IAS Deepti Gaur Mukherjee: उच्च शिक्षा विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की IAS अधिकारी दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया है। ऐसे समय में उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है, जब देश की परीक्षा व्यवस्था और NTA को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। दीप्ति गौड़ मुखर्जी अब देश के विश्वविद्यालयों, तकनीकी शिक्षा संस्थानों और राष्ट्रीय शिक्षा नीति से जुड़े अहम कामकाज की जिम्मेदारी संभालेंगी। केंद्र सरकार ने सोमवार देर रात पहले जारी नियुक्ति आदेश में आंशिक बदलाव करते हुए उन्हें इस पद पर नियुक्त किया।
उच्च शिक्षा विभाग ने दीप्ति गौड़ मुखर्जी को नया सचिव बनाया गया, जानिए उनकी नियुक्ति से जुड़े जरूरी तथ्य।
कौन हैं दीप्ति गौड़ मुखर्जी?
दीप्ति गौड़ मुखर्जी मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र में मास्टर्स की पढ़ाई की है। वह 1993 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर से आती हैं। उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिलने से पहले वह कॉरपोरेट अफेयर्स सचिव के पद पर काम कर रही थीं। अब उनके सामने उच्च शिक्षा से जुड़े कई बड़े मुद्दे होंगे। इनमें विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से जुड़े काम, नीतिगत फैसले और राष्ट्रीय शिक्षा नीति का क्रियान्वयन प्रमुख हैं।
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तीन हफ्ते पहले बदली थी जिम्मेदारी
दीप्ति गौड़ मुखर्जी से पहले नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा सचिव बनाया गया था। उन्हें 23 जुलाई को इस पद की जिम्मेदारी मिली थी। गंगवार 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उस समय वह पशुपालन एवं डेयरी विभाग के सचिव थे। उनकी नियुक्ति के बाद सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में परिवार से जुड़े एक सब्सिडी मामले को लेकर सवाल उठे थे।
रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी मां, पत्नी और बेटे को नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड की योजना के तहत व्यावसायिक खीरे की खेती के लिए एक करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी मिली थी। इसके बाद केंद्र सरकार ने उच्च शिक्षा सचिव की नियुक्ति में बदलाव किया और अब दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी दी गई है।
NTA और परीक्षा व्यवस्था पर बड़ी जिम्मेदारी
दीप्ति गौड़ मुखर्जी को यह जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है, जब NTA यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी की कार्यप्रणाली लगातार चर्चा में है। एनटीए के तहत नीट यूजी समेत कई बड़ी प्रवेश और पात्रता परीक्षाएं आती हैं। NEET UG से जुड़े पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया के विवादों के बाद परीक्षा व्यवस्था में सुधार और जवाबदेही को लेकर सरकार पर दबाव रहा है। सरकार ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स भी बनाई थी। ऐसे में नए उच्च शिक्षा सचिव के सामने परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ उच्च शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसलों की जिम्मेदारी होगी।
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दीप्ति गौड़ मुखर्जी की नियुक्ति उच्च शिक्षा विभाग में ताजा प्रशासनिक बदलाव है। अब उनकी भूमिका विश्वविद्यालयों, तकनीकी शिक्षा, राष्ट्रीय शिक्षा नीति और परीक्षा व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अहम रहेगी।
