रुपये-का-दमदार-कमाल,-डॉलर-के-मुकाबले-13-पैसे-मजबूत

रुपये का दमदार कमाल, डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत

5 mins read
60 views
July 10, 2026

Rupee Vs Dollar: क्या आज रुपया फिर मजबूती की राह पर लौट आया? Rupee vs Dollar की ताज़ा चाल यही संकेत दे रही है। शुक्रवार सुबह भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत होकर खुला। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और डॉलर की वैश्विक कमजोरी ने घरेलू मुद्रा को शुरुआती कारोबार में सहारा दिया।

रुपया आज डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत हुआ। सस्ते कच्चे तेल और कमजोर डॉलर इंडेक्स से मिला सहारा, पश्चिम एशिया तनाव बना जोखिम।

Rupee vs Dollar: शुरुआती कारोबार में दिखी मजबूती

आज रुपया 95.26 प्रति डॉलर पर खुला, जबकि गुरुवार को इसका बंद भाव 95.39 प्रति डॉलर था। यानी शुरुआती कारोबार में भारतीय मुद्रा ने 13 पैसे की बढ़त दर्ज की। इस सप्ताह अब तक रुपया 94.96 से 95.60 के दायरे में कारोबार करता रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बावजूद भारतीय रिजर्व बैंक की सक्रियता ने रुपये पर दबाव सीमित रखा।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से मिला सहारा

भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल का आयात करता है। ऐसे में तेल सस्ता होने पर रुपये को फायदा मिलता है। फिलहाल ब्रेंट क्रूड करीब 76.34 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। गुरुवार को इसमें करीब 2% की गिरावट दर्ज हुई। हालांकि पूरे सप्ताह तेल की कीमतें 71 डॉलर से 80.50 डॉलर प्रति बैरल के बीच उतार-चढ़ाव करती रहीं। इसी वजह से विदेशी मुद्रा बाजार में भी सतर्कता बनी हुई है।

READ MORE: US-Iran डील बनी गेमचेंजर, रुपये ने पकड़ी तेज रफ्तार

पश्चिम एशिया का तनाव बना सबसे बड़ा जोखिम

बाजार की नजर अब पश्चिम एशिया के हालात पर टिकी है। हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े सैन्य तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। जानकार मानते हैं कि अगर स्थिति और बिगड़ती है तो अगले कारोबारी सत्रों में रुपये पर फिर दबाव आ सकता है। दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नरमी ने फिलहाल भारतीय मुद्रा को राहत दी है।

READ MORE: Dollar Vs Rupee: डॉलर के सामने रुपया हुआ कमजोर, बढ़ेगी महंगाई!

आज की शुरुआत भारतीय रुपये के लिए सकारात्मक रही है। हालांकि आने वाले दिनों में Rupee vs Dollar की दिशा काफी हद तक कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया के ताज़ा घटनाक्रम पर निर्भर करेगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Gold Rate Today_ आज सोने के दाम चेक करें, फिर करें खरीदार
Previous Story

Gold Rate Today: आज सोने के दाम चेक करें, फिर करें खरीदारी

स्टार्टअप-फाउंडर्स-की-पहली-पसंद,-ये-हैं-सबसे-दमदार-लैपटॉप
Next Story

स्टार्टअप फाउंडर्स की पहली पसंद, ये हैं सबसे दमदार लैपटॉप

Latest from Business

𝗚𝗼𝗹𝗱 𝗥𝗮𝘁𝗲 𝟯𝟬 𝗝𝘂𝗹𝘆: 𝟭𝟴𝗞, 𝟮𝟮𝗞 और 𝟮𝟰𝗞 के नए दाम

𝗚𝗼𝗹𝗱 𝗥𝗮𝘁𝗲 𝟯𝟬 𝗝𝘂𝗹𝘆: 𝟭𝟴𝗞, 𝟮𝟮𝗞 और 𝟮𝟰𝗞 के नए दाम

Gold Rate Today: 30 जुलाई को दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, कोलकाता और पुणे में 18K, 22K और 24K सोने के ताजा भाव जानिए। Gold Rate Today: क्या आप आज सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं? तो पहले Gold Rate Today जरूर देख लें। 30 जुलाई को देश के प्रमुख शहरों में 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग दर्ज किए गए हैं। अभी सबसे अधिक कीमत चेन्नई में देखने को मिल रही है, जबकि दिल्ली, बेंगलुरु और पुणे में रेट लगभग समान हैं।  Gold Rate Today: प्रमुख शहरों में आज के लेटेस्ट सोने के भाव देश के अलग-अलग शहरों में टैक्स, स्थानीय शुल्क और ज्वेलर्स के मार्जिन की वजह से कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिलता है। आज जारी ताजा रेट इस प्रकार हैं  बेंगलुरु: 18K – 1,06,545.00 | 22K – 1,30,126.96
Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

