ईरान में Tether का बढ़ा इस्तेमाल, क्रिप्टो नियम हुए ढीले

ईरान में Tether का बढ़ा इस्तेमाल, क्रिप्टो नियम हुए ढीले

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September 9, 2026

Iran Crypto : ईरान के केंद्रीय बैंक ने निर्यातकों से कमाई वापस देश में लाने वाले पुराने नियमों को लागू करना काफी हद तक ढीला कर दिया है। अब कारोबारी सीमा पार भुगतान के लिए Tether और Bitcoin समेत क्रिप्टो का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट में ईरानी कारोबारियों, शासन के करीबी लोगों और विश्लेषकों के हवाले से कहा गया है कि यह बदलाव अमेरिका और इजराइल की ओर से फरवरी में सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद ज्यादा व्यापक हुआ।

ईरान में Bitcoin और Tether का इस्तेमाल बढ़ा, जानें अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच क्रिप्टो से कारोबार, Tether की कार्रवाई।

Iran Cryptocurrency: निर्यातकों को मिली लेनदेन में छूट

पहले ईरान में तेल और दूसरे सामान के निर्यातकों को अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा वापस लाकर सरकारी प्लेटफॉर्म के जरिए बेचना पड़ता था। वहां मुद्रा की दर बाजार के मुकाबले काफी कम रहती थी। अब कारोबारियों को खुले बाजार में मुद्रा बदलने की छूट ज्यादा मिल रही है। एक कारोबारी ने कहा कि केंद्रीय बैंक अब यह पूछताछ नहीं करता कि पैसा किस रास्ते से भेजा गया। Iran Digital Transformation Association के सदस्य Alireza Bozorgmehri ने भी माना कि क्रिप्टो एक्सचेंजों पर निगरानी ढीली हुई है। हालांकि, उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन प्लेटफॉर्म की क्षमता ईरान की जरूरत पूरी करने के लिए काफी है।

Tether ने ईरान से जुड़े करोड़ों डॉलर फ्रीज किए

क्रिप्टो के इस्तेमाल के साथ कार्रवाई भी जारी है। Tether ने उन वॉलेट्स में करीब 475 मिलियन डॉलर का USDT फ्रीज किया है, जिन्हें OFAC ने ईरान के केंद्रीय बैंक से जुड़ा बताया। पहली बड़ी कार्रवाई 23 अप्रैल को हुई। उस समय Tether ने दो Tron पतों में 344 मिलियन डॉलर से ज्यादा USDT फ्रीज किया। इसके बाद 14 जुलाई को OFAC ने केंद्रीय बैंक से जुड़े चार और पतों को अपनी सूची में जोड़ा। Chainalysis के मुताबिक, इन वॉलेट्स में 165 मिलियन डॉलर से ज्यादा की स्टेबलकॉइन राशि पहुंची थी। Tether ने इनमें से 131 मिलियन डॉलर तुरंत फ्रीज कर दिए। यही Tether मॉडल की सबसे बड़ी कमजोरी भी है। कंपनी स्मार्ट कॉन्ट्रैक्ट स्तर पर टोकन फ्रीज कर सकती है, चाहे वे किसी भी ब्लॉकचेन पर रखे हों।

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कार्रवाई सिर्फ केंद्रीय बैंक तक सीमित नहीं

अमेरिका ने जुलाई में एक ईरानी डिजिटल बीमा कंपनी पर भी कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह कंपनी Strait of Hormuz में काम करती है और Bitcoin समेत डिजिटल एसेट स्वीकार करती है। उस पर Islamic Revolutionary Guard Corps के लिए कमाई करने का आरोप लगाया गया। 7 अगस्त को अमेरिका ने Shelbit और Aban Tether पर प्रतिबंध लगाए। आरोप है कि इनसे ईरान से जुड़े प्रतिबंधों से बचने वाले लेनदेन किए गए। इसके बाद Bitget ने कई प्लेटफॉर्म तक पहुंच सीमित कर दी। जांचकर्ताओं ने दुबई आधारित एक एक्सचेंज के जरिए करीब 4 बिलियन डॉलर की रकम घूमने का भी पता लगाया है।

ईरान के भीतर भी पैसों की तलाश तेज

ईरान सरकार सिर्फ बाहरी लेनदेन पर नजर नहीं रख रही। देश के अंदर भी निर्यातकों पर दबाव बढ़ा है। General Inspection Organisation के प्रमुख जबीउल्लाह खोदैइयां ने पिछले महीने कहा कि 20,000 से ज्यादा लोगों और कंपनियों ने करीब 94 बिलियन यूरो वापस लाने की अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की। इनमें से 219 मामलों में करीब 23.5 बिलियन यूरो की राशि को लेकर जांच चल रही है। उनके अनुसार, कुछ सरकारी ऊर्जा कंपनियां भी सूची में हैं। इनमें National Iranian Oil Refining and Distribution Company और National Iranian Gas Company शामिल हैं। न्यायपालिका के प्रवक्ता अली काज़मी ने इस सप्ताह बताया कि तेल कारोबार से जुड़े 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 19 अन्य के खिलाफ वारंट जारी किए गए हैं।

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क्रिप्टो का इस्तेमाल बढ़ा, लेकिन सीमाएं कायम

TRM Labs के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में ईरान से करीब 10 बिलियन डॉलर की क्रिप्टो राशि गुजरी। Chainalysis के सलाहकार Eitan Danon का कहना है कि ईरान में क्रिप्टो का इस्तेमाल किसी फैशन की वजह से नहीं, बल्कि भू-राजनीतिक दबाव के जवाब में बढ़ा है। फिर भी इसकी क्षमता सीमित है। ईरान की व्यापार जरूरतें दहाई अरब डॉलर में हैं। ऐसे में पड़ोसी देशों की मुद्रा विनिमय व्यवस्था अभी भी बड़ा माध्यम बनी हुई है।

Disclaimer : इस लेख में दी गई जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट्स और सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार की गई है। आंकड़े और जानकारी समय के साथ बदल सकते हैं। पाठकों को किसी भी फैसले से पहले आधिकारिक स्रोत से जानकारी की पुष्टि करने की सलाह दी जाती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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