2025 के अंत तक Google Search का बदल सकता है रंग-रूप

5 mins read
1.3K views
Google
February 6, 2025

Google के CEO सुंदर पिचाई ने 2025 में सर्च में बड़े AI-आधारित बदलावों की घोषणा की, जो इसे और अधिक इंटरएक्टिव और सहज बना देंगे।

Google Search: Google CEO सुंदर पिचाई ने ऐलान किया है कि 2025 सर्च इनोवेशन के लिए एक इम्पोर्टेंट मोड़ साबित होगा। कंपनी के हालिया अर्निंग कॉल के दौरान सुंदर पिचाई ने कहा कि AI में बड़ी प्रगति के कारण Google सर्च में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। सुंदर पिचाई ने कहा कि AI सर्च इंजन के यूज के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया जाएगा। AI सर्च को अधिक सहज, इंटरैक्टिव बनाने और कठिन सवालों को संभालने में हेल्प करेगा। इस बदलाव के केंद्र में Google की Deepmind रिसर्च टीम है, जो AI प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जो सर्च क्षमताओं को पारंपरिक कीवर्ड-आधारित परिणामों से कहीं आगे ले जाएगी।

कौन-कौन से हैं ये AI प्रोजेक्ट

Google के AI लाइनअप में दो इम्पोर्टेंट प्रोजेक्ट अहम भूमिका जैसे कि Project Astra और Gemini Deep Research निभा रहे हैं। Project Astra एक मल्टीमॉडल AI सिस्टम है, जो लाइव वीडियो को प्रोसेस कर सकता है और उसी दौरान देखी गई चीजों पर सवालों के जवाब दे सकता है। वहीं, Gemini Deep Research लंबी रिसर्च रिपोर्ट को तैयार करने की प्रक्रिया को संभालता है, जिससे Google Search ज्यादा जटिल क्वेरी को हल करने में कैपेबल होता है। एक और प्रमुख AI प्रोजेक्ट, प्रोजेक्ट मेरिनर, परीक्षण के चरण में है। यह टूल ब्राउजर स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को पढ़ने और समझने में कैपेबल है, जिससे यह कठिन कार्यों को पूरा करने में कैपेबल है।

यूजर्स पर पड़ेगा प्रभाव

Google सर्च में होने वाले बदलावों का उपयोगकर्ताओं और बिजनेस पर गहरा असर पड़ सकता है। उपयोगकर्ताओं को जहां ज्यादा सहज और व्यापक खोज परिणाम मिलेंगे, वहीं Google ट्रैफिक और ऐड पर निर्भर बिजनेस को नए AI-संचालित सिस्टम के अनुकूल होना होगा। ऐसे में सुंदर पिचाई ने खोज के फ्यूचर को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। जैसे-जैसे AI लोगों की क्वेरीज की सीमा का विस्तार करता है, 2025 खोज नवाचार के मामले में अब तक का सबसे बड़ा साल होने जा रहा है।उनका मानना ​​है कि ये नए बदलाव सूचना और इंटरनेट से जुड़ने के हमारे तरीके को पूरी तरह से बदल देंगे।

Ragini Sinha

5 साल के अनुभव के साथ मैंने मीडिया जगत में कंटेट राइटर, सीनियर कंटेंट राइटर, मीडिया एनालिस्ट और प्रोग्राम प्रोड्यूसर के तौर पर काम किया है। बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव को मैंने कवर किया है। अपने काम को लेकर मुझे पुरस्कार से सम्मानित भी किया जा चुका है। काम को जल्दी सीखने की कला मुझे औरों से अलग बनाती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Ghost call
Previous Story

क्या होता है Ghost Call? जानें इसके फायदें

Old Phone reuse
Next Story

पुराना फोन को फेंकने से पहले जान लें इसके 8 फायदें

Latest from Latest news

Nvidia ने छीना Apple का ताज!

Nvidia TSMC biggest customer:  Artificial Intelligence ने टेक दुनिया सत्ता पलट दी है। जिस Apple को पिछले एक दशक से सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की रीढ़
Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Google और Khan Academy का AI शिक्षा में नया बदलाव

Khan Academy AI: Google ने हाल ही में Khan Academy के साथ साझेदारी की घोषणा की है। इसका उद्देश्य AI सहायता वाले लर्निंग टूल्स तैयार करना है, जो छात्रों और शिक्षकों दोनों की कक्षा में मदद करेंगे। इस साझेदारी की जानकारी इस साल ब्रिटिश Bett कॉन्फ्रेंस में दी गई है, जिसमें Google ने बताया है कि वह Gemini AI मॉडल्स को Khan Academy के लर्निंग प्लेटफॉर्म में शामिल करेगा।  Khan Academy में Google का Gemini AI शामिल, Writing और Reading Coach छात्रों की पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाएंगे।   शिक्षक की जगह नहीं, मदद के लिए AI  Google और Khan Academy का कहना है कि AI का मकसद शिक्षक की जगह लेना नहीं, बल्कि छात्रों की पढ़ाई में मदद करना है। इस साझेदारी का लक्ष्य खासतौर पर मिडल और हाई स्कूल के छात्रों की पढ़ाई और लेखन में कमियों को पूरा करना है।  छात्रों के सीखने के तरीके के अनुसार टूल्स  Google के अनुसार, प्रभावी AI लर्निंग साइंस पर बेस्ड होना चाहिए। Khan Academy के शिक्षकों का सालों का अनुभव AI टूल्स को छात्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार तैयार करने में इस्तेमाल किया गया है। स्कूलों ने खासतौर पर साक्षरता को बड़ी चुनौती बताया है और यह साझेदारी उसी समस्या को हल करने के लिए बनाई गई है।  AI से मार्गदर्शन  Khan Academy ने अपना नया Writing Coach पेश किया है, जो Gemini AI द्वारा संचालित है। यह टूल छात्रों के लिए निबंध नहीं लिखता, बल्कि उन्हें आउटलाइन बनाने, लेखन और संपादन करने की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। इसका उद्देश्य छात्रों को सोचने और विचार व्यक्त करने की क्षमता देना है।  शिक्षक इसे पूर्ण इंटरएक्टिव मोड या केवल फीडबैक मोड में इस्तेमाल कर सकते हैं। टूल अमेरिका में कक्षा 7 से 12 के छात्रों के लिए उपलब्ध है और बीटा वर्जन कक्षा 5 और 6 के छात्रों के लिए भी है। यह persuasive writing, expository

Don't Miss