Opera One AI features: Artificial Intelligence के आने के बाद हर प्लेटफॉर्म में बदलाव होना शुरू हो गया है। चाहे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म हो, ई कॉमर्स, चैटिंग और मैसेंजिंग प्लेटफॉर्म सभी जगह एआई ने दस्तक दे दिया है। इसी कड़ी में चर्चित ब्राउजर Opera ने भी अपना कदम बढ़ा दिया है। Opera अब टरनेट ब्राउज़िंग अब सिर्फ वेबसाइट खोलने तक सीमित नहीं रखना चाहता है। अब इसे एक Opera One के नए स्मार्ट वर्कस्टेशन बनाना चाहता है। इस बदलाव का मकसद है। यूज़र्स को एक ही जगह पर ज्यादा काम कर की सुविधा देना।
Gemini, ChatGPT और Translate अब Opera One के साइडबार में, जानिए कैसे ये अपडेट आपके काम को आसान बनाएगा।
साइडबार में AI की एंट्री
इस अपडेट की सबसे खास बात है साइडबार में सीधे Google Gemini का इंटीग्रेशन। पहले यूजर्स को सवाल पूछने के लिए टैब बदलना पड़ता था। लेकिन अब यूज़र्स को AI से सवाल पूछने या कंटेंट जनरेट करने के लिए बार-बार टैब बदलन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे काम की स्पीड और फोकस दोनों बेहतर होंगे।
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Opera-Google साझेदारी का असर
दरअसल, Opera और Google के बीच हुई साझेदारी अब दिखाई देने लगा है। पहले जहां AI एक अलग टूल जैसा लगता था। अब वह ब्राउज़र के अंदर ही सहज रूप से शामिल हो गया है। इस नए फीचर के माध्यम से यूज़र्स एक साथ कई काम को मैनेज कर सकते हैं। एक तरफ वेबसाइट खुली हो और दूसरी तरफ Gemini से नोट्स बनवाना या जानकारी लेना।
भाषा की बाधा भी होगी खत्म
भाषा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए Google Translate को भी साइडबार में जगह दी गई है। अब यूज़र्स वेबपेज ट्रांसलेट कर सकते हैं। अगर वो चाहते हैं कि उसे नई भाषा में कंटेंट तैयार करूं तो बड़ी आसानी से कर सकते हैं। वो भी बिना किसी रुकावट के।
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मल्टीटास्किंग को नई ताकत
इतना ही नहीं कंपनी ने मल्टीटास्किंग को और मजबूत बनाने के लिए स्प्लिट-स्क्रीन फीचर को भी अपग्रेड किया गया है। इससे अब दो नहीं, बल्कि चार टैब एक साथ स्क्रीन पर देखे जा सकते हैं। इससे रिसर्च, तुलना और डेटा एनालिसिस जैसे काम में काफी आसानी होगी।
यह ब्राउज़र को एक ऐसे प्लेटफॉर्म में बदलने की कोशिश है, जहां एक साथ मल्टीपल काम हो सके।
