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US ने दिया बड़ा फंड, SandboxAQ बनाएगा नई चिप निर्माण सामग्री

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June 17, 2026

US Chipmaking Funding: अमेरिकी सरकार ने स्टार्टअप SandboxAQ को 500 मिलियन डॉलर (करीब 4,300 करोड़ रुपये) की फंडिंग दी है, ताकि देश में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए नए रसायन और सामग्री विकसित की जा सके। यह निवेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की CHIPS Act रणनीति का हिस्सा है। इसका मकसद अमेरिका की विदेशी सप्लाई चेन पर निर्भरता कम करना और घरेलू तकनीकी क्षमता को बढ़ाना है।

US ने Nvidia-समर्थित SandboxAQ को 500 मिलियन डॉलर दिए: चिप बनाने के नए मटीरियल बेचने का बड़ा मिशन 2026 में शुरू होगा।

AI की मदद से खोजे जाएंगे नए रसायन

SandboxAQ पारंपरिक AI कंपनियों से अलग काम करती है। इसके मॉडल केवल भाषा या कोड पर नहीं, बल्कि वास्तविक वैज्ञानिक प्रयोगों और भौतिक विज्ञान के आंकड़ों पर आधारित हैं। कंपनी अब ऐसे नए रसायनों और सामग्रियों की खोज करेगी जो चिप निर्माण में उपयोग होने वाले विदेशी संसाधनों का विकल्प बन सकें। खासतौर पर उन क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा जहां सप्लाई की समस्या या विदेशी निर्भरता ज्यादा है। SandboxAQ को अप्रैल 2025 में 5.75 बिलियन डॉलर का मूल्यांकन मिला था। अब तक कंपनी 1 बिलियन डॉलर से अधिक निवेश जुटा चुकी है।

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PFAS और रेयर अर्थ पर फोकस

इस परियोजना का एक बड़ा लक्ष्य PFAS रसायनों का विकल्प तैयार करना है। इन्हें ‘फॉरएवर केमिकल्स’ भी कहा जाता है क्योंकि ये पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।

कंपनी चार प्रमुख क्षेत्रों में काम करेगी:

  • PFAS के विकल्प विकसित करना
  • हानिकारक PFAS को कम नुकसानदायक बनाना
  • चिप निर्माण में रासायनिक प्रक्रियाएं तेज करने वाले कैटेलिस्ट बनाना
  • रेयर अर्थ तत्वों के बिना नए मैग्नेट और बैटरी विकसित करना

विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यावरणीय जोखिम कम होंगे और चिप उद्योग को नई दिशा मिलेगी।

चीन पर निर्भरता घटाने की तैयारी

अमेरिका लंबे समय से रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए चीन पर निर्भर रहा है। चिप बनाने वाली मशीनों में इस्तेमाल होने वाले मैग्नेट और बैटरियां इसी सप्लाई चेन से जुड़ी हैं। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि यदि पर्याप्त मैग्नेट उपलब्ध नहीं होंगे तो सेमीकंडक्टर उपकरणों का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से यह परियोजना केवल तकनीकी नहीं बल्कि रणनीतिक महत्व भी रखती है। इससे अमेरिका अपनी घरेलू उत्पादन क्षमता मजबूत करना चाहता है।

सरकार को भी मिलेगा फायदा

इस फंडिंग के बदले अमेरिकी वाणिज्य विभाग SandboxAQ में अल्पांश हिस्सेदारी लेगा। हालांकि, उसे कंपनी के बोर्ड में कोई सीट या मतदान अधिकार नहीं मिलेगा। अगर कंपनी सफलतापूर्वक नए फॉर्मूले विकसित करती है, तो उन्हें औद्योगिक कंपनियों को लाइसेंस किया जाएगा। इससे मिलने वाली रॉयल्टी का हिस्सा अमेरिकी सरकार को भी मिलेगा।

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AI-आधारित चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अमेरिका का यह कदम बहुत अहम माना जा रहा है। 500 मिलियन डॉलर का यह निवेश न सिर्फ़ नई टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगा, बल्कि विदेशी स्रोतों पर निर्भरता कम करने में भी मदद करेगा। आने वाले सालों में ग्लोबल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री पर इसका असर साफ़ तौर पर दिखाई दे सकता है।

Ragini Sinha

Ragini Sinha Analytics Insight में कंटेंट एनालिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। यहां वह स्मार्ट टेक्नोलॉजी, गेमिंग, OTT, क्रिप्टोकरेंसी, ट्रेंडिंग न्यूज और स्टॉक मार्केट जैसे विषयों पर काम करती हैं और जटिल जानकारी को सरल व प्रभावशाली कंटेंट में बदलने के लिए जानी जाती हैं।
मीडिया इंडस्ट्री में 7 सालों के अनुभव के साथ उन्होंने कंटेंट राइटर से लेकर सीनियर कंटेंट राइटर और प्रोग्राम प्रोड्यूसर तक का सफर तय किया है। उन्होंने बिहार चुनाव और दिल्ली चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स को कवर करते हुए ग्राउंड रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण में मजबूत पकड़ बनाई है, जिसके लिए उन्हें पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया है।

रागिनी ने Zee News, NewsTrack, ETV Bharat और Way2News जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम किया है। उन्होंने Makhanlal Chaturvedi National University of Journalism and Communication से बैचलर डिग्री और Bharatiya Vidya Bhavan से Public Relation में अध्ययन किया है।

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