Apple vs CCI: क्या भारत में Apple मुश्किल में फंस गया है? Apple CCI Case को लेकर अब कंपनी ने बड़ा दावा किया है। Apple ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) की जांच पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जांच टीम ने स्वतंत्र जांच करने के बजाय प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की शिकायतों पर ज्यादा भरोसा किया। कंपनी ने जांच रिपोर्ट को रद्द करने की मांग भी की है।
Apple ने भारत में CCI की एंटीट्रस्ट जांच पर उठाए गंभीर सवाल, जानिए कंपनी ने क्या कहा, मामला क्या है और अगली सुनवाई कब होगी।
Apple ने जांच पर क्या सवाल उठाए?
Apple का कहना है कि जांच रिपोर्ट में कई हिस्से प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की शिकायतों से सीधे लिए गए हैं। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि रिपोर्ट के कुछ अंश 2024 में यूरोपीय संघ के फैसले से मिलते-जुलते हैं, जबकि दोनों बाजार पूरी तरह अलग हैं।
Apple का दावा है कि भारत के स्मार्टफोन बाजार में उसकी हिस्सेदारी 6% से भी कम है। ऐसे में उसे प्रमुख बाजार खिलाड़ी मानना सही नहीं होगा। कंपनी का कहना है कि App Store में बड़े बदलाव उसके कारोबार और डिजिटल इकोसिस्टम में निवेश पर असर डाल सकते हैं।
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21 जुलाई को होगी अहम सुनवाई
इस मामले में 21 जुलाई को CCI के सामने बंद कमरे में सुनवाई होगी। इस दौरान Apple और दूसरे पक्ष अपना पक्ष रखेंगे। फिलहाल CCI ने Apple के नए आरोपों पर कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। अगर जांच में Apple दोषी पाया जाता है तो भारतीय प्रतिस्पर्धा कानून के तहत कंपनी पर जुर्माना लगाया जा सकता है। हालांकि जुर्माने, की राशि को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
भारत में Apple का बढ़ा निवेश
Apple ने अपने पक्ष में यह भी कहा है कि उसका नियामकीय रिकॉर्ड अच्छा रहा है और उसने भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में बड़ा योगदान दिया है। कंपनी के मुताबिक, पिछले 5 वर्षों में भारत से करीब 51 अरब डॉलर मूल्य के iPhone का निर्यात किया गया है। Apple का कहना है कि भारत अब उसकी वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में कंपनी को उम्मीद है कि उसके सभी पक्षों पर निष्पक्ष तरीके से विचार किया जाएगा।
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Apple और CCI के बीच यह मामला अब निर्णायक दौर में पहुंच रहा है। 21 जुलाई की सुनवाई के बाद इस विवाद में आगे की दिशा साफ हो सकती है। इसका असर सिर्फ Apple ही नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल ऐप बाजार और टेक इंडस्ट्री पर भी पड़ सकता है।
