ईरानी तेल की कमाई फंसी, US ने 61 मिलियन डॉलर क्रिप्टो घेरा

ईरानी तेल की कमाई फंसी, US ने 61 मिलियन डॉलर क्रिप्टो घेरा

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September 15, 2026

DOJ Crypto Forfeiture : अमेरिका ने ऐसे ही एक कथित नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी अभियोजकों ने करीब 61 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी जब्त करने और उसे सरकार के पक्ष में जब्त करने की मांग की है। अमेरिकी अटॉर्नी ऑफिस, सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क ने सोमवार को सिविल फॉरफीचर शिकायत दाखिल की। इसमें आरोप लगाया गया है कि यह पैसा प्रतिबंधित ईरानी कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री से आया था। जांच के मुताबिक, रकम आगे ईरानी सरकार और सैन्य से जुड़े संगठनों तक पहुंचाई गई।

ईरानी तेल की कमाई क्रिप्टो के जरिए छिपाने का आरोप, अमेरिकी एजेंसियां 61 मिलियन डॉलर की क्रिप्टो जब्त करना चाहती हैं।

ईरानी तेल से जुड़े क्रिप्टो नेटवर्क पर आरोप

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, जिस नेटवर्क की जांच चल रही है, उसने ईरानी तेल की बिक्री से जुड़े 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा के पैसों को क्रिप्टो के जरिए इधर-उधर किया। अभियोजकों का कहना है कि कई क्रिप्टो पते और बिचौलियों का इस्तेमाल किया गया। इसका मकसद पैसों के असली स्रोत और मालिकाना हक को छिपाना था। अमेरिकी डिप्टी अटॉर्नी सीन एस. बकली ने कहा कि इस कार्रवाई का मकसद ईरान सरकार और उसके आतंकी सहयोगियों तक पहुंचने वाले अवैध पैसे को रोकना है। उनके मुताबिक, जब्त की जा रही 61 मिलियन डॉलर से ज्यादा की रकम ईरान की मानी जा रही है। अमेरिका ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। अधिकारियों का आरोप है कि इस नेटवर्क से जुड़ा पैसा IRGC से जुड़े कारोबार और दूसरे माध्यमों तक पहुंचा।

दो चीनी कंपनियों पर भी जांच का फोकस

अमेरिकी शिकायत में चीन की दो कंपनियों Blessed Trust और Hexa Whale Trading Limited का नाम प्रमुखता से सामने आया है। अधिकारियों के मुताबिक, Blessed Trust खुद को वेल्थ मैनेजमेंट और डिजिटल एसेट कस्टडी कंपनी बताती थी। वहीं Hexa Whale ने खुद को कमोडिटी ब्रोकर के तौर पर पेश किया। अमेरिका का आरोप है कि दोनों कंपनियों ने कथित तौर पर ईरानी तेल से मिले पैसों को आगे बढ़ाने और सामान्य करेंसी को क्रिप्टोकरेंसी में बदलने में मदद की। इन कंपनियों ने चीन के पेट्रोलियम और पेट्रोलियम उत्पाद कारोबार से जुड़े ग्राहकों के साथ काम किया।

शिकायत के अनुसार, इनके जरिए क्रिप्टो लेनदेन भी किए गए। इस मामले में Binance को आरोपी नहीं बनाया गया है। हालांकि, कथित लेनदेन से जुड़े कुछ खाते और क्रिप्टो गतिविधियां जांच के दायरे में आईं। Binance ने कहा है कि वह प्रतिबंधित लोगों के साथ लेनदेन की अनुमति नहीं देता। कंपनी ने यह भी कहा कि संदिग्ध गतिविधि मिलने पर वह खातों को प्रतिबंधित या फ्रीज कर सकती है और संबंधित अधिकारियों को जानकारी दे सकती है।

