Apple Music ने लागू किया Transparency टैग

अब Apple Music पर AI कंटेंट की होगी पहचान!

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March 5, 2026

Apple Music Update:  संगीत निर्माण जगत में Artificial Intelligent का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग गाने, एल्बम और म्यूजिक वीडियो अब AI की मदद से तैयार कर रहे हैं। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए Apple Music ने एक नया तरीका अपना है। जो आने वाले कंटेंट में यह साफ बताएगी कि उसे बनाने में AI का कितना उपयोग हुआ है। जी हां, कंपनी ने ट्रांसपेरेंसी Metadata Tags शुरू किए गए हैं। तो आइए जानते हैं इसकी खासियत के बारे में।

Music Industry में बढ़ते AI उपयोग के बीच Apple Music ने लागू किया Transparency टैग…जानिए कैसे ट्रैक, कंपोजिशन और वीडियो के लिए हैं फायदेमंद।

अब AI कंटेंट को लेकर बढ़ेगी जबावदेही

इस नए सिस्टम के तहत Music Lebel और Distributor को साफ-साफ जानकारी देनी होगी। उन्हें यह बताना होगा कि अपलोड किए जा रहे कंटेंट में AI का उपयोग कितना हुआ। एआई का उपयोग हुआ है या नहीं। इसका एकमात्र उद्देश्य है कौन-सा क्रिएटिव काम इंसानों ने बनाया है और कहां AI की मदद ली गई है।

नए ट्रांसपेरेंसी टैग के जरिए पहचान

कंपनी ने Digital Music कंटेंट के अलग-अलग हिस्सों के लिए चार प्रकार के टैग तय किए हैं। इन टैग्स के माध्यम से यह पता चलेगा कि AI का उपयोग गाने की रिकॉर्डिंग, कंपोजिशन या म्यूजिक वीडियो में हुआ है या नहीं। इससे हर क्रिएटिव एलिमेंट की विभिन्न तरह से जानकारी मिल सकेगी।

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आर्टवर्क और म्यूजिक वीडियो पर भी नजर

मान लिजिए कि अगर किसी ने एल्बम का कवर डिजाइन या मोशन आर्टवर्क AI से तैयार किया है तो उसे Artwork टैग के साथ दिखाया जाएगा। ठीक इसी प्रकार अगर म्यूजिक वीडियो के विजुअल इफेक्ट्स लगाएगा। वहीं ग्राफिक्स का बड़ा हिस्सा AI से बनाया गया होगा तो उस पर Music Video टैग लगाया जाएगा।

गानों के बोल और संगीत के लिए भी अलग टैग

इतना ही नहीं गाने के Audio और कंपोजिशन में भी AI के उपयोग के बारें पता लगाया जाएगा। मान लिजिए किसी ने ट्रैक की रिकॉर्डिंग AI से तैयार की है तो Track टैग लगाया जाएगा। वहीं, गीत के बोल, संगीत बनाने में AI की मदद होने पर Composition टैग का उपयोग करेगा।

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पार्टनर्स को दी गई है तय करने की आजादी

कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह तय करना Music Partner पर निर्भर करेगा कि वे किसे एआई से बने कंटेंट मानते हैं। इसे संगीत निर्माण के क्षेत्र में AI से बने कंटेंट को लेकर स्पस्टता बढ़ाने की ओर महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसके लिए यूजर्स को एक्टिव सब्सक्रिप्शन लेना होगा। जिसकी कीमत 10.99 डॉलर प्रति माह है।

इस प्रकार देखें तो उक्त पहल यूजर्स उस कन्फ्यूजन को दूर करने का प्रयास है जिसके उन्हें यह नहीं चल पाता है कि कौन संगीत या ट्रेक वास्तविक है और कौन सा एआई से बना हुआ है।

Rahul Ray

मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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