DeepMind का AlphaGenome: नए इलाज की खोज तेज

DeepMind का AlphaGenome: नए इलाज की खोज तेज

7 mins read
272 views
January 29, 2026

AlphaGenome AI: Google DeepMind ने वैज्ञानिकों के लिए एक नया और शक्तिशाली AI सिस्टम पेश किया है, जिसे AlphaGenome कहा जाता है। यह सिस्टम विशेष रूप से उन बदलावों को समझने में मदद करता है, जो कई बीमारियों का कारण बनते हैं। AlphaGenome एक समय में 1 मिलियन DNA अक्षरों को प्रोसेस कर सकता है और बताता है कि जीन में बदलाव स्वास्थ्य पर कैसे असर डालते हैं।

AlphaGenome AI तकनीक मानव DNA के छुपे हुए 98% हिस्से का विश्लेषण कर वैज्ञानिकों को बीमारियों के कारण खोजने में मदद करती है। यह उपकरण जीन थेरपी और विशिष्ट उपचार के नए अवसर खोल सकता है।

बीमारियों के इलाज में नई दिशा

शोधकर्ताओं के अनुसार, यह तकनीक कैंसर, हृदय रोग, ऑटोइम्यून और मानसिक बीमारियों के इलाज की खोज को तेज कर सकती है। AlphaGenome यह भी समझने में मदद करता है कि DNA में छोटे बदलाव जीन के काम को कैसे प्रभावित करते हैं। इससे भविष्य में विशेष उपचार और जीन थेरपी के नए अवसर बन सकते हैं।

DNA का छुपा 98% हिस्सा

मानव DNA का केवल 2% हिस्सा प्रोटीन बनाने के लिए जिम्मेदार होता है। बाकी 98% DNA जीन की गतिविधियों के समय, स्थान और मात्रा को नियंत्रित करता है। यह नॉन-कोडिंग हिस्सा बीमारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, लेकिन अब तक इसे समझना मुश्किल रहा है।

AlphaGenome इसी छुपे हुए हिस्से पर काम करता है। यह AI मानव और माउस जीन डेटा से प्रशिक्षित है। यह सीखता है कि अलग-अलग टिश्यू में जीन नियंत्रण कैसे बदलता है और किसी जीन परिवर्तन से किसी विशेष सेल में गतिविधि बढ़ेगी या घटेगी।

READ MORE: Microsoft के AI चीफ ने बताया AI दिग्गजों की टॉप लिस्ट

कैंसर और अन्य बीमारियों के लिए म्यूटेशन की पहचान

DeepMind का मानना है कि AlphaGenome महत्वपूर्ण DNA क्षेत्रों की पहचान करेगा, जैसे कि नर्व और लीवर सेल बनाने में कौन सा हिस्सा जरूरी है। ये यह भी बता सकता है कि कौन से म्यूटेशन कैंसर या वंशानुगत रोगों के लिए जिम्मेदार हैं।

भविष्य में इसका उपयोग नई जीन थेरपी में किया जा सकता है। शोधकर्ता इसे DNA सीक्वेंस डिजाइन करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि किसी खास सेल में जीन सक्रिय हो और अन्य सेल प्रभावित न हों।

Carl de Boer यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के शोधकर्ता कहते हैं कि AlphaGenome यह दिखा सकता है कि म्यूटेशन जीन नियंत्रण को कैसे बदलते हैं और कौन से जीन इसमें शामिल हैं। यह जानकारी दवा विकास में मदद कर सकती है।

READ MORE: DeepMind का दावा: AI दवाओं का ह्यूमन ट्रायल जल्द शुरू

शुरुआती प्रयोग और सकारात्मक परिणाम

AlphaGenome का प्रयोग कुछ वैज्ञानिक पहले ही कर रहे हैं। University College London के प्रोफेसर Marc Mansour इसे बाल कैंसर के जीन ड्राइवर्स समझने की दिशा में बड़ा कदम मानते हैं। University of Exeter के गणितीय जीन विशेषज्ञ कहते हैं कि वैज्ञानिक प्रोटीन-कोडिंग 2% DNA को अच्छी तरह समझते हैं, AlphaGenome बाकी के अरबों अक्षरों को भी स्पष्ट करता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

Mark Zuckerberg मेटावर्स छोड़ AI पर फोकस! क्या सोशल मीडिया बनेगा खास?
Previous Story

Mark Zuckerberg मेटावर्स छोड़ AI पर फोकस! क्या सोशल मीडिया बनेगा खास?

Next Story

AI की रेस में Meta की तेज छलांग, विज्ञापन कमाई ने बढ़ाया दम

Latest from Artificial Intelligence

Don't Miss