Aurm funding: बैंक लॉकर की कमी लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। शहरों में लोगों को लॉकर के लिए इंतजार करना पड़ता है। इसी समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी Aurm ने ली है। फिलहाल यह स्टार्टअप अब घर के पास लॉकर की तरह सुविधा दे रहा है। हाल ही में मिली फंडिंग से इसके विस्तार को नई गति मिलेगी। तो आइए जानते हैं विस्तार से।
अर्थ फंड और सत्वा वेंचर्स के निवेश के बाद Aurm अपने ऑटोमेटेड लॉकर नेटवर्क को तेजी से विस्तार देने की तैयारी में है। जानिए इसके पीछे की वजह।
फंडिंग और निवेशकों का भरोसा
ऑर्म ने 42 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग हासिल की है। इस राउंड को Earth Fund और Sattva Ventures ने लीड किया है। इसके साथ ही कई छोटे-छोटे निवेशकों ने भी इसमें भाग लिया। कहा यह जा रहा है कि शुरुआती निवेश में कंपनी के बिजनेस मॉडल पर मजबूत भरोसा दिखाता है। यह पारंपरिक बैंक लॉकर सिस्टम से अलग काम करता है। यह गेटेड सोसाइटी, कॉर्पोरेट कैंपस और अन्य क्लोज्ड स्पेस में लॉकर सुविधा उपलब्ध कराता है। इससे लोगों को बैंक जाने की जरूरत कम हो जाती है। उन्हें अपने आसपास ही सुरक्षित स्टोरेज मिल जाता है।
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टेक्नोलॉजी और सिक्योरिटी फीचर्स
कंपनी का पूरा सिस्टम टेक्नोलॉजी पर आधारित है। लॉकर पूरी तरह ऑटोमेटेड हैं और 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। इसमें मल्टी-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, एडवांस सर्विलांस जैसी सुविधाएं दी गई हैं। इससे यूजर्स को बैंक जैसी, बल्कि उससे बेहतर सुरक्षा मिलती है। आर्म कंपनी ने अपने स्ट्रॉन्ग रूम को इस तरह डिजाइन किया है कि यूजर्स को प्राइवेसी और आराम दोनों मिलें। इसे एक प्रीमियम ड्रेसिंग रूम जैसा अनुभव देने की कोशिश की गई है।
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कंपनी की शुरुआत और विजन
बता दें कि Aurm की स्थापना 2023 में हुई थी। जिनमें विजय अरिसेट्टी, सुरज एचएस, प्रताप चंदाना और गणेश बालकृष्णन शामिल थे। कंपनी का लक्ष्य है कि सुरक्षा सेवाओं को लोगों के करीब लाया जाए। टेक्नोलॉजी के बढ़ियां से उपयोग कर इसे आसान, सुरक्षित और सुलभ बनाया जाए। अब इसके बारें कहा जा रहा है कि कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपने नेटवर्क के विस्तार में करेगी। नई लोकेशन पर लॉकर इंस्टॉल किए जाएंगे। साथ ही टेक्नोलॉजी और ऑटोमेशन को और मजबूत किया जाएगा। इससे ज्यादा लोगों तक यह सुविधा पहुंच सकेगी।
यह सुविधा, सुरक्षा और टेक्नोलॉजी का नया मिश्रण है। अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में बैंक लॉकर का पारंपरिक सिस्टम पूरी तरह बदल सकता है।