Binance ने पुराने आरोपों को बताया था गलत

Binance ने मार्च 2026 में Blessed Trust और Hexa Whale से जुड़े पहले के वॉल स्ट्रीट जर्नल और अमेरिकी सीनेट से जुड़े दावों को गलत और मानहानिकारक बताया था। कंपनी के मुताबिक, उसने Hexa Whale को अगस्त 2025 में अपने प्लेटफॉर्म से हटा दिया था। Blessed Trust को जनवरी 2026 में हटाया गया। Binance ने कहा कि ये कदम कानून प्रवर्तन एजेंसियों की पूछताछ के बाद की गई समीक्षा से जुड़े थे।

जांच में “Entity A” नाम से कुछ ऐसे क्रिप्टो पतों की पहचान की गई है, जिन पर अधिकारियों की खास नजर है। अमेरिकी सरकार का आरोप है कि इन पतों ने ईरानी तेल बिक्री से जुड़े 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा के फंड को हासिल किया और आगे भेजा। इन पैसों को IRGC से जुड़े मनी सर्विस कारोबार, कुछ क्रिप्टो पतों और ईरान के एक क्रिप्टो एक्सचेंज तक पहुंचाने का आरोप है।

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ब्लॉकचेन से ऐसे ट्रेस हुआ पैसों का रास्ता

इस मामले में जांच सिर्फ क्रिप्टो तक सीमित नहीं रही। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, Blessed Trust और Hexa Whale ने अमेरिकी वित्तीय सिस्टम के जरिए भी कथित नेटवर्क से जुड़े दसियों मिलियन डॉलर के लेनदेन किए। FBI ने पैसों की आवाजाही को ट्रैक करने पर खास जोर दिया। FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर जेम्स सी. बार्नकल जूनियर ने कहा कि एजेंसी की पैसों का पीछा करने की क्षमता अवैध वित्तीय नेटवर्क को पहचानने और तोड़ने में मदद करती है।

ब्लॉकचेन की सबसे बड़ी खासियत यहां जांच एजेंसियों के काम आई। क्रिप्टो लेनदेन का रिकॉर्ड सार्वजनिक होने के कारण अलग-अलग वॉलेट के बीच पैसों की आवाजाही देखी जा सकती है। इसके बाद जांचकर्ता वित्तीय रिकॉर्ड, कंपनियों की जानकारी और दूसरे दस्तावेजों की मदद से इन वॉलेट को संबंधित लोगों या कंपनियों से जोड़ सकते हैं। अमेरिका पहले भी ईरान के क्रिप्टो इस्तेमाल पर कार्रवाई करता रहा है। अगस्त में अमेरिकी ट्रेजरी ने डिजिटल एसेट्स को ईरान की अर्थव्यवस्था के ऐसे क्षेत्र के रूप में नामित किया था, जिस पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। ट्रेजरी के मुताबिक, ईरान सरकार और IRGC से जुड़े लेनदेन में क्रिप्टो का इस्तेमाल बढ़ रहा था।

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अभी आरोप साबित नहीं हुए हैं

अमेरिकी सरकार ने क्रिप्टोकरेंसी को जब्त करने और उसे स्थायी रूप से अपने कब्जे में लेने की मांग की है। हालांकि, सिविल फॉरफीचर शिकायत अपने आप में यह साबित नहीं करती कि जब्त की गई संपत्ति अपराध से मिली है। अमेरिकी न्याय विभाग ने साफ किया है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों को अदालत की कार्रवाई के दौरान साबित करना होगा। अंतिम फैसला आने तक ये आरोप हैं। अभी जांच जारी है।

सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क के अभियोजक, FBI और न्याय विभाग की कई इकाइयां मामले की जांच कर रही हैं। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही से साफ होगा कि 61 मिलियन डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी पर अमेरिकी सरकार का दावा कितना मजबूत है। साथ ही, 1.5 अरब डॉलर से ज्यादा के कथित ईरानी तेल-क्रिप्टो नेटवर्क की जांच भी आगे बढ़ेगी।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी अमेरिकी अधिकारियों और जांच में सामने आए आरोपों पर आधारित है। मामले की जांच अभी जारी है और आरोप अदालत में साबित होना बाकी हैं।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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