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CCI Report: भारत का AI मार्केट 2032 तक 131 बिलियन डॉलर पार करेगा

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March 24, 2026

CCI AI Report: भारत में AI का मार्केट बहुत तेजी से बढ़ रहा है। Competition Commission of India की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, आने वाले कुछ सालों में AI सेक्टर में जबरदस्त विस्तार हो सकता है। 2024 में भारतीय AI मार्केट लगभग 6.05 बिलियन डॉलर का था। अनुमान है कि 2031 तक यह 31.94 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। अगर पूरे इकोसिस्टम की ग्रोथ को जोड़ा जाए, तो 2032 तक यह 131 बिलियन डॉलर से भी ऊपर जा सकता है।

भारत में AI का इस्तेमाल हर सेक्टर में बढ़ रहा है। स्टार्टअप्स और बड़े व्यवसाय AI से ग्राहक व्यवहार, डिमांड फोरकास्ट और इन्वेंट्री मैनेज कर रहे हैं।

AI अब सिर्फ टेक कंपनियों तक सीमित नहीं

AI का इस्तेमाल अब सिर्फ बड़े टेक्नोलॉजी कंपनियों तक सीमित नहीं है। यह बैंकिंग, हेल्थकेयर, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और यहां तक कि एग्रीकल्चर में भी अपनाया जा रहा है। छोटे व्यवसाय भी अब AI टूल्स का इस्तेमाल करने लगे हैं।

कंपनियां AI कैसे इस्तेमाल कर रही हैं

CCI की स्टडी में दिखाया गया है कि कंपनियां AI का इस्तेमाल किस तरह कर रही हैं।

  • लगभग 90% कंपनियां इसका इस्तेमाल ग्राहक व्यवहार को मॉनिटर करने के लिए करती हैं।
  • करीब 69% इसका इस्तेमाल डिमांड फोरकास्टिंग में करती हैं।
  • कुछ कंपनियां इसका इस्तेमाल प्राइसिंग और इन्वेंट्री प्लानिंग के लिए भी करती हैं।

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AI इकोसिस्टम का ढांचा

रिपोर्ट बताती है कि AI कई लेयर में काम करता है। सबसे नीचे डेटा आता है फिर Cloud और चिप्स जैसी इन्फ्रास्ट्रक्चर आती है, उसके बाद मॉडल डेवलप किए जाते हैं। अंत में कंपनियां इन मॉडल्स को रियल वर्ल्ड में इस्तेमाल करती हैं। बड़े ग्लोबल फर्म्स जैसे Cloud प्रोवाइडर्स और चिप मेकर्स इस लेयर में प्रमुख हैं। वहीं, भारतीय स्टार्टअप्स धीरे-धीरे एप्लीकेशन लेयर में अपना दबदबा बना रहे हैं, खासकर जेनरेटिव AI और कस्टमर सर्विस टूल्स में।

विकास के साथ नए रिस्क

AI के तेजी से बढ़ने से कुछ चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। इसमें प्राइस मैनीपुलेशन, डेटा कंसंट्रेशन और एल्गोरिद्म में पारदर्शिता की कमी जैसी समस्याएं शामिल हैं। स्टार्टअप्स के अनुसार 37% को लगता है कि AI कोल्यूजन का कारण बन सकता है, जबकि 32% को प्राइस डिस्क्रिमिनेशन का खतरा दिखता है।

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सरकारी प्रयास और आगे का रास्ता

भारतीय सरकार भी AI इकोसिस्टम को सपोर्ट कर रही है। India AI Mission के तहत 10,300 करोड़ का बजट स्टार्टअप्स और कंप्यूटेशनल रिसोर्सेज के लिए अलॉट किया गया है। साथ ही डेटा प्रोटेक्शन और प्रतियोगिता से जुड़े नियमों को भी अपडेट किया जा रहा है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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