में AI कोडिंग की बढ़ती हिस्सेदारी

Google और Microsoft जैसी टेक कंपनियों ने अपनी कोडिंग में AI की हिस्सेदारी बढ़ने की जानकारी दी है। Google के CEO सुंदर पिचाई ने कहा है कि अब Google में 25% नया कोड AI लिखता है, जबकि 2024 में भी यही आंकड़ा था। Microsoft के CEO सत्य नडेला ने बताया कि Microsoft का लगभग 30% कोड AI से तैयार होता है।

प्रोडक्शन कोड में चुनौती

चेर्नी का कहना है कि मानव निगरानी जरूरी है। कभी-कभी आपको मेंटेनेबल और सोच-समझकर लिखा गया कोड चाहिए। AI केवल सुझाव दे सकता है, लेकिन अंतिम कंट्रोल इंसान के पास होना चाहिए। चेर्नी अपने काम में AI का इस्तेमाल कोड का प्लान बनाने, सुधारने या साफ करने के लिए करते हैं, लेकिन महत्वपूर्ण हिस्सों का कोड वह खुद लिखते हैं। उनका कहना है कि वाइब कोडिंग सिर्फ थ्रोअवे प्रोटोटाइप में ठीक है, गंभीर और जटिल प्रोजेक्ट्स के लिए भरोसेमंद नहीं।

READ MORE: सेल्फी से लेकर यादों तक सबका हिसाब देगा, Google का यह फीचर…

AI कोडिंग की वर्तमान स्थिति

चेर्नी ने माना कि AI कोडिंग में सुधार हुआ है, लेकिन यह अभी भी पूर्ण रूप से सही नहीं है। AI मॉडल में अभी भी गलतियां, लंबा और जटिल कोड और संरचना में कमी हो सकती है।

READ MORE: Google करेगा 2026 में पहली AI स्मार्ट ग्लासेज लॉन्च

उद्योग विशेषज्ञों की राय

 Google के पिचाई ने कहा कि बड़े कोडबेस पर AI का भरोसा नहीं किया जा सकता। Zoho के संस्थापक Sridhar Vembu ने कहा कि कोडिंग एक गहरी कला है और इसे सिर्फ नेचुरल-लैंग्वेज प्रॉम्प्ट्स पर नहीं छोड़ा जा सकता।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

super computer
Previous Story

आ गया विश्व का सबसे छोटा AI सुपरकंप्यूटर…पॉकेट में लेकर घूम सकते हैं आप

OnePlus Turbo Series कंफर्म: गेमिंग लवर्स हो जाएं तैयार
Next Story

OnePlus Turbo Series कंफर्म: गेमिंग लवर्स हो जाएं तैयार

Latest from Artificial Intellience

Perplexity पर्सनल कंप्यूटर फाइल्स, ऐप्स और वॉयस कमांड के साथ काम कर सकता है, जानें इसके खास फीचर्स।

AI का अगला लेवल Perplexity पर्सनल कंप्यूटर Mac यूजर्स के लिए लॉन्च!

Perplexity Personal Computer: एआई  असिस्टेंट नहीं, पूरा वर्कफ्लो मैनेजर समझिए। जी हां, Perplexity AI ने Mac यूजर्स के लिए एक जबरदस्त टूल लॉन्च किया है। यह सवाल- जवाब देने के साथ-साथ पूरे डिजिटल वर्कफ्लो को संभालने के लिए डिजाइन किया

Don't Miss