Plazza funding : बेंगलुरु स्थित क्विक मेडिसिन डिलीवरी स्टार्टअप Plazza हेल्थकेयर डिलीवरी के मॉडल को बदलने की तैयारी शूरू कर दी है। कंपनी करीब 15 मिलियन डॉलर जुटाने के लिए निवेशकों से बातचीत में है। जिससे यह साफ है कि बाजार में इंस्टेंट मेडिसिन अब अगला बड़ा ट्रेंड बनने जा रहा है। तो आइए जानते हैं कंपनी के इसके पीछे की रणनीति।
इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी की दौड़ में Plazza तेजी से आगे बढ़ रहा है, 50 मिलियन डॉलर वैल्यूएशन के करीब पहुंचा।
तीन बड़े निवेशक, एक ही दांव: स्पीड
इस संभावित फंडिंग राउंड में Accel, Elevation Capital और Nexus Venture Partners जैसे बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। हर निवेशक करीब 4 मिलियन डॉलर लगाने की योजना में है। वहीं, मौजूदा निवेशक All In Capital भी हिस्सेदारी बढ़ा सकते हैं। यह बताता है कि निवेशकों का फोकस अब फास्ट डिलीवरी वाले हेल्थटेक मॉडल पर तेजी से शिफ्ट हो रहा है। कुछ ही महीने पहले Plazza ने सिर्फ 1.4 मिलियन डॉलर की सीड फंडिंग जुटाई थी। लेकिन अब इसकी वैल्यूएशन लगभग 50 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है। यह उछाल दिखाता है कि स्टार्टअप ने कम समय में मजबूत ग्रोथ और मार्केट में पकड़ बनाई है।
डार्क स्टोर मॉडल से बदल रहा फार्मेसी बिजनेस
Plazza पारंपरिक ई-फार्मेसी से अलग, इन्वेंट्री आधारित मॉडल पर काम करता है। इसके स्टोर डार्क स्टोर की तरह काम करते हैं, जहां से 15 से 60 मिनट के भीतर दवाइयों की डिलीवरी की जाती है। यही मॉडल इसे तेजी से उभरते क्विक कॉमर्स सेक्टर के करीब ले आता है। कंपनी के पास 20,000 से ज्यादा प्रोडक्ट्स SKUs हैं। यह किसी भी सामान्य मेडिकल स्टोर से कई गुना अधिक है। Plazza अब तक 10,000 से ज्यादा ग्राहकों को सेवा दे चुका है। हर हफ्ते लगभग 25 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।
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आने वाले 12 महीनों का बड़ा प्लान
Plazza अगले एक साल में करीब 20 नए आउटलेट खोलने की योजना बना रहा है। इसका मकसद हर इलाके में तेज डिलीवरी सुनिश्चित करना है। इसके लिए कंपनी सप्लाई चेन और इन्वेंट्री मैनेजमेंट पर भी भारी निवेश करने जा रही है। इस सेक्टर में Swiggy Instamart ने PharmEasy के साथ साझेदारी की है। वहीं, Zepto और Amazon India भी हेल्थकेयर डिलीवरी में अपने कदम मजबूत कर रहे हैं।
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मौका बड़ा, लेकिन चुनौती भी उतनी ही कठिन
इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी का बाजार भले ही तेजी से बढ़ रहा हो, लेकिन इसमें ऑपरेशन और लागत दोनों ही ज्यादा हैं। स्टोर खोलना, स्टॉक मैनेज करना और नियमों का पालन करना। ये सब कंपनी के लिए बड़ी चुनौती हैं। Plazza भारत में हेल्थकेयर भी अब इंस्टेंट होने की दिशा में बढ़ रहा है। आने वाले समय में यह देखना होगा कि क्या Plazza इस रेस में आगे निकल पाता है या नहीं।
