Amazon vs SpaceX: Amazon Satellite Internet को लेकर आज बड़ी अपडेट सामने आई है। कंपनी ने पृथ्वी की निचली कक्षा (LEO) में 390 से ज्यादा सैटेलाइट तैनात कर दिए हैं। Amazon का कहना है कि अब उसके पास इस साल के अंत तक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने के लिए जरूरी नेटवर्क तैयार हो चुका है। यह कदम सीधे तौर पर SpaceX के Starlink को चुनौती देने वाला माना जा रहा है।
Amazon Satellite Internet जल्द शुरू, कंपनी ने 390 से ज्यादा सैटेलाइट लॉन्च कर दिए हैं। जानिए यह सेवा कब शुरू होगी।
390 से ज्यादा सैटेलाइट के बाद सेवा शुरू करने की तैयारी
Amazon ने हाल ही में 29 नए सैटेलाइट फ्लोरिडा से United Launch Alliance के Atlas V रॉकेट के जरिए लॉन्च किए। इसके बाद कंपनी के कुल सक्रिय LEO सैटेलाइट की संख्या 390 के पार पहुंच गई। कंपनी के LEO प्रोग्राम प्रमुख क्रिस वेबर ने बताया कि इंजीनियर फिलहाल इन सैटेलाइट्स को उनकी तय कक्षा में स्थापित कर रहे हैं। शुरुआत में सेवा ऊंचे अक्षांश वाले इलाकों में शुरू होगी और बाद में धीरे-धीरे दूसरे क्षेत्रों तक पहुंचाई जाएगी।
Last few launches were big for @AmazonLeo – bringing us to 390+ satellites deployed, enough to support continuous service across initial latitudes.
Still lots of work ahead – including raising all these new satellites to their assigned altitude – but we’ve completed enough… pic.twitter.com/UZb404fXRq
— Chris Weber (@Weber44Chris) July 2, 2026
Leo Ultra एंटीना देगा तेज इंटरनेट
Amazon का नया Leo Ultra एंटीना बिजनेस और आम ग्राहकों दोनों के लिए तेज सैटेलाइट इंटरनेट देने का दावा करता है। इस सेवा की घोषणा नवंबर 2025 में की गई थी। फिलहाल कुछ एंटरप्राइज ग्राहकों के साथ इसकी टेस्टिंग चल रही है। इनमें Hunt Energy Network और एयरलाइन JetBlue जैसी कंपनियां शामिल हैं, जो वास्तविक परिस्थितियों में इस सेवा का परीक्षण कर रही हैं।
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Starlink अभी भी काफी आगे
Amazon ने शुरुआत जरूर कर दी है, लेकिन सैटेलाइट की संख्या के मामले में वह अभी SpaceX से काफी पीछे है।
- Starlink के पास 10,000 से ज्यादा सैटेलाइट हैं।
- यह सेवा 150 से अधिक देशों में 1.2 करोड़ से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुकी है।
- Amazon का लक्ष्य पहले चरण में 3,232 और बाद में 4,504 दूसरी पीढ़ी के सैटेलाइट लॉन्च करने का है।
कंपनी का मानना है कि बड़ा नेटवर्क बनने के बाद वह Starlink को कड़ी टक्कर दे सकेगी।
लॉन्च में आईं कई चुनौतियां
इस साल Amazon को कई तकनीकी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। Blue Origin के New Glenn रॉकेट की टेस्ट फ्लाइट में विस्फोट हो गया था, जबकि ULA के Vulcan रॉकेट की उड़ान भी तकनीकी दिक्कतों के कारण रुकी रही। इसके बावजूद Amazon का कहना है कि वह 2026 के अंत तक अपनी पहली कमर्शियल सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की योजना पर कायम है।
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Amazon अब सैटेलाइट इंटरनेट बाजार में तेज़ी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहा है। हालांकि Starlink अभी काफी आगे है, लेकिन आने वाले वर्षों में दोनों कंपनियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है।
