OSFI Crypto Guidance Canada : कनाडा के बैंकिंग नियामक OSFI ने अब इस सवाल पर स्थिति साफ कर दी है। नियामक ने कहा है कि Tokenized Deposits कानूनी तौर पर सामान्य बैंक डिपॉजिट से अलग नहीं हैं। 10 सितंबर को जारी इस स्पष्टीकरण में Office of the Superintendent of Financial Institutions (OSFI) ने कहा कि किसी वित्तीय उत्पाद को बनाने या इस्तेमाल करने वाली तकनीक उसकी कानूनी स्थिति तय नहीं करती। असल ध्यान उस उत्पाद या सेवा की प्रकृति पर रहता है।
कनाडा में Tokenized Deposits को लेकर बड़ी स्पष्टता आई, जानिए बैंकों को डिजिटल डिपॉजिट शुरू करते समय किन नियमों का पालन करना होगा।
Tokenized Deposits को अलग कानूनी दर्जा नहीं
OSFI के मुताबिक, बैंक अगर किसी डिपॉजिट को डिजिटल रूप में दिखाता है या उसे ब्लॉकचेन पर दर्ज करता है, तो वह अपने आप कोई नई कानूनी श्रेणी नहीं बन जाता। Tokenized Deposit वही डिपॉजिट रहता है, जिसकी जिम्मेदारी बैंक की होती है। डिस्ट्रिब्यूटेड लेजर तकनीक से डिपॉजिट को दिखाने या ट्रांसफर करने का तरीका बदल सकता है, लेकिन इससे उसकी कानूनी पहचान नहीं बदलती। इससे बैंकों को डिजिटल तकनीक आजमाने की ज्यादा गुंजाइश मिलती है। फिर भी बैंकों को मौजूदा नियमों का पालन करना होगा। OSFI ने साफ किया कि नए डिजिटल उत्पादों पर भी लागू कानून और नियमों की जिम्मेदारी वित्तीय संस्थान की ही रहेगी।
बैंकों को साइबर और थर्ड-पार्टी जोखिम पर ध्यान देना होगा
नियामक ने बैंकों को तकनीक और साइबर जोखिम के लिए अपनी B-13 गाइडलाइन का पालन करने को कहा है। इसके साथ ही थर्ड-पार्टी जोखिम के लिए B-10 गाइडलाइन भी लागू रहेगी। अगर कोई बाहरी कंपनी बैंक की ओर से तकनीक या सेवा उपलब्ध कराती है, तब भी जिम्मेदारी बैंक की ही होगी। यानी केवल किसी दूसरी कंपनी के सिस्टम का इस्तेमाल करने से बैंक अपने जोखिम से बच नहीं सकता। OSFI ने बैंकों से कहा है कि किसी नए या अलग तरह के उत्पाद को लॉन्च करने से पहले अपने संबंधित OSFI सुपरवाइजर से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर कानूनी सलाह लेने की भी सलाह दी गई है।
Tokenized Deposits का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा
OSFI का यह ताजा स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है, जब बैंक ब्लॉकचेन आधारित भुगतान व्यवस्था पर तेजी से काम कर रहे हैं। जुलाई 2026 में Swift ने बताया था कि 6 महाद्वीपों के 17 बैंक Tokenized Deposits के जरिए भुगतान की टेस्टिंग में शामिल होंगे। इसमें HSBC, Citi, BNP Paribas, UBS, Standard Chartered, ANZ और DBS जैसे बड़े बैंक शामिल हैं।
सिस्टम का मकसद मौजूदा सेटलमेंट, अनुपालन और जोखिम प्रबंधन व्यवस्था को बनाए रखते हुए सीमा पार भुगतान को आसान बनाना है। अगस्त 2026 में HSBC और Standard Chartered ने Swift के साझा लेजर के जरिए अपने अलग-अलग Tokenized Deposit सिस्टम को जोड़ा। इससे यह संकेत मिला कि बैंकों को एक ही टोकनाइजेशन प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करना जरूरी नहीं है।
Stablecoins पर अलग नियम बनाए जा रहे
OSFI का यह फैसला Stablecoins के लिए व्यापक नियम तय नहीं करता। कनाडा Stablecoins को लेकर अलग व्यवस्था तैयार कर रहा है। 2025 के संघीय बजट में नए Stablecoin नियमों का प्रावधान किया गया था। Bank of Canada को 2026 से दो साल में C$10 million मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित व्यवस्था में Stablecoin जारी करने वालों के लिए पूरी रिजर्व, स्पष्ट रिडेम्पशन नियम और निजी व वित्तीय डेटा की सुरक्षा जैसे प्रावधान शामिल हैं। लेटेस्ट स्थिति में कनाडाई बैंकों के लिए संदेश साफ है। Tokenized Deposits को मौजूदा डिपॉजिट की तरह ही देखा जाएगा, लेकिन नए उत्पाद शुरू करने से पहले बैंकों को OSFI की मंजूरी प्रक्रिया, कानूनी नियम, साइबर सुरक्षा और थर्ड-पार्टी जोखिम की शर्तें पूरी करनी होंगी।
Disclaimer : यह लेख केवल जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। इसे निवेश की सलाह न समझें। इसमें दी गई राय या सुझाव किसी व्यक्ति, विश्लेषक या ब्रोकिंग फर्म के हो सकते हैं। निवेश करने से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह जरूर लें। शेयर बाजार में जोखिम रहता है और बाजार की स्थिति कभी भी बदल सकती है।
