AI की बढ़ती बिजली खपत ने टेक कंपनियों की चिंता बढ़ाई

AI की बढ़ती बिजली खपत ने टेक कंपनियों की चिंता बढ़ाई

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September 3, 2026

AI Boom Climate Pledges : टेक कंपनियां क्लाइमेट कमिटमेंट और रिन्यूएबल एनर्जी के इस्तेमाल में आगे बढ़ी हैं, लेकिन AI की बढ़ती बिजली जरूरतों के मुकाबले उत्सर्जन कम करने की रफ्तार अभी काफी धीमी है। रिपोर्ट को संयुक्त राष्ट्र की International Telecommunication Union (ITU) और World Benchmarking Alliance (WBA) ने जारी किया है। इसमें दुनिया की 200 बड़ी टेक कंपनियों के उत्सर्जन, बिजली खपत, क्लाइमेट टारगेट और रिन्यूएबल एनर्जी इस्तेमाल का आकलन किया गया है। रिपोर्ट में 2024 के डेटा का इस्तेमाल हुआ है।

AI के बढ़ते इस्तेमाल से बढ़ी बिजली की भूख, टेक कंपनियों के उत्सर्जन पर नई रिपोर्ट ने उठाए बड़े सवाल

AI से बढ़ी बिजली और उत्सर्जन की जरूरत

रिपोर्ट के मुताबिक AI एक तरफ ऊर्जा बचाने और दक्षता बढ़ाने में मदद कर रहा है, लेकिन दूसरी तरफ इसकी अपनी पर्यावरणीय कीमत भी है। 2020 से 2024 के बीच चार बड़ी AI और क्लाउड कंपनियों का उत्सर्जन 239% तक बढ़ गया। इसके उलट, इसी अवधि में 14 बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने अपने उत्सर्जन में 11% की कमी की। ITU की प्रमुख Doreen Bogdan-Martin ने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी जलवायु कार्रवाई में बड़ी भूमिका निभा सकती है, लेकिन बढ़ती ऊर्जा जरूरत और उत्सर्जन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

200 कंपनियों ने कितनी बिजली खर्च की?

रिपोर्ट में शामिल 200 कंपनियों ने 2024 में कुल 301 मिलियन टन CO2e ऑपरेशनल उत्सर्जन दर्ज किया। यह दुनिया के ऊर्जा से जुड़े कुल उत्सर्जन का करीब 0.8% है, लेकिन इन कंपनियों की बिजली खपत करीब 500 TWh रही। यह दुनिया की कुल बिजली खपत का लगभग 1.7% है। AI, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के साथ यह मांग आगे और बढ़ने की उम्मीद है।

Amazon ने 2024 की बिजली खपत का आंकड़ा रिपोर्ट नहीं किया। उपलब्ध आंकड़ों में China Mobile सबसे बड़ा उपभोक्ता रहा। उसने करीब 63 TWh बिजली इस्तेमाल की। इसके बाद Alphabet और Samsung ने करीब 32-32 TWh, जबकि Microsoft ने 30 TWh बिजली खर्च की। टॉप 10 बिजली उपभोक्ताओं की कुल खपत 269 TWh रही, जो ऑस्ट्रेलिया की कुल बिजली खपत से भी ज्यादा है।

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क्लाइमेट टारगेट में कितनी कंपनियां आगे?

टेक कंपनियां दुनिया में रिन्यूएबल बिजली की सबसे बड़ी खरीदारों में शामिल हैं। फिर भी सिर्फ 25 कंपनियों ने बताया कि वे 100% रिन्यूएबल बिजली इस्तेमाल करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार 151 कंपनियों ने निकट अवधि में उत्सर्जन घटाने के लक्ष्य तय किए हैं। इन लक्ष्यों के पीछे कंपनियों की अपनी पहल के साथ निवेशकों की उम्मीदें और नए नियम भी बड़ी वजह हैं, लेकिन सिर्फ 85 कंपनियां अब तक की प्रगति के आधार पर अपने लक्ष्य की दिशा में सही रास्ते पर मिलीं।

केवल 81 कंपनियों के पास अपने क्लाइमेट लक्ष्यों को पूरा करने की व्यापक योजना थी। WBA के कार्यकारी निदेशक Gerbrand Haverkamp ने कहा कि डिजिटल कंपनियों को सप्लायर्स के साथ भी काम करना होगा और अपने उत्पादों व सेवाओं से जुड़े उत्सर्जन को कम करना होगा।

किन टेक कंपनियों की क्लाइमेट रैंकिंग सबसे बेहतर?

रिपोर्ट ने हर कंपनी को उसके क्लाइमेट टारगेट, डेटा और प्रदर्शन के आधार पर स्कोर दिया। सबसे ऊपर Swisscom रहा। वह एकमात्र कंपनी थी जिसने परफेक्ट स्कोर हासिल किया। इसके बाद Accenture, Deutsche Telekom, Vodafone, Capgemini और Telefonica का नाम रहा। वहीं, 18 कंपनियों को कोई स्कोर नहीं मिला। इनमें Elon Musk की X और SpaceX भी शामिल हैं। जिन कंपनियों का स्कोर था, उनमें निचली 30 कंपनियों में Huawei, Spotify, Nintendo, Weibo, Xiaomi, Zoom और Toshiba TEC जैसे नाम शामिल रहे।

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AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इनके साथ बिजली की खपत और उत्सर्जन भी बढ़ रहा है। रिपोर्ट का संकेत साफ है कि टेक कंपनियों को सिर्फ रिन्यूएबल बिजली खरीदने के बजाय उत्सर्जन घटाने की रफ्तार भी तेज करनी होगी।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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