NEET, JEE या UPSC ? कौन सी परीक्षा सबसे मुश्किल

NEET, JEE या UPSC ? कौन सी परीक्षा सबसे मुश्किल

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September 15, 2026

Toughest Exam India : लाखों छात्र हर साल NEET, JEE, UPSC और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में बैठते हैंलेकिन इनमें सबसे कठिन परीक्षा कौन सी हैइसका सीधा जवाब नहीं है। हर परीक्षा का पैटर्नयोग्यता और चयन प्रक्रिया अलग है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि हर चरण पर उम्मीदवारों की संख्या तेजी से घटती है 

NEET, JEE, UPSC और UGC-NET में कौन सी परीक्षा सबसे कठिन हैजानें पूरा गणित। 

NEET में सबसे ज्यादा उम्मीदवारलेकिन सीटें सीमित 

NEET UG 2026 में 22,79,743 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें 19,99,895 परीक्षा में शामिल हुए और 11,21,185 उम्मीदवार क्वालिफाई हुए। लेकिन क्वालिफाई करना मेडिकल सीट मिलने की गारंटी नहीं है। NMC के मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक देश में करीब 1.39 लाख MBBS सीटें हैं। यानी परीक्षा देने वाले करीब हर 14 उम्मीदवारों के सामने एक MBBS सीट है। असली मुकाबला कैटेगरी, राज्य कोटा, ऑल इंडिया कोटा और पसंदीदा कॉलेज के हिसाब से बदल जाता है। 

JEE में हर चरण पर बढ़ती है चुनौती 

JEE Main 2026 में 16,04,854 यूनिक उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें 15,38,468 परीक्षा में शामिल हुए। लेकिन सिर्फ 2,50,182 उम्मीदवार JEE Advanced के लिए योग्य हुए। यानी परीक्षा देने वालों में करीब 16.3% ही अगले चरण तक पहुंच पाए। इसके बाद JEE Advanced 2026 में 1,87,389 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया और 1,79,694 परीक्षा में बैठे। इनमें 56,880 उम्मीदवार क्वालिफाई हुए। लेकिन JEE Advanced पास करना भी IIT में दाखिले की गारंटी नहीं देता। रैंक, कैटेगरी, सीट और पसंदीदा कोर्स के आधार पर अंतिम चयन होता है। 

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UPSC का चयन सबसे कड़ा क्यों माना जाता है? 

UPSC CSE 2025 के आंकड़े इसकी कठिनाई साफ दिखाते हैं। कुल 9,37,876 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया और 5,76,793 ने Prelims दिया। इनमें सिर्फ 13,343 उम्मीदवार Mains के लिए शॉर्टलिस्ट हुए। आखिर में केवल 958 उम्मीदवारों की सिफारिश हुई। यानी Prelims देने वालों में करीब 1.63% ही अंतिम चयन तक पहुंचे। उपलब्ध आंकड़ों में 2,736 उम्मीदवारों को क्वालिफाई बताया गया है, लेकिन अंतिम सिफारिश का आंकड़ा 958 रहा। 

UGC-NET में अलग तरह का मुकाबला 

UGC-NET जून में 7,73,806 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें 6,07,151 परीक्षा में शामिल हुए। NTA के मुताबिक 84 विषयों के नतीजों में कुल 1,47,579 उम्मीदवार तीन अलग-अलग कैटेगरी में क्वालिफाई हुए। परीक्षा देने वालों के मुकाबले यह करीब 24.3% है। यहां भी सिर्फ क्वालिफाई होना एक जैसा परिणाम नहीं देता। उम्मीदवार किस कैटेगरी के लिए योग्य हुआ है, उसके आधार पर आगे का अवसर तय होता है। 

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तो सबसे कठिन परीक्षा कौन सी? 

अगर पैमाना यह हो कि शुरुआती चरण से कितने उम्मीदवार आगे बढ़ते हैं, तो UPSC CSE का चयन फनल सबसे कड़ा दिखता है। वहीं NEET में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के सामने सीमित मेडिकल सीटें हैं। JEE में कई चरणों से गुजरना पड़ता है, इसलिए किसी एक परीक्षा को हर छात्र के लिए सबसे कठिन कहना सही नहीं होगा। ताजा 2026 आंकड़े बताते हैं कि परीक्षा की कठिनाई सिर्फ फेल होने वालों की संख्या से नहीं, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया और आखिर में बचने वाले अवसरों से तय होती है। 

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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