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BA-BSc छोड़िए, 12वीं के बाद करियर का नया रास्ता

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September 4, 2026

B.Voc Course 2026 में 12वीं पास छात्र दाखिला लेंगे, जानें करियर के अवसरों की पूरी जानकारी।

B.Voc Course 2026 : आज कई स्टूडेंट्स और पैरेंट्स इसी सवाल का जवाब खोज रहे हैं। ऐसे में B.Voc Course यानी बैचलर ऑफ वोकेशन एक विकल्प बनकर सामने आया है। यह 3 साल की स्नातक डिग्री है, जिसमें थ्योरी के मुकाबले प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, ऑन-जॉब ट्रेनिंग और इंटर्नशिप पर ज्यादा जोर रहता है। शिक्षा और वेलनेस क्षेत्र के संस्थान क्षेमवन यानी SDM इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंसेज के चीफ वेलनेस ऑफिसर डॉ. नरेंद्र के शेट्टी के मुताबिक, NEP 2020 के बाद स्किल आधारित कोर्स की अहमियत बढ़ी है। क्षेमवन में TDU से संबद्ध B.Voc प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं।

B.Voc Course क्या है और इसमें क्या पढ़ते हैं?

B.Voc Course एक 3 साल का वोकेशनल डिग्री प्रोग्राम है। इसे UGC से मान्यता प्राप्त है। 12वीं पास स्टूडेंट इसमें दाखिला ले सकता है। स्ट्रीम की कोई पाबंदी नहीं बताई गई है। पारंपरिक BA, BSc और BCom जैसे कोर्स के मुकाबले B.Voc में पढ़ाई का बड़ा हिस्सा प्रैक्टिकल होता है। करीब 60 से 70 फीसदी फोकस प्रैक्टिकल, ऑन-जॉब ट्रेनिंग और इंटर्नशिप पर रहता है। वहीं, 30 से 40 फीसदी हिस्सा थ्योरी का होता है।

क्षेमवन में B.Voc के तहत दो प्रमुख विकल्प बताए गए हैं:

  • पंचकर्म और नेचुरोपैथी थेरेपी
  • हॉस्पिटैलिटी एंड वेलनेस

पंचकर्म और नेचुरोपैथी में छात्रों को थेरेपी, योग, ब्यूटी और लाइफस्टाइल मैनेजमेंट का लाइव क्लिनिकल अनुभव मिलता है। ट्रेनिंग एक्सपर्ट्स की निगरानी में होती है।

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B.Voc Course में Multiple Entry और Exit का फायदा

इस डिग्री की एक खास बात इसका लचीला ढांचा है। अगर कोई छात्र किसी वजह से 3 साल की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाता, तो उसकी मेहनत पूरी तरह बेकार नहीं जाती।

  • 1 साल पूरा करने पर डिप्लोमा
  • 2 साल पूरे करने पर एडवांस डिप्लोमा
  • 3 साल पूरे करने पर Voc की पूरी डिग्री

हॉस्पिटैलिटी एंड वेलनेस में छात्रों को फ्रंट ऑफिस, फूड एंड बेवरेज सर्विस और गेस्ट रिलेशंस की ट्रेनिंग मिलती है। साथ ही वेलनेस टूरिज्म का रियल-टाइम अनुभव भी दिया जाता है।

B.Voc Course के बाद कहां मिलेगी नौकरी?

पंचकर्म और नेचुरोपैथी में B.Voc करने वाले युवाओं के लिए नेचुरोपैथी अस्पताल, स्पा, रिजॉर्ट और वेलनेस सेंटर में काम के अवसर हैं। छात्र आगे चलकर अपना वेलनेस कारोबार भी शुरू कर सकते हैं। हॉस्पिटैलिटी ग्रेजुएट्स होटल, रेस्तरां, इवेंट मैनेजमेंट, एविएशन और हॉस्पिटल हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। यही वजह है कि स्किल आधारित डिग्री को लेकर छात्रों की दिलचस्पी बढ़ रही है।

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पैरेंट्स एडमिशन से पहले ये बात जरूर जांचें

अगर बच्चा किसी खास क्षेत्र में हुनर विकसित करना चाहता है और पढ़ाई के साथ रोजगार योग्य स्किल हासिल करना चाहता है, तो B.Voc पर विचार किया जा सकता है। लेकिन नौकरी की गारंटी मान लेना सही नहीं होगा। एडमिशन से पहले पैरेंट्स को यह जरूर जांचना चाहिए कि संस्थान या यूनिवर्सिटी UGC से मान्यता प्राप्त हो। साथ ही ट्रेनिंग के लिए उसके पास अच्छे इंडस्ट्री पार्टनर्स और पर्याप्त प्रैक्टिकल सुविधाएं हैं या नहीं, यह भी देखना जरूरी है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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