Crypto Regulation India : भारत में क्रिप्टो कारोबार करने वाली 15 कंपनियों पर अब कार्रवाई हुई है। Financial Intelligence Unit-India यानी FIU-IND ने इन प्लेटफॉर्म को Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत गैर-अनुपालन नोटिस जारी किए हैं। ताजा कार्रवाई में विदेशी क्रिप्टो एक्सचेंज, स्वैप प्लेटफॉर्म और दूसरी संबंधित सेवाएं शामिल हैं। FIU-IND ने इन प्लेटफॉर्म के ऐप और URL को भारत में सार्वजनिक पहुंच से हटाने के लिए भी नोटिस जारी किए हैं। कार्रवाई का मकसद भारत में क्रिप्टो सेवाएं देने वाली कंपनियों को मनी लॉन्ड्रिंग रोधी नियमों के दायरे में लाना है।
FIU-IND ने 15 क्रिप्टो प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजे, जानें किन कंपनियों पर कार्रवाई हुई।
FIU Crypto Action में किन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई?
FIU-IND ने PMLA की धारा 13 के तहत इन 15 प्लेटफॉर्म को नोटिस भेजे हैं:
- Weex
- Blofin
- Rezorex
- Bitunix
- DigiFinex
- Toobit
- XT.com
- WOO X
- Pionex
- ChangeNow
- SimpleSwap
- Fixedfloat
- WhiteBIT
- Guardarian
FIU-IND के अनुसार, ये प्लेटफॉर्म भारत में वर्चुअल डिजिटल एसेट से जुड़ी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन जरूरी पंजीकरण और रिपोर्टिंग नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
FIU Crypto Action की वजह क्या है?
भारत ने 2023 में वर्चुअल डिजिटल एसेट सर्विस प्रोवाइडर्स को मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग रोकने वाले नियमों के दायरे में शामिल किया था। भारत के यूजर्स को क्रिप्टो सेवा देने वाली कंपनियों को FIU-IND के साथ Reporting Entity के रूप में पंजीकरण कराना जरूरी है। इसमें क्रिप्टो को फिएट करेंसी में बदलना, डिजिटल एसेट ट्रांसफर करना और क्रिप्टो की कस्टडी या एडमिनिस्ट्रेशन जैसी सेवाएं शामिल हैं। खास बात यह है कि कंपनी का भारत में फिजिकल ऑफिस न हो, तब भी ये नियम लागू होते हैं। पंजीकृत कंपनियों को रिपोर्टिंग, रिकॉर्ड रखने और PMLA से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियां निभानी होती हैं।
READ MORE: Hunter Biden ने लॉन्च किया $LAPTOP Token, 9 सितंबर से ट्रेडिंग
ऐप और वेबसाइट पर भी हो सकती है रोक
FIU-IND ने सिर्फ नोटिस जारी करने तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। उसने Information Technology Act और इंटरमीडियरी नियमों के तहत संबंधित ऐप और URL को सार्वजनिक पहुंच से हटाने की मांग भी की है। अगर इन निर्देशों को संबंधित इंटरमीडियरी लागू करते हैं, तो भारत में यूजर्स के लिए इन प्लेटफॉर्म तक पहुंच मुश्किल हो सकती है। अभी की कार्रवाई भारत में क्रिप्टो कारोबार पर बढ़ती निगरानी का हिस्सा है। सरकार लगातार उन प्लेटफॉर्म को नियमों के दायरे में लाने की कोशिश कर रही है, जो भारतीय यूजर्स को सेवाएं देते हैं।
READ MORE: Tokenized Bond क्या है? जानें Blockchain से कैसे बदलेगा बाजार
FIU ने क्रिप्टो यूजर्स को फिर चेताया
FIU-IND ने यूजर्स को क्रिप्टो और NFT को लेकर सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। एजेंसी ने कहा कि ये प्रोडक्ट अभी अनरेगुलेटेड हैं और इनमें जोखिम काफी ज्यादा हो सकता है। अगर किसी लेनदेन में पैसा डूबता है, तो यूजर्स को जरूरी नहीं कि नियामकीय मदद या समाधान मिल सके, इसलिए किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से पहले उसके नियमों और भारत में उसकी अनुपालन स्थिति को समझना जरूरी है।
