SpaceX OpenAI Anthropic IPO Wave FII Investment From India

दुनिया AI पर फिदा, भारत से क्यों निकले करोड़ों डॉलर के फंड?

6 mins read
6 views
June 12, 2026

Foreign Portfolio Investment: क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती लोकप्रियता भारत के लिए चुनौती बन रही है? ताज़ा आंकड़े कुछ ऐसा ही संकेत दे रहे हैं। दुनिया भर के निवेशक तेजी से AI से जुड़े बाजारों में पैसा लगा रहे हैं, जबकि भारत से विदेशी निवेश का प्रवाह कमजोर पड़ता दिख रहा है।

SpaceX, OpenAI, Anthropic के IPO से भारत में FII निवेश पर पड़ सकता है असर, जानें EPFR के Cameron Brandt ने क्या कहा।

AI निवेश की ओर बढ़ रहा वैश्विक पैसा

EPFR Global के रिसर्च डायरेक्टर कैमरून ब्रांट के मुताबिक, AI निवेश से जुड़े टेक्नोलॉजी फंड्स में लगातार रिकॉर्ड निवेश हो रहा है। खासतौर पर अमेरिका, दक्षिण कोरिया और ताइवान जैसे बाजार निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। ब्रांट का कहना है कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर की लागत और मुनाफे को लेकर सवाल जरूर हैं, लेकिन निवेशकों का उत्साह कम नहीं हुआ है। AI सेक्टर में पूंजी का प्रवाह अभी भी तेजी से बढ़ रहा है।

भारत से निकले 770 मिलियन डॉलर

Elara Capital की 12 जून की ग्लोबल लिक्विडिटी ट्रैकर रिपोर्ट के अनुसार, 4 से 10 जून के बीच भारत से 770 मिलियन डॉलर की विदेशी निकासी दर्ज की गई। इसमें से 460 मिलियन डॉलर केवल भारत-केंद्रित फंड्स से निकाले गए। विशेषज्ञ मानते हैं कि निवेशक फिलहाल उन बाजारों की तरफ बढ़ रहे हैं जहां AI से जुड़ी कंपनियां और अवसर अधिक दिखाई दे रहे हैं।

SpaceX और OpenAI भी बढ़ा रहे आकर्षण

बाजार में संभावित IPO को लेकर भी उत्साह बना हुआ है। निवेशकों की नजर SpaceX, OpenAI और Anthropic जैसी कंपनियों पर टिकी है। ब्रांट के अनुसार, कुछ निवेशक SpaceX को सिर्फ स्पेस कंपनी नहीं बल्कि Starlink के जरिए एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी के रूप में देख रहे हैं। यही वजह है कि टेक्नोलॉजी के साथ टेलीकॉम फंड्स में भी निवेश बढ़ा है।

READ MORE: OpenAI, SpaceX और Anthropic के IPO प्लान ने बढ़ाई हलचल

क्या भारत के लिए चिंता की बात है?

रिपोर्ट बताती है कि उभरते बाजारों की तुलना में भारत का प्रदर्शन पिछले एक साल और तीन साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI तकनीक के व्यापक उपयोग से भारत को भी फायदा मिल सकता है।

READ MORE: Google और SpaceX मिलकर अंतरिक्ष में भेजेंगे AI सेंटर?

फिलहाल वैश्विक निवेशकों का फोकस AI सेक्टर पर है और इसका असर भारत में विदेशी निवेश पर दिखाई दे रहा है। हालांकि लंबे समय में AI आधारित सेवाओं और नवाचारों से भारत के लिए नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Threat Intelligence Engineer 2026 Career Guide
Previous Story

Threat Intelligence Engineer कैसे बनें? जानिए कोर्स, स्किल्स और सैलरी

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss