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Open USD साझेदारी विवाद, Samsung और Dunamu ने दावे नकारे

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July 3, 2026

Open USD Stablecoin: Open USD Stablecoin लॉन्च होने से पहले ही विवादों में घिर गया है। दावा किया गया था कि दुनिया की 140 से ज्यादा बड़ी कंपनियां इस नए डॉलर-आधारित स्टेबलकॉइन नेटवर्क का हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन अब दक्षिण कोरिया की कई नामी कंपनियों ने साफ कहा है कि उन्होंने अभी तक इस प्रोजेक्ट में शामिल होने की कोई औपचारिक मंजूरी नहीं दी। इससे Open USD की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही उसकी साझेदारी पर सवाल उठने लगे हैं।

Open USD Stablecoin की पार्टनर लिस्ट पर सवाल उठे, दक्षिण कोरिया की कई बड़ी कंपनियों ने आधिकारिक साझेदारी से इनकार किया।

Open USD Stablecoin क्या है और क्यों चर्चा में है?

Open USD एक नया पूरी तरह डॉलर रिजर्व से समर्थित स्टेबलकॉइन है। इसे Open Standard नाम के कॉर्पोरेट समूह ने पेश किया है, जिसके संस्थापक और CEO जैक अब्राम्स हैं। कंपनी का दावा है कि इस मॉडल में शामिल पार्टनर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के टोकन जारी और रिडीम कर सकेंगे। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह बताई गई कि रिजर्व से मिलने वाली अतिरिक्त ब्याज आय का बड़ा हिस्सा नेटवर्क में शामिल कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा। लॉन्च के समय कंपनी ने Visa, Mastercard, Stripe, Coinbase, Google, BlackRock, IBM, Ripple, Standard Chartered, DBS जैसी बड़ी कंपनियों के नाम भी अपनी पार्टनर सूची में शामिल किए।

दक्षिण कोरिया की कंपनियों ने दावे पर उठाए सवाल

विवाद तब शुरू हुआ जब दक्षिण कोरिया की मीडिया रिपोर्ट में कई कंपनियों ने Open Standard के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। रिपोर्ट के मुताबिक, Samsung Electronics, Shinhan Financial Group, Dunamu (Upbit), K Bank समेत कई कंपनियों ने कहा कि उन्होंने केवल शुरुआती बातचीत की थी या प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही थी। किसी ने भी अंतिम साझेदारी की पुष्टि नहीं की।

Samsung Electronics के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी को यह भी नहीं पता कि इस प्रोजेक्ट में उसकी क्या भूमिका होगी। वहीं कुछ कंपनियों ने दावा किया कि उन्हें अपनी सदस्यता की जानकारी मीडिया रिपोर्ट के जरिए मिली, जिससे वे खुद भी हैरान रह गईं।

कहां से पैदा हुआ पूरा विवाद?

Open Standard ने अपनी घोषणा में लिखा था कि कंपनियां Open USD इस्तेमाल करने के लिए ‘साइन अप’ कर चुकी हैं। दूसरी तरफ कोरियाई कंपनियों का कहना है कि मामला अभी सिर्फ शुरुआती चर्चा तक सीमित था। यही भाषा का फर्क अब पूरे विवाद की वजह बन गया है। फिलहाल Open Standard ने इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कंपनी ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि उसकी पार्टनर सूची में शामिल सभी कंपनियों की प्रतिबद्धता का स्तर क्या है। हालांकि, Stripe पहले ही Open USD को अपने बिजनेस प्लेटफॉर्म का डिफॉल्ट स्टेबलकॉइन बनाने की बात कह चुका है। वहीं Coinbase भी इसे अपने Base नेटवर्क पर लाने की पुष्टि कर चुका है।

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बाजार पर क्या असर पड़ सकता है?

Open USD की घोषणा के बाद बाजार में बड़ा असर देखने को मिला था। निवेशकों को लगा कि नया नेटवर्क Circle और उसके USDC मॉडल के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, Circle के शेयरों में एक दिन के दौरान 16.38% तक गिरावट दर्ज की गई थी। अब अगर कई घोषित पार्टनर वास्तव में केवल शुरुआती बातचीत के स्तर पर हैं, तो Open USD का नेटवर्क उतनी तेजी से नहीं बढ़ पाएगा जितनी उम्मीद की जा रही थी। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी स्टेबलकॉइन की सफलता आखिरकार उसके असल इस्तेमाल और लेनदेन की मात्रा से तय होगी, केवल बड़ी कंपनियों के नाम जोड़ देने से नहीं।

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अब सबकी नजर Open Standard की अगली प्रतिक्रिया पर है। अगर कंपनी अपनी पार्टनरशिप की स्थिति साफ करती है तो विवाद शांत हो सकता है। लेकिन यदि और कंपनियां भी दूरी बनाती हैं, तो Open USD के लिए लॉन्च से पहले ही भरोसे की चुनौती और बड़ी हो सकती है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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