Ubiqedge seed funding: भारत के औद्योगिक परिदृश्य को डिजिटल बनाने की दिशा में Ubiqedge ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने स्टार्टअप के लिए अपने सीड फंडिंग राउंड में 10 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई है। इस निवेश का लीड Piper Serica ने किया। जिसमें एटमबर्ग के सीईओ शिबम दास और सुमित छाजेड़ जैसे दिग्गज निवेशकों ने भी अपनी भागीदारी दर्ज की। इससे साफ है कि अब भारतीय बाजार में सॉफ्टवेयर ही नहीं, हार्डवेयर और एआई के मेल AIoT पर भरोसा बढ़ रहा है।
क्या है Ubiqedge का नया प्लेटफॉर्म? 10 करोड़ के नए निवेश के साथ यह स्टार्टअप…जानें क्या है कंपनी आगे का प्लान।
इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए तैयार किया ‘ऑपरेटिंग सिस्टम‘
मार्च 2024 में विसात पटेल, अर्चित खंडेलवाल, अखिलेश थोराट और हेतवी शाह द्वारा स्थापित यह स्टार्टअप औद्योगिक बुनियादी ढांचे के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम विकसित कर रहा है। इनका हार्डवेयर प्लेटफॉर्म KLEON और एआई-सॉफ्टवेयर लेयर SAMASTH मिलकर काम करते हैं। यह तकनीक मशीनों की निगरानी के साथ-साथ वास्तविक समय में नियंत्रित और ऑप्टिमाइज़ करने की क्षमता भी देती है। जो पारंपरिक उद्योगों के लिए किसी बड़ा बदलाव से कम नहीं है।
इन क्षेत्रों में दिखेगा बदलाव का असर
Ubiqedge से मिलने वाले फंड का मुख्य इस्तेमाल एआई क्षमताओं को और अधिक घातक बनाने और जल प्रबंधन, वायु गुणवत्ता, सौर ऊर्जा और निर्माण जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तैनाती के लिए किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य अपने सिस्टम इंटीग्रेटर्स और OEM पार्टनर्स के नेटवर्क को विस्तार देना है। जिससे कि औद्योगिक इकाइयों को नियामक मानदंडों को पूरा करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने में मदद मिल सके।
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समस्याओं का स्मार्ट समाधान
आज भी कई उद्योग बिखरे हुए सिस्टम, मैन्युअल मॉनिटरिंग और देरी से लिए गए फैसलों के कारण घाटा झेलते हैं। Ubiqedge इन चुनौतियों को अपने फुल-स्टैक समाधान से हल करता है। यह रियल-टाइम डेटा को तुरंत काम आने वाली जानकारियों और ऑटोमेटेड कंट्रोल में बदल देता है। कंपनी अब तक 23,000 से अधिक बोरवेल का डिजिटलीकरण कर चुकी है।
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टेक समस्या सुलझाने में 80 फीसदी कमी
Ubiqedge ने दावा किया है कि उनकी तकनीक की मदद से तकनीकी समस्याओं को सुलझाने के समय में 80 प्रतिशत से अधिक की कमी आई है। हालांकि, इस क्षेत्र में Samsara, Teltonika और Datoms जैसे वैश्विक और घरेलू स्तर पर कड़ी टक्कर मिल रही है। भारत की विशिष्ट औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया इनका हार्डवेयर-सॉफ्टवेयर स्टैक इन्हें एक मजबूत दावेदार बनाता है।
इस प्रकार देखें तो यह फंडिंग उनके इस सफर में ईंधन का काम करेगी। स्टार्टअप को रफ्तार देगी।
