Sri Mandir ऐप बना निवेशकों की पहली पसंद, मिला करोड़ों का निवेश

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Sri Mandir ऐप बना निवेशकों की पहली पसंद, मिला करोड़ों का निवेश
July 1, 2025

AppsForBharat ने दिखा दिया है कि भारत की संस्कृति, आस्था और तकनीक को एक साथ लाकर कैसे न सिर्फ बड़ा यूजर बेस बनाया जा सकता है, बल्कि निवेशकों को भी आकर्षित किया जा सकता है।

AppsForBharat: भारत की मशहूर धार्मिक ऐप Sri Mandir बनाने वाली स्टार्टअप कंपनी AppsForBharat एक बार फिर चर्चा में है। इस कंपनी ने हाल ही में 20 मिलियन डॉलर (लगभग 167 करोड़ रुपये) का नया निवेश हासिल किया है। यह निवेश Series C राउंड में हुआ, जिसका नेतृत्व Susquehanna Asia Venture Capital ने किया। इस राउंड में नंदन नीलेकणी की Fundamentum Partnership, Elevation Capital और Peak XV Partners जैसे पुराने निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। Sri Mandir ऐप को अब तक 40 मिलियन से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है और यह तेजी से धार्मिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है।

भारत में धर्म और तकनीक का अनोखा संगम

भारत में हर एक लाख लोगों पर करीब 53 मंदिर हैं और हर दिन करोड़ों लोग पूजा-पाठ और मंदिर दर्शन करते हैं, लेकिन आज भी मंदिरों से जुड़ी बहुत-सी सेवाएं जैसे पूजा, प्रसाद चढ़ाना या धार्मिक सामग्री खरीदना ऑफलाइन और असंगठित हैं। AppsForBharat ने इसी समस्या का समाधान निकाला है Sri Mandir ऐप के जरिए।

Sri Mandir ऐप की खासियत

इस ऐप को नवंबर 2020 में लॉन्च किया गया था और आज यह भारत की सबसे बड़ी हिंदू डिवोशनल ऐप बन चुकी है। इसने पिछले एक साल में 1.2 मिलियन लोगों को देशभर के 70 से ज्यादा मंदिरों में ऑनलाइन पूजा और प्रसाद अर्पण की सुविधा दी है।

  • अब तक के डाउनलोड: 4 करोड़ से ज्यादा
  • मंथली एक्टिव यूजर्स: करीब 35 लाख
  • भारत के बाहर यूजर्स: करीब 90,000
  • भारत के बाहर औसत आमदनी प्रति यूजर: 7000 रुपये ($81)
  • भारत में औसत आमदनी प्रति यूजर: 600–800 रुपये

इन आंकड़ों से पता चलता है कि विदेशों में रहने वाले भारतीय इस ऐप से अधिक जुड़ाव रखते हैं और धार्मिक सेवाओं के लिए ज्यादा भुगतान करते हैं। अमेरिका, यूके, यूएई, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों से ऐप को कुल राजस्व का 20% हिस्सा मिलता है।

यूजर व्यवहार और विकास

भारत में Sri Mandir के उपयोगकर्ता टियर-1 और टियर-2 शहरों में समान रूप से फैले हुए हैं, जिनमें से 30% यूजर्स की उम्र 35 साल से कम है। वहीं विदेशों में इसके ज्यादातर यूजर 30 साल से ऊपर हैं। अमेरिका में करीब 50% यूजर ऐप के जरिए पूजा और प्रसाद दोनों सेवाओं का उपयोग करते हैं, जबकि भारत में यह आंकड़ा 25% के आसपास है।

ऐप की ग्रोथ और प्रतिस्पर्धा

Sri Mandir की साल की शुरुआत में रनरेट 12 मिलियन डॉलर को पार कर गई है और इसका 6 महीने का रिटेंशन रेट 55% है, यानी आधे से ज्यादा यूजर 6 महीने बाद भी इसका उपयोग करते हैं। जबकि कुछ अन्य धार्मिक ऐप्स भी बाजार में आ चुकी हैं, लेकिन सभी को मिलाकर भी Sri Mandir की कुल डाउनलोड का सिर्फ 15% से 20% हिस्सा है।

Sri Mandir मंदिरों से एक सेवा शुल्क लेती है. जो आमतौर पर 20% से 25% होता है। इसके अलावा अब यह ऐप प्रसिद्ध मंदिरों की पूजा सामग्री और प्रसाद जैसी वस्तुएं भी बेचकर अपनी कमाई के नए रास्ते बना रही है। इससे मंदिरों की कमाई में भी 15% से 25% की बढ़ोतरी देखी गई है।

आने वाले समय की योजनाएं

नई फंडिंग के बाद AppsForBharat देश के 20 प्रमुख मंदिर शहरों में निवेश करेगी। शुरुआत उत्तर भारत के वाराणसी, अयोध्या, हरिद्वार और मध्य भारत के उज्जैन से होगी। वहां कंपनी प्रसाद और पूजा सामग्री की डिलीवरी के लिए फिजिकल हब भी बनाएगी, जिससे हर सेंटर से हर महीने 40,000 से 50,000 ऑर्डर पूरे किए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

AI से जुड़ रही है आस्था

कंपनी अब ऐप में AI आधारित फीचर जोड़ रही है, जिससे यूजर धर्म, त्योहार और पूजा पद्धति से जुड़े सवाल पूछ सकें, ठीक वैसे ही जैसे वो किसी पंडित या बुजुर्ग से पूछते हैं। इस फीचर के लिए कंपनी विषय एक्सपर्ट से सलाह ले रही है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि AI गलतए जानकारी न दे।

भविष्य की राह

AppsForBharat का लक्ष्य 2027-28 तक मुनाफे में आने का है और तब तक कंपनी IPO यानी शेयर बाजार में लिस्टिंग के लिए भी तैयार होना चाहती है। फिलहाल, कंपनी अपनी टीम को 300 से बढ़ाकर 400 करने की योजना बना रही है, जिसमें ज्यादातर कर्मचारी बेंगलुरु हेडक्वार्टर में होंगे।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

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