Share Market Today: क्या पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से भारतीय शेयर बाजार को नई रफ्तार मिल रही है? आज सुबह बाजार की शुरुआत देखकर तो यही संकेत मिले। ताज़ा कारोबारी सत्र में सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा चढ़कर खुला, जबकि निफ्टी 23,250 के पार पहुंच गया। निवेशकों का फोकस अभी भी अमेरिका-ईरान युद्धविराम और कच्चे तेल की कीमतों पर बना हुआ है। भारतीय शेयर बाजार में यह तेजी ऐसे समय आई है जब वैश्विक निवेशक पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
Stock Market Today 2026: सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी 23,250 के पार पहुंचा, जानिए बाजार में तेजी की बड़ी वजह।
प्री-ओपन में ही दिखी मजबूत तेजी
मंगलवार सुबह प्री-ओपन सत्र में BSE सेंसेक्स 524.34 अंक की बढ़त के साथ 74,048.60 पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी 136.05 अंक चढ़कर 23,259.05 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलने के बाद भी खरीदारी का माहौल बना रहा। निवेशकों को राहत इस बात से मिली कि फिलहाल पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम होता नजर आ रहा है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और कच्चे तेल की चाल आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगी।
अमेरिका-ईरान युद्धविराम पर टिकी निवेशकों की नजर
निवेशकों की सबसे बड़ी चिंता अभी अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम की स्थिरता को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने फिलहाल इजराइल पर हमले रोक दिए हैं, लेकिन उसने चेतावनी भी दी है कि हालात बिगड़ने पर सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू हो सकती है। यही वजह है कि वैश्विक बाजारों में सतर्कता बनी हुई है। किसी भी नए घटनाक्रम का सीधा असर शेयर बाजार और कमोडिटी बाजार पर पड़ सकता है। एक वरिष्ठ बाजार विश्लेषक ने कहा, फिलहाल निवेशक राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन पश्चिम एशिया से जुड़ी कोई भी बड़ी खबर बाजार में अचानक उतार-चढ़ाव ला सकती है।
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कच्चे तेल में नरमी से भारत को राहत
आज सुबह ब्रेंट क्रूड करीब 0.5 फीसदी गिरकर 93.74 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे बड़े आयातक देशों के लिए सकारात्मक मानी जाती है। जब कच्चा तेल महंगा होता है तो महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, लेकिन फिलहाल तेल में आई नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि पश्चिम एशिया में तनाव फिर बढ़ा तो तेल की कीमतें दोबारा उछल सकती हैं।
एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले मिले-जुले संकेत
एशियाई बाजारों में तस्वीर मिश्रित रही। जापान का निक्केई 225 एक फीसदी से ज्यादा मजबूत हुआ, जबकि ऑस्ट्रेलिया का बाजार कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा। उधर अमेरिका में सोमवार को तकनीकी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। नैस्डैक 0.86 फीसदी और एसएंडपी 500 0.30 फीसदी चढ़कर बंद हुए। हालांकि डॉव जोंस 0.16 फीसदी की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ। सोना और चांदी में भी हल्की कमजोरी देखने को मिली, क्योंकि निवेशक फिलहाल जोखिम वाले निवेश विकल्पों की ओर लौटते नजर आए।
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फिलहाल भारतीय शेयर बाजार की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान संबंधों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों के रुख पर निर्भर करेगी। यदि भू-राजनीतिक तनाव और कम होता है तो बाजार में तेजी का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है।
