Meta का बड़ा कानूनी संकट, किशोरों की लत केस में बातचीत!

Meta का बड़ा कानूनी संकट, किशोरों की लत केस में बातचीत!

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August 26, 2026

US States Lawsuit: अमेरिका में Meta के खिलाफ चल रहे बड़े मुकदमे में अब समझौते की बातचीत शुरू होने की खबर है। मामले से जुड़े लोगों के मुताबिक, 29 राज्यों के अटॉर्नी जनरल और Meta के बीच ट्रायल के दौरान संभावित सेटलमेंट पर चर्चा हुई है। मामला कैलिफोर्निया के ओकलैंड की संघीय अदालत में दूसरे हफ्ते में पहुंच चुका है। राज्यों का आरोप है कि Meta ने युवाओं को ज्यादा देर तक प्लेटफॉर्म पर बनाए रखने वाली डिजाइन तैयार की और सुरक्षा को लेकर लोगों को गुमराह किया।

Facebook और Instagram को लेकर Meta पर गंभीर आरोप लगे, 29 राज्यों के केस में अब समझौते की चर्चा है।

Meta पर 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक जुर्माने का खतरा

इस केस में Meta के लिए दांव बहुत बड़ा है। कंपनी की अपनी गणना के मुताबिक, अगर वह मुकदमा हारती है तो जुर्माना 1.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। यह रकम Meta के मौजूदा बाजार मूल्य के करीब बताई जा रही है। हालांकि, किसी समझौते में रकम इससे काफी कम रहने की संभावना है। 29 राज्यों ने उपभोक्ता संरक्षण और बच्चों की निजता से जुड़े कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इन कानूनों के तहत लाखों युवा यूजर्स से जुड़े मामलों में जुर्माना तेजी से बढ़ सकता है। Meta ने सभी आरोपों से इनकार किया है। कंपनी का कहना है कि राज्यों की मांग में प्लेटफॉर्म के डिजाइन में अनुचित बदलाव और बहुत बड़ी रकम शामिल है।

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किशोरों की लत को लेकर क्या है आरोप?

चार राज्यों के अटॉर्नी जनरल ने अलग-अलग राज्य कानूनों के तहत आरोप लगाया है कि Meta ने ऐसे फीचर्स बनाए, जो युवाओं को बार-बार और लंबे समय तक Facebook और Instagram इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करते थे। मुकदमे की सुनवाई के पहले हफ्ते में Instagram प्रमुख Adam Mosseri और Meta के मौजूदा व पूर्व कर्मचारियों ने गवाही दी। इन लोगों ने प्लेटफॉर्म डिजाइन और किशोर यूजर्स के व्यवहार पर बात की। वकीलों ने संकेत दिया है कि Meta के संस्थापक और CEO Mark Zuckerberg को भी गवाही के लिए बुलाया जा सकता है।

13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा भी मुद्दा

इस मामले में सिर्फ प्लेटफॉर्म की लत का मुद्दा नहीं है। 29 राज्यों के समूह ने Meta पर 13 साल से कम उम्र के बच्चों का डेटा जुटाने का आरोप भी लगाया है। राज्यों का कहना है कि इससे संघीय Children’s Online Privacy Protection Act यानी COPPA का उल्लंघन हुआ। दुनियाभर में सोशल मीडिया कंपनियों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर दबाव बढ़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में युवाओं के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त कदम उठाए गए हैं या प्रस्तावित हैं। अमेरिका में कानून के जरिए बदलाव सीमित रहे हैं। ऐसे में अदालतें इस लड़ाई का अहम मैदान बन गई हैं।

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Meta के साथ Google, Snap और TikTok भी घेरे में

सोशल मीडिया से जुड़े कानूनी मामलों का असर सिर्फ Meta तक सीमित नहीं है। Meta के अलावा Alphabet के Google, Snap और TikTok भी अमेरिका में हजारों मामलों का सामना कर रहे हैं। इन कंपनियों के खिलाफ 3,000 से ज्यादा व्यक्तिगत चोट के दावे हैं। इसके अलावा देशभर के पब्लिक स्कूल जिलों ने करीब 1,300 और मुकदमे दायर किए हैं। अभी Meta और राज्यों के बीच बातचीत का अंतिम नतीजा सामने नहीं आया है। अगर समझौता नहीं होता, तो मुकदमा आगे बढ़ेगा और Meta को भारी आर्थिक दंड के साथ प्लेटफॉर्म डिजाइन में बदलाव का दबाव भी झेलना पड़ सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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