Apple Lease EMI मिस हुई तो iPhone लॉक होगा? जानें सच

क्या EMI नहीं भरने पर iPhone के ऐप्स बंद हो जाएंगे? Apple ने Restricted Mode की खबरों को खारिज किया  Apple Upgrade: क्या iPhone की EMI नहीं भरने पर आपका फोन लॉक हो जाएगा? इस सवाल पर Apple ने अब बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। कंपनी ने साफ कहा है कि Apple Upgrade Program के तहत भुगतान चूकने पर डिवाइस के फीचर्स को सीमित करने वाला कोई Restricted Mode नहीं होगा।   Apple के इस बयान से उन अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि EMI नहीं भरने पर iPhone, iPad, Mac या Apple Watch का इस्तेमाल सीमित किया जा सकता है। कंपनी के मुताबिक, ऐसे मामलों को मौजूदा फाइनेंसिंग और लीज खत्म करने की नीतियों के तहत संभाला जाएगा।  Apple Upgrade Program में Restricted Mode की चर्चा क्यों हुई?  हाल ही में iOS 27 बीटा में एक फीचर को लेकर रिपोर्ट सामने आई थी। इसमें App Managed Feature देखा गया था। रिपोर्ट में दावा किया गया कि यह फीचर फाइनेंसिंग पार्टनर्स को डिवाइस की स्थिति की समय-समय पर जांच करने की सुविधा दे सकता है। इसके बाद ऐसी अटकलें तेज हो गईं कि Apple भुगतान नहीं करने वाले ग्राहकों के डिवाइस पर Restricted Mode लागू कर सकता है। इस मोड में कथित तौर पर सिर्फ Phone, Settings, Clock, Wallet और App
भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

भारत पर 100% अमेरिकी टैरिफ का खतरा, तेल खरीदना पड़ेगा भारी

अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों का बिल आगे बढ़ा, जानें भारत क्यों निशाने पर है और 100% संभावित टैरिफ का क्या असर पड़ सकता है।  India-US Tariff: अमेरिका में रूस पर नए प्रतिबंधों से जुड़ा एक बड़ा बिल सीनेट में आगे बढ़ गया है। मंगलवार को हुए प्रक्रियात्मक मतदान में बिल के पक्ष में 86 वोट पड़े, जबकि 12 सांसदों ने विरोध किया। इसमें रूस की ऊर्जा खरीद जारी रखने वाले कुछ बड़े देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत और चीन इस प्रस्तावित व्यवस्था की सबसे बड़ी जद में आ सकते हैं। हालांकि, अभी यह बिल कानून नहीं बना है।  US Russia Sanctions Bill में भारत क्यों आया निशाने पर?  इस प्रस्ताव का मकसद रूस की तेल और गैस से होने वाली कमाई पर दबाव डालना है। बिल अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों के सामान पर भारी टैरिफ लगाने की शक्ति देगा, जो रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदार हैं या रूस को प्रतिबंधों से बचने में मदद करते हैं। ताजा समझौते के मुताबिक, संभावित टैरिफ का दायरा रूसी कच्चे तेल या गैस के पांच सबसे बड़े खरीदारों और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले प्रमुख देशों तक सीमित किया गया है। भारत और चीन इस सूची में महत्वपूर्ण देश माने जा रहे हैं।  भारत के लिए यह मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि रूसी कच्चा तेल देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अगर अमेरिकी कानून के तहत अतिरिक्त शुल्क लगाया जाता है, तो भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर नया दबाव बन सकता है।  READ MORE: हैदराबाद के टॉप 10 AI स्टार्टअप्स 2026   भारत पहले से झेल रहा 50% टैरिफ का दबाव  भारत पहले ही अमेरिकी टैरिफ को लेकर दबाव में है। आपके दिए विवरण के मुताबिक, अगस्त 2025 में अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाए जाने के बाद कुल अमेरिकी टैरिफ बोझ 50% तक पहुंच गया था। अब नया प्रतिबंध विधेयक सामने आने से दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों को लेकर चिंता बढ़ सकती है। हालांकि, प्रस्तावित कानून में राष्ट्रपति को कुछ परिस्थितियों में प्रतिबंध या टैरिफ से छूट देने का अधिकार भी दिया गया है।  रूस से तेल खरीद पर क्या होगा असर?  भारत के लिए रूसी तेल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वैश्विक ऊर्जा बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में रूस से मिलने वाला तेल भारतीय रिफाइनरों के लिए एक अहम विकल्प रहा है। अगर अमेरिका इस बिल को कानून का रूप देता है और भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लागू करता है, तो इसका असर भारतीय निर्यातकों पर पड़ सकता है। अमेरिका जाने वाले भारतीय सामान की लागत बढ़ सकती है और कई उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो सकती है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिबंधों के समर्थकों का तर्क है कि इससे रूस की ऊर्जा आय घटेगी और यूक्रेन युद्ध के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद पर दबाव पड़ेगा।  READ MORE: सेंसेक्स

Don't Miss