AI युग में नौकरी बचाना ही नहीं, वापस पाना भी चुनौती

AI युग में नौकरी बचाना ही नहीं, वापस पाना भी चुनौती

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April 10, 2026

Ai job loss impact: आमतौर पर लोग यही चर्चा करते रहते हैं कि Artificial Intelligence कितनी नौकरियां खत्म करेगा और कितनी नई नौकरी बनाएगा। लेकिन ताजा रिपोर्ट के मुताबिक असली समस्या तो जॉब जाने के बाद शुरू होती है। यानी एआई का असर क्षणिक मात्र नहीं है। यह तो पूरे कैरियर तक को तबाह कर सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नौकरी जाने के बाद नई नौकरी पाना क्यों हो रहा मुश्किल? Goldman Sachs की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा।

नई नौकरी पाने लग सकता है ज्यादा समय

Goldman Sachs की रिपोट की मानें तो तकनीकी बदलाव या Automation के कारण नौकरी गंवानेवाले कर्मचारियों को नई नौकरी पाने में ज्यादा समय लग जाता है। रिपोट में कहा गया है कि ऐसे लोग औसतन एक महीने तक अतिरिक्त बेरोजगारी का सामना करते हैं। जो उनके आर्थिक दबाव को बढ़ा देता है। इन्होने पिछले चार दशकों फेडरल डेटा को शामिल किया था। अगर नौकरियों का विस्थापन मंदी के दौर में होता है, तो इसके असर और भी ज़्यादा बढ़ सकते हैं। साथ ही, रिपोर्ट में यह बातें भी निकल के सामने आई जिनमें औसतन तीन हप्ते तक कर्मचारी बेरोजगार रहे।

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जीवन के बड़े फैसलों पर पड़ता है असर

रिपोर्ट के अनुसार, तकनीकी बदलावों की वजह से विस्थापित हुए कर्मचारियों की कमाई की क्षमता में भी गिरावट देखी गई; नई नौकरी मिलने के बाद भी उन्हें 3 प्रतिशत से ज़्यादा का नुकसान उठाना पड़ा। नौकरी खोने के बाद के दस सालों में, इन कर्मचारियों की कमाई उन लोगों की तुलना में 10 प्रतिशत अंक कम बढ़ी। एआई का प्रभाव सिर्फ नौकरी और आय पर नहीं है। यह इंसान के आर्थिक स्तिथि से जुड़ी निर्णय को भी प्रभावित करती है। जैस, अगर कोई घर बनाना चाह रहा हो। बच्चों को बेहतर परवरिश के लिए प्लानिंग कर रहा हो या फिर अन्य पारिवारिक जिम्मेदारियां जो जरूरी है लेकिन उसे टालना मजबूरी है।

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25 से 35 साल की उम्र के युवा अधिक प्रभावित

गोल्डमैन सैक्स की एक और हालिया रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले एक साल में हर महीने AI की वजह से कुल 16,000 नौकरियों का नुकसान हुआ है। इसमें हालांकि, नए Data Center और AI निवेश से होने वाली संभावित नौकरियों में बढ़ोतरी को शामिल नहीं किया गया है। नौकरियों के छिन जाने से 25 से 35 साल की उम्र के युवा को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता। लेकिन इसे अन्य की तुलना में आसानी से झेल भी सकते हैं।

Rahul Ray

मैं एनेलिटिक्स इनसाइट के लिए टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्रिप्टोकरेंसी, साइबर सिक्योरिटी, गैजेट्स, मोबाइल ऐप्स, ओटीटी प्लेटफॉर्म को कवर करता हूं। मुझे
मीडिया क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव है। हिन्द पोस्ट हिन्दी मैगज़ीन, ईटीवी भारत और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य करते हुए प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय भूमिका निभाई है। दिल्ली और बिहार के विभिन्न जिलों में न्यूज़ रिपोर्टिंग, ग्राउंड स्टोरीज़, कंटेंट प्लानिंग, कॉपी एडिटिंग एवं कंटेंट एडिटिंग से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक संभालने का अनुभव है। मैंने भारतीय विद्या भवन, दिल्ली से मास कम्युनिकेशन में डिप्लोमा और गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार से डिग्री प्राप्त की है। पाठक केंद्रित कंटेंट तैयार करना मेरी कार्यशैली में शामिल रही है।

